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100 बेड के अस्पताल को नहीं मिल रहे डॉक्टर

Mon, 26 Sep 2022 11:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 26 Sep 2022 11:51 PM IST
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hospital
बिरसिंहपुर में बना सौ शैय्या का अस्पताल। - फोटो : SULTANPUR
सुल्तानपुर। करीब आठ वर्ष के लंबे इंतजार के बाद बनकर तैयार हुए 100 बेड के बिरसिंहपुर अस्पताल को चिकित्सक नहीं मिल पा रहे हैं। साल भर पहले आए लाखों रुपये के चिकित्सा उपकरण धूल फांक रहे हैं। चिकित्सकों के अभाव में क्षेत्र के लोगों को उपचार के लिए 40 से 50 किलोमीटर का सफर तय कर जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है।
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बिरसिंहपुर में अगस्त 2014 में 27 करोड़ रुपये की लागत से 100 बेड के अस्पताल भवन का निर्माण शुरू हुआ था। राजकीय निर्माण निगम को दो साल में अस्पताल को बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। बावजूद इसके तय समय में भवन का निर्माण पूरा नहीं हो सका। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग ने भवन को कार्यदायी संस्था से बचे हुए कार्यों को पूरा करने की शर्त पर हस्तगत कर लिया है। आठ वर्ष की लंबी प्रतीक्षा के बाद भी अस्पताल का संचालन शुरू नहीं हो सका है। करीब वर्ष भर पहले स्वास्थ्य विभाग की ओर से लाखों रुपये के स्वास्थ्य उपकरण अस्पताल को मुहैया करा दिए गए थे। अस्पताल का संचालन नहीं होने से स्वास्थ्य उपकरण धूल फांक रहे हैं।
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इस अस्पताल के शुरू होने से क्षेत्र की करीब 50 हजार आबादी को चिकित्सा सेवाओं में सहूलियत मिलती। बिरसिंहपुर अस्पताल में मरीजों को इमरजेंसी, आईसीयू, ओपीडी, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड के साथ अन्य सुविधाएं मिल सकेंगी। कोविड काल में एहतियातन अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट भी लगा दिया गया था। लगभग सभी व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद भी चिकित्सक की तैनाती नहीं होने से लोगों को निराशा हाथ लगी है।
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अस्पताल शुरू होने से छीतेपट्टी, खालिसपुर, दोस्तपुर, रिहायकपुर बनी, शेरखानपुर, सैलखा, महुआरी आशापुर, हड़ई, मुरैनी, सरायसहावन, व्यासपुर, अर्जुनाईपुर, किसनागरपुर, सेमरी , जयसिंहपुर, गोसैसिंहपुर, बिरसिंहपुर समेत पड़ोसी जिले अंबेडकरनगर के सीमावर्ती गांवों के करीब 50 हजार आबादी को चिकित्सा सेवाओं में सहूलियत मिलती। मजबूरी में क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए 40 से 50 किलोमीटर की दूरी तय कर जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. डीके त्रिपाठी ने बताया कि चिकित्सकों की तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही चिकित्सकों की तैनाती कर दी जाएगी। चिकित्सकों की तैनाती होते ही अस्पताल का संचालन शुरू करा दिया जाएगा।

सीएमएस व स्वास्थ्य कर्मियों की हो चुकी तैनाती
शासन की ओर से अस्पताल में सीएमएस के पद पर डॉ. राजकमल चौरसिया की तैनाती कर दी गई है। चीफ फार्मासिस्ट के पद पर कमलेश्वर त्रिपाठी, हेमंत सिंह व अवधेश यादव, फार्मासिस्ट दीपक तिवारी व आनंद गुप्ता की नियुक्ति की गई है। वार्ड ब्वॉय अवधेश तथा चौकीदार के पद पर इलियास की तैनाती है। अस्पताल में चिकित्सक की तैनाती नहीं होने से मरीजों का इलाज नहीं शुरू हो सका है।
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