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Sultanpur News: 13 साल पुराने हत्या कांड में पति-पत्नी दोषी करार
Wed, 29 Jul 2026 11:28 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Wed, 29 Jul 2026 11:28 PM IST
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सुल्तानपुर। हत्या कर शव छिपाने के करीब 13 साल पुराने मामले में एडीजे चतुर्थ की अदालत ने बुधवार को पति-पत्नी को दोषी करार दिया। अदालत 31 जुलाई को दोनों की सजा पर फैसला सुनाएगी। वहीं, मामले में आरोपी मां-बेटे को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
एडीजे चतुर्थ श्याम मोहन जायसवाल की अदालत ने आरोपी ओमप्रकाश और उसकी पत्नी राजकुमारी को हत्या व साक्ष्य मिटाने समेत अन्य धाराओं में दोषी ठहराया। फैसला सुनाने के बाद अदालत ने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया। दूसरी ओर, आरोपी गोमती देवी और उसके पुत्र राहुल वर्मा को पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर दोषमुक्त कर दिया गया।
अमेठी जिले के मुंशीगंज थाना क्षेत्र के टेरी गांव निवासी राजकुमारी ने 27 मार्च 2013 को स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनके अनुसार पति अयोध्या प्रसाद 26 मार्च को गौरीगंज थाना क्षेत्र के सेनीपुर स्थित अपनी बहन के घर जाने की बात कहकर निकले थे। बेटे चंदन से फोन पर उन्होंने बताया था कि वह पुराने सिनेमा घर के पास रहने वाले रिश्तेदार पंकज के यहां हैं। दोबारा संपर्क करने पर उनका मोबाइल बंद मिला। अगले दिन सुबह नहर के पास अयोध्या प्रसाद का शव बरामद हुआ। आरोप लगाया था कि अयोध्या प्रसाद की हत्या कर साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव नहर में फेंक दिया गया।
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पुलिस विवेचना में गोमती देवी, राहुल वर्मा, ओमप्रकाश और राजकुमारी के नाम सामने आए, जिसके बाद चारों के विरुद्ध आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया गया। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने ओमप्रकाश और राजकुमारी को दोषी करार दिया, जबकि गोमती देवी और राहुल वर्मा को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
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एडीजे चतुर्थ श्याम मोहन जायसवाल की अदालत ने आरोपी ओमप्रकाश और उसकी पत्नी राजकुमारी को हत्या व साक्ष्य मिटाने समेत अन्य धाराओं में दोषी ठहराया। फैसला सुनाने के बाद अदालत ने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया। दूसरी ओर, आरोपी गोमती देवी और उसके पुत्र राहुल वर्मा को पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर दोषमुक्त कर दिया गया।
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अमेठी जिले के मुंशीगंज थाना क्षेत्र के टेरी गांव निवासी राजकुमारी ने 27 मार्च 2013 को स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनके अनुसार पति अयोध्या प्रसाद 26 मार्च को गौरीगंज थाना क्षेत्र के सेनीपुर स्थित अपनी बहन के घर जाने की बात कहकर निकले थे। बेटे चंदन से फोन पर उन्होंने बताया था कि वह पुराने सिनेमा घर के पास रहने वाले रिश्तेदार पंकज के यहां हैं। दोबारा संपर्क करने पर उनका मोबाइल बंद मिला। अगले दिन सुबह नहर के पास अयोध्या प्रसाद का शव बरामद हुआ। आरोप लगाया था कि अयोध्या प्रसाद की हत्या कर साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव नहर में फेंक दिया गया।
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पुलिस विवेचना में गोमती देवी, राहुल वर्मा, ओमप्रकाश और राजकुमारी के नाम सामने आए, जिसके बाद चारों के विरुद्ध आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया गया। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने ओमप्रकाश और राजकुमारी को दोषी करार दिया, जबकि गोमती देवी और राहुल वर्मा को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।