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कोरोना की तीसरी लहर से निपटने को तैयार स्वास्थ्य विभाग
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सुल्तानपुर। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। जिले में सात ऑक्सीजन प्लांट के साथ ही 850 बेड आरक्षित किए गए हैं। 12 वेंटीलेटर के साथ ही जरूरी दवाओं को अस्पताल और सीएचसी पर पहुंचा दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी चिकित्सकों को अलर्ट मोड पर रखा है।
कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन के संकट से निपटने के लिए जिले में बड़े पैमाने पर काम किया गया है। कोविड एल टू मिनी ट्रॉमा सेंटर में 180 एलपीएम, जिला पुरुष व महिला अस्पताल में 960-960 एलपीएम, कादीपुर सीएचसी में 45 एलपीएम, बिरसिंहपुर के 100 बेड के अस्पताल में 333 एलपीएम, लंभुआ सीएचसी पर 200 एलपीएम, जयसिंहपुर सीएचसी पर 200 एलपीएम ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। सभी को क्रियाशील कर दिया गया है।
इसके साथ ही तीसरी लहर से निपटने के लिए अमहट मिनी ट्रॉमा सेंटर स्थित एल-टू में 50 बेड, बिरसिंहपुर हॉस्पिटल में 200 बेड, कटका रामरती इंटर कॉलेज में 150 बेड, श्री विश्वनाथ पीजी कॉलेज कलान में 250 बेड, केएनआईटी में 200 बेड आरक्षित किए गए हैं। जिला महिला अस्पताल में बनाए गए पीकू वार्ड में छह वेंटीलेटर और अमहट स्थित कोविड एल-टू हॉस्पिटल में छह वेंटीलेटर की व्यवस्था पूरी हो चुकी है। दवाओं का स्टॉक अभी से आरक्षित किया जा रहा है। इसमें वायरल, ऑक्सीजन व हार्ट से संबंधित बीमारियों की दवाओं को शामिल किया गया है।
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सीएमओ डॉ. डीके त्रिपाठी ने बताया कि कोरोना के नए वैरिएंट ओ मिक्रॉन से निपटने के लिए तैयारी पूरी हो चुकी है। जिले में कुल सात ऑक्सीजन प्लांट, 850 बेड, और 12 वेंटीलेटर की व्यवस्था हो चुकी है। दवाओं का स्टॉक भी पूरा है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त 200 और बेड की व्यवस्था की जा चुकी है। इसमें कादीपुर सीएचसी पर 10 बेड, लंभुआ में 50, जयसिंहपुर में 50, कुड़वार में 50, और पीकू वार्ड में 40 बेड आरक्षित किए गए हैं। सभी चिकित्सकों को अलर्ट पर रखा गया है।
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कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन के संकट से निपटने के लिए जिले में बड़े पैमाने पर काम किया गया है। कोविड एल टू मिनी ट्रॉमा सेंटर में 180 एलपीएम, जिला पुरुष व महिला अस्पताल में 960-960 एलपीएम, कादीपुर सीएचसी में 45 एलपीएम, बिरसिंहपुर के 100 बेड के अस्पताल में 333 एलपीएम, लंभुआ सीएचसी पर 200 एलपीएम, जयसिंहपुर सीएचसी पर 200 एलपीएम ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। सभी को क्रियाशील कर दिया गया है।
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इसके साथ ही तीसरी लहर से निपटने के लिए अमहट मिनी ट्रॉमा सेंटर स्थित एल-टू में 50 बेड, बिरसिंहपुर हॉस्पिटल में 200 बेड, कटका रामरती इंटर कॉलेज में 150 बेड, श्री विश्वनाथ पीजी कॉलेज कलान में 250 बेड, केएनआईटी में 200 बेड आरक्षित किए गए हैं। जिला महिला अस्पताल में बनाए गए पीकू वार्ड में छह वेंटीलेटर और अमहट स्थित कोविड एल-टू हॉस्पिटल में छह वेंटीलेटर की व्यवस्था पूरी हो चुकी है। दवाओं का स्टॉक अभी से आरक्षित किया जा रहा है। इसमें वायरल, ऑक्सीजन व हार्ट से संबंधित बीमारियों की दवाओं को शामिल किया गया है।
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सीएमओ डॉ. डीके त्रिपाठी ने बताया कि कोरोना के नए वैरिएंट ओ मिक्रॉन से निपटने के लिए तैयारी पूरी हो चुकी है। जिले में कुल सात ऑक्सीजन प्लांट, 850 बेड, और 12 वेंटीलेटर की व्यवस्था हो चुकी है। दवाओं का स्टॉक भी पूरा है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त 200 और बेड की व्यवस्था की जा चुकी है। इसमें कादीपुर सीएचसी पर 10 बेड, लंभुआ में 50, जयसिंहपुर में 50, कुड़वार में 50, और पीकू वार्ड में 40 बेड आरक्षित किए गए हैं। सभी चिकित्सकों को अलर्ट पर रखा गया है।