{"_id":"61c0cf471dc4b01f656e1cc8","slug":"illegal-dairy-sultanpur-news-lko6098736148","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर के 65 अवैध डेयरी संचालकों के खिलाफ केस दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर के 65 अवैध डेयरी संचालकों के खिलाफ केस दर्ज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर। शहर में अवैध रूप से डेयरी चलाने वालों पर जिला प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। नगर पालिका के प्रभारी ईओ की रिपोर्ट पर शहर के 65 अवैध डेयरी संचालकों के खिलाफ अपर उप जिला मजिस्ट्रेट की कोर्ट में केस दर्ज किया गया है। संबंधित डेयरी संचालकों को डेयरी बंद करने का नोटिस दी दिया गया है।
शहर में वर्षों से अवैध रूप से डेयरी का संचालन किया जा रहा है। इसकी रोकथाम के लिए नगर पालिका परिषद की ओर से पिछले दिनों शहर में अवैध रूप से डेयरी संचालित करने वाले पशुपालकों का सर्वे कराया गया था। सर्वे में खुलासा हुआ कि शहर में कई ऐसे पशुपालक हैं, जो चार से अधिक मवेशी रखे हैं। यह भी पता चला कि ये पशुपालक अपने दुधारू पशुओं से दूध निकालने के बाद शहर में खुला छोड़ देते हैं। छुट्टा मवेशियों की वजह से शहर में यातायात भी बाधित होता है। साथ ही राहगीरों के लिए खतरा बना रहता है। डेयरियों के आसपास सड़कों पर गंदगी होने से संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका भी बनी रहती है।
नगर पालिका की ओर से किसी भी पशुपालक को नगर क्षेत्र में दुग्ध व्यवसाय करने का लाइसेंस नहीं दिया गया है। मुख्य सचिव नगर विकास अनुभाग के शासनादेश व एनजीटी के प्रतिबंध के अनुपालन में प्रभारी ईओ नगर पालिका ने 18 दिसंबर को शहर के 65 अवैध डेयरी संचालकों के खिलाफ अपनी रिपोर्ट अपर उप जिला मजिस्ट्रेट को दी। ईओ की रिपोर्ट पर अपर उप जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय में शहर के 65 अनधिकृत डेयरी संचालकों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। इन डेयरी संचालकों को अपर उप जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय से डेयरी को बंद करने का नोटिस भी जारी किया गया है।
विज्ञापन
अपर उप जिला मजिस्ट्रेट सदर महेंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक शहर में अवैध रूप से संचालित 65 डेयरियों के संचालकों के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 133 के तहत केस दर्ज करते हुए कार्रवाई की गई हैै। इन डेयरी संचालकों को डेयरी बंद करने अथवा डेयरी का संचालन शहर के बाहर करने का नोटिस दिया गया है। डेयरी संचालकों का पक्ष सुनने के लिए इस मुकदमे में अगली तारीख छह जनवरी नियत की गई है।
विज्ञापन
शहर में वर्षों से अवैध रूप से डेयरी का संचालन किया जा रहा है। इसकी रोकथाम के लिए नगर पालिका परिषद की ओर से पिछले दिनों शहर में अवैध रूप से डेयरी संचालित करने वाले पशुपालकों का सर्वे कराया गया था। सर्वे में खुलासा हुआ कि शहर में कई ऐसे पशुपालक हैं, जो चार से अधिक मवेशी रखे हैं। यह भी पता चला कि ये पशुपालक अपने दुधारू पशुओं से दूध निकालने के बाद शहर में खुला छोड़ देते हैं। छुट्टा मवेशियों की वजह से शहर में यातायात भी बाधित होता है। साथ ही राहगीरों के लिए खतरा बना रहता है। डेयरियों के आसपास सड़कों पर गंदगी होने से संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका भी बनी रहती है।
विज्ञापन
नगर पालिका की ओर से किसी भी पशुपालक को नगर क्षेत्र में दुग्ध व्यवसाय करने का लाइसेंस नहीं दिया गया है। मुख्य सचिव नगर विकास अनुभाग के शासनादेश व एनजीटी के प्रतिबंध के अनुपालन में प्रभारी ईओ नगर पालिका ने 18 दिसंबर को शहर के 65 अवैध डेयरी संचालकों के खिलाफ अपनी रिपोर्ट अपर उप जिला मजिस्ट्रेट को दी। ईओ की रिपोर्ट पर अपर उप जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय में शहर के 65 अनधिकृत डेयरी संचालकों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। इन डेयरी संचालकों को अपर उप जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय से डेयरी को बंद करने का नोटिस भी जारी किया गया है।
विज्ञापन
अपर उप जिला मजिस्ट्रेट सदर महेंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक शहर में अवैध रूप से संचालित 65 डेयरियों के संचालकों के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 133 के तहत केस दर्ज करते हुए कार्रवाई की गई हैै। इन डेयरी संचालकों को डेयरी बंद करने अथवा डेयरी का संचालन शहर के बाहर करने का नोटिस दिया गया है। डेयरी संचालकों का पक्ष सुनने के लिए इस मुकदमे में अगली तारीख छह जनवरी नियत की गई है।