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स्वास्थ्य सेवाएं ठप, बंद रहा बाजार
सुल्तानपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Dec 2015 10:27 PM IST
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दोपहर तक अमेठी शहर की दुकानों पर ताले लटकते रहे। सीएचसी परिसर में आयोजित शोक सभा में डीएम, एसपी, सीएमओ समेत जिले के स्वास्थ्य कर्मी, अन्य विभागों के कर्मचारियों, नेताओं व स्थानीय लोगों का तांता लगा रहा।
शहर स्थित सीएचसी के अधीक्षक डॉ. पीके सिंह को गत 11 दिसंबर को बाइक सवार बदमाशों ने प्रतापगढ़ के चिलबिला में गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल चिकित्सक का इलाज गुड़गांव स्थित मेदांता अस्पताल में चल रहा था।
शुक्रवार रात करीब नौ बजे इलाज के दौरान पीके सिंह की मौत हो गई थी। यह खबर रात में ही पूरे क्षेत्र में फैल गई। शनिवार सुबह से ही सीएचसी परिसर में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
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स्थानीय सीएचसी, जिला मुख्यालय स्थित संयुक्त जिला चिकित्सालय सहित जिले के सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी छोड़ पूरी तरह स्वास्थ्य सेवाएं बंद कर स्वास्थ्य कर्मी व चिकित्सक अमेठी के लिए निकल पड़े।
शहर के व्यापारी भी अपने प्रतिष्ठान बंद कर अस्पताल में जमा हो गए। दोपहर 12 बजे अस्पताल परिसर में एक शोक सभा आयोजित की गई।
उसमें डीएम जगतराज त्रिपाठी, एसपी हीरालाल, सीएमओ डॉ. आनंद ओझा, एसडीएम सुभाषचंद्र प्रजापति, सीओ आरके चतुर्वेदी, भाजपा नेता अनंत विक्रम सिंह, व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेश अग्रहरि, काबीना मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के प्रतिनिधि विजयपाल व कई विभागों के अधिकारी व कर्मचारियों के साथ ही सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
शोकसभा के बाद व्यापारियों ने अपनी दुकानें खोलीं। जिले के सीएचसी/पीएचसी के चिकित्सकों के अमेठी जाने से ओपीडी ठप रही। इससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ीं।
स्थानीय विधायक व काबीना मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ने डॉ. पीके सिंह की मौत पर शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह की मौत से अमेठी के जनमानस को गहरा आघात लगा है।
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शहर स्थित सीएचसी के अधीक्षक डॉ. पीके सिंह को गत 11 दिसंबर को बाइक सवार बदमाशों ने प्रतापगढ़ के चिलबिला में गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल चिकित्सक का इलाज गुड़गांव स्थित मेदांता अस्पताल में चल रहा था।
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शुक्रवार रात करीब नौ बजे इलाज के दौरान पीके सिंह की मौत हो गई थी। यह खबर रात में ही पूरे क्षेत्र में फैल गई। शनिवार सुबह से ही सीएचसी परिसर में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
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स्थानीय सीएचसी, जिला मुख्यालय स्थित संयुक्त जिला चिकित्सालय सहित जिले के सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी छोड़ पूरी तरह स्वास्थ्य सेवाएं बंद कर स्वास्थ्य कर्मी व चिकित्सक अमेठी के लिए निकल पड़े।
शहर के व्यापारी भी अपने प्रतिष्ठान बंद कर अस्पताल में जमा हो गए। दोपहर 12 बजे अस्पताल परिसर में एक शोक सभा आयोजित की गई।
उसमें डीएम जगतराज त्रिपाठी, एसपी हीरालाल, सीएमओ डॉ. आनंद ओझा, एसडीएम सुभाषचंद्र प्रजापति, सीओ आरके चतुर्वेदी, भाजपा नेता अनंत विक्रम सिंह, व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेश अग्रहरि, काबीना मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के प्रतिनिधि विजयपाल व कई विभागों के अधिकारी व कर्मचारियों के साथ ही सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
शोकसभा के बाद व्यापारियों ने अपनी दुकानें खोलीं। जिले के सीएचसी/पीएचसी के चिकित्सकों के अमेठी जाने से ओपीडी ठप रही। इससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ीं।
स्थानीय विधायक व काबीना मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ने डॉ. पीके सिंह की मौत पर शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह की मौत से अमेठी के जनमानस को गहरा आघात लगा है।