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बहुत कठिन है लखनऊ-बलिया हाईवे पर 16 किमी. का सफर
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गोसाईगंज क्षेत्र में लखनऊ-बलिया राजमार्ग की हालत।
- फोटो : SULTANPUR
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सुल्तानपुर। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए डंपरों से मिट्टी की ढुलाई करने के दौरान लखनऊ-बलिया हाईवे गड्ढों में तब्दील हो गया है। बड़े-बड़े गड्ढे होने से हाईवे पर 16 किमी. का सफर काफी मुश्किल है। लोगों की परेशानी को देखते हुए पीडब्ल्यूडी की ओर से कराई जाने वाली सड़क की मरम्मत पर फर्राटा भरते डंपर पानी फेर रहे। पीडब्ल्यूडी ने सड़क को नए सिरे से बनाने का एक प्रस्ताव तैयार किया लेकिन वह शासन स्तर पर मंजूरी के इंतजार में अटका है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए लखनऊ-बलिया राजमार्ग के रास्ते करीब डेढ़ साल से डंपरों के जरिए की मिट्टी की ढुलाई की जा रही है। दिन-रात डंपरों के दौड़ने से हाईवे पर गड्ढे बनते जा रहे हैं। टाटियानगर बाईपास से उघड़पुर चौराहे के पास तक करीब 16 किमी. मार्ग काफी खराब हो गया है। डंपरों से मिट्टी की ढुलाई की वजह से टाटियानगर से हयातनगर तक सड़क की हालत ज्यादा खराब हो गई। रोड पर हुए बड़े-बड़े गड्ढों के चलते चार पहिया वाहने से भी गुजरना आसान नहीं है।
हालांकि लोक निर्माण विभाग की ओर से मार्ग की मरम्मत कराई जा रही है लेकिन डंपरों की वजह से सड़क की हालत फिर खराब होती जाती है। इसे देखते हुए लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड ने सड़क को नए सिरे से बनाने के लिए कई माह पहले शासन को प्रस्ताव भेजा है। शासन से प्रस्ताव की मंजूरी नहीं मिलने व बजट आवंटित न होने से मार्ग का नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है। मरम्मत के बाद भी मार्ग उंचा-नीचा हो गया है। इसकी वजह से दो पहिया व चार पहिया वाहन चालकों को आवाजाही में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
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अधिशाषी अभियंता धर्मेंद्र कुमार अहिरवार ने बताया कि लखनऊ-बलिया राजमार्ग के नवीनीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन से बजट का आवंटन होते ही प्रक्रिया पूरी करके निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। तब तक सड़क की मरम्मत कराकर आवाजाही की सुविधा को बेहतर करने की कोशिश की जा रही है।
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पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए लखनऊ-बलिया राजमार्ग के रास्ते करीब डेढ़ साल से डंपरों के जरिए की मिट्टी की ढुलाई की जा रही है। दिन-रात डंपरों के दौड़ने से हाईवे पर गड्ढे बनते जा रहे हैं। टाटियानगर बाईपास से उघड़पुर चौराहे के पास तक करीब 16 किमी. मार्ग काफी खराब हो गया है। डंपरों से मिट्टी की ढुलाई की वजह से टाटियानगर से हयातनगर तक सड़क की हालत ज्यादा खराब हो गई। रोड पर हुए बड़े-बड़े गड्ढों के चलते चार पहिया वाहने से भी गुजरना आसान नहीं है।
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हालांकि लोक निर्माण विभाग की ओर से मार्ग की मरम्मत कराई जा रही है लेकिन डंपरों की वजह से सड़क की हालत फिर खराब होती जाती है। इसे देखते हुए लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड ने सड़क को नए सिरे से बनाने के लिए कई माह पहले शासन को प्रस्ताव भेजा है। शासन से प्रस्ताव की मंजूरी नहीं मिलने व बजट आवंटित न होने से मार्ग का नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है। मरम्मत के बाद भी मार्ग उंचा-नीचा हो गया है। इसकी वजह से दो पहिया व चार पहिया वाहन चालकों को आवाजाही में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
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अधिशाषी अभियंता धर्मेंद्र कुमार अहिरवार ने बताया कि लखनऊ-बलिया राजमार्ग के नवीनीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन से बजट का आवंटन होते ही प्रक्रिया पूरी करके निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। तब तक सड़क की मरम्मत कराकर आवाजाही की सुविधा को बेहतर करने की कोशिश की जा रही है।