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स्वास्थ्य विभाग ने की 8,000 परदेसियों की स्क्रीनिंग
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सुल्तानपुर। कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने परदेसियों की स्क्रीनिंग शुरू करा दी है। अभी तक जिले में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर करीब आठ हजार लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। स्वास्थ्य टीमें घर-घर पहुंचकर स्क्रीनिंग कर रही हैं। प्रशासन का जोर ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग व ट्रेसिंग पर है। डीएम स्वयं इसकी निगरानी कर रही हैं।
कोरोनो को दूसरे चरण में ही मात देने के लिए प्रशासन ने जिले में ठोस रणनीति पर कार्य शुरू कर दिया है। डीएम सी. इंदुमती का जोर विभिन्न देशों, प्रांतों व जिले से लौटे परदेसियों की स्क्रीनिंग पर है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोगों की टेस्टिंग व ट्रेसिंग का कार्य किया जा रहा है।
टेस्टिंग के लिए डीएम ने स्वास्थ्य विभाग की करीब 350 टीमों को लगाया है। स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर परदेसियों की स्क्रीनिंग कर रही हैं। स्क्रीनिंग की रोजाना की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग की ओर से डीएम को उपलब्ध कराई जा रही है।
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स्क्रीनिंग के दौरान दिल्ली व मुंबई से लौट लोगों पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। डीएम के मुताबिक अभी तक जिले में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों को मिलाकर करीब आठ हजार लोगों की स्क्रीनिंग कराई जा चुकी है। इसमें शहरी क्षेत्र के करीब चार सौ लोग शामिल हैं। करीब 40 दिनों से चल रही स्क्रीनिंग की प्रक्रिया अभी जारी रहेगी। प्रशासन का लक्ष्य सभी परदेसियों समेत अन्य संदिग्धों को ट्रेस करना है।
प्रशासन ने चोरी-छुपे विभिन्न शहरों व प्रांतों से घर पहुंचने वाले परदेसियों की ट्रेसिंग के लिए ग्रामीण क्षेत्र के कर्मचारियों, ग्राम प्रधानों व पुलिस का सहारा लिया है। कर्मचारियों, पुलिस व ग्राम प्रधानों से प्रशासन परदेसियों का पता लगा रहा है। जानकारी मिलने के बाद उनके स्वास्थ्य व क्वारंटीन के बारे में भी जानकारी ली जा रही है। प्रशासन के मुताबिक अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 18 हजार व शहरी क्षेत्र में चार सौ लोग क्वारंटीन किए गए हैं।
विभिन्न देशों, प्रांतों व जिलों से घर पहुंचे लोगों की स्क्रीनिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगाई गई हैं। रोजाना स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से जांच की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग व ट्रेसिंग का है, जिससे कोरोना का संक्रमण जिले में न पनपे। अभी तक फिलहाल जिला सुरक्षित है। - सी. इंदुमती, जिलाधिकारी
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कोरोनो को दूसरे चरण में ही मात देने के लिए प्रशासन ने जिले में ठोस रणनीति पर कार्य शुरू कर दिया है। डीएम सी. इंदुमती का जोर विभिन्न देशों, प्रांतों व जिले से लौटे परदेसियों की स्क्रीनिंग पर है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोगों की टेस्टिंग व ट्रेसिंग का कार्य किया जा रहा है।
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टेस्टिंग के लिए डीएम ने स्वास्थ्य विभाग की करीब 350 टीमों को लगाया है। स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर परदेसियों की स्क्रीनिंग कर रही हैं। स्क्रीनिंग की रोजाना की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग की ओर से डीएम को उपलब्ध कराई जा रही है।
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स्क्रीनिंग के दौरान दिल्ली व मुंबई से लौट लोगों पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। डीएम के मुताबिक अभी तक जिले में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों को मिलाकर करीब आठ हजार लोगों की स्क्रीनिंग कराई जा चुकी है। इसमें शहरी क्षेत्र के करीब चार सौ लोग शामिल हैं। करीब 40 दिनों से चल रही स्क्रीनिंग की प्रक्रिया अभी जारी रहेगी। प्रशासन का लक्ष्य सभी परदेसियों समेत अन्य संदिग्धों को ट्रेस करना है।
प्रशासन ने चोरी-छुपे विभिन्न शहरों व प्रांतों से घर पहुंचने वाले परदेसियों की ट्रेसिंग के लिए ग्रामीण क्षेत्र के कर्मचारियों, ग्राम प्रधानों व पुलिस का सहारा लिया है। कर्मचारियों, पुलिस व ग्राम प्रधानों से प्रशासन परदेसियों का पता लगा रहा है। जानकारी मिलने के बाद उनके स्वास्थ्य व क्वारंटीन के बारे में भी जानकारी ली जा रही है। प्रशासन के मुताबिक अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 18 हजार व शहरी क्षेत्र में चार सौ लोग क्वारंटीन किए गए हैं।
विभिन्न देशों, प्रांतों व जिलों से घर पहुंचे लोगों की स्क्रीनिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगाई गई हैं। रोजाना स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से जांच की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग व ट्रेसिंग का है, जिससे कोरोना का संक्रमण जिले में न पनपे। अभी तक फिलहाल जिला सुरक्षित है। - सी. इंदुमती, जिलाधिकारी