{"_id":"67953c6adbee548f5400518c","slug":"he-used-to-earn-his-living-by-running-a-cart-the-police-had-no-idea-about-it-sultanpur-news-c-103-1-lu11010-126241-2025-01-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: ठेला चला करता था जीवन यापन, पुलिस को नहीं लगी भनक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: ठेला चला करता था जीवन यापन, पुलिस को नहीं लगी भनक
Sun, 26 Jan 2025 01:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 26 Jan 2025 01:02 AM IST
विज्ञापन
मानसिंह
कादीपुर/ सूरापुर (सुल्तानपुर)। यूपी एटीएस की अयोध्या यूनिट ने जिस संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया है, वह कस्बे में ठेला चलाकर जीवन यापन करता था। सुबह दुकानों में झाडू-पोछा करता था, और दिन में ठेले से सामान की ढुलाई करता था। एक छोटे से कमरे में रहकर बड़ा बनने का सपना भी देखा करता था।
एटीएस अयोध्या यूनिट ने शुक्रवार देर शाम जिले के कादीपुर कोतवाली क्षेत्र के तवक्कलपुर नगरा से पंजाब के फाजिल्का निवासी संदिग्ध मानसिंह को गिरफ्तार किया था। कादीपुर कोतवाली लाकर पूछताछ हुई और शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया। उसे 14 दिनों की पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पूछताछ में बताया कि उसने आजमगढ़ जिले के बूढ़नपुर के सरैया के पते से जन्म प्रमाण पत्र बनवाया था। वहां कुछ लोगों को शक होने लगा तो वर्ष 2019 में कादीपुर आया। पहचान छिपाने के लिए ग्रामीण क्षेत्र को चुना और वह सूरापुर के पास तवक्कलपुर नगरा आ गया। उसे बिना किसी सत्यापन के विजय वर्मा के यहां आसानी से किराये का कमरा मिल गया और यहीं रहकर ठेला चलाने लगा। मेहनत के चलते पंजाबी ठेला वाला के नाम पर मशहूर हो गया।
विज्ञापन
यहीं पर कूटरचित तरीके से आधार कार्ड और निवास प्रमाणपत्र भी बनवा लिया। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसने सूरापुर के बैंक ऑफ बड़ौदा में खाता खुलवा लिया। इतना ही नहीं, उसने पासपोर्ट बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किया है।
नौ सौ रुपये नकदी व कूटरचित दस्तावेज बरामद
सीओ कादीपुर विनय गौतम ने बताया कि संदिग्ध के पास से दो मोबाइल सेट व सिम कार्ड व कई कूटरचित दस्तावेज बरामद हुए हैं। एटीएस अयोध्या यूनिट के निरीक्षक दिनेश कुमार पांडेय की तहरीर पर पंजाब के जिला फाजिल्का के अरनी वाला शेख सुभान निवासी मान सिंह पुत्र गुरूबख्श सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उसके बैंक खाते को फ्रीज कर दिया गया है।
लोगों ने कहा, ऐसा तो नहीं था ''मान''
राकेश तिवारी
सुल्तानपुर। पांच साल में ही ''पंजाबी ठेला वाला'' अपनी मेहनत और सरल स्वभाव से सबका दुलारा बन गया। हाड़तोड़ मेहनत करने वाले व्यक्ति को जब एटीएस ने अरेस्ट किया तो भौचक्के रह गए।
काफी देर तक तो लोग समझ ही नहीं पाए कि जिस व्यक्ति को मोहल्ले वाले एक अच्छा इंसान समझ बैठे थे, उसके तालुकात किसी प्रतिबंधित संगठन से होने का शक है। लोगों ने बताया कि एटीएस के गिरफ्त में आया मान सिंह बहुत ही सरल था। लोग उसे पंजाबी ठेला वाला कहकर बुलाते थे। कभी कभी मोहल्ले वालों का सामान भी वह बिना किराया लिए ही ला देता था। कोई परिवार के बारे में पूछा जाता तो वह इतना ही कहता कि पत्नी के अलावा मेरा कोई नहीं है। मुझे बड़ा आदमी बनना है। चाहे जितना मेहनत करना होगा, करेंगे। वह पंजाबी और हिंदी में बात करता था। बैंक खाते से संदिग्ध लेनदेन का शक जताया जा रहा है। बैंक अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं और पुलिस भी एटीएस का मामला बताकर अपना पल्ला झाड़ रही है।
कमरे में अकेला रहता था संदिग्ध युवक
बिल्डिंग मटेरियल का कारोबार करने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि मान सिंह बताता था कि उसकी शादी पड़ोस के सरैया गांव में हुई है। उसने कभी भी अन्य पहचान उजागर नहीं किया। वह लगातार लोगों को गुमराह करता रहता था। पुलिस हिरासत में भी जब उससे उसकी पत्नी के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि पत्नी का नाम रेशमा है और वह कादीपुर के लक्ष्मणपुर गांव की रहने वाली है। जांच की गई तो पता लगा कि वह झूठ बोल रहा था।
बिना सत्यापन के ही मिल गया किराये पर कमरा
जिस मकान में मानसिंह रहता था, वहां से सूरापुर पुलिस चौकी की दूरी महज 100-150 मीटर है। पुलिस हमेशा गश्त भी करती रहती है, लेकिन कभी भी किरायेदारों को सत्यापन नहीं किया। पुलिस को भनक भी नहीं लगी और उसने धीरे-धीरे अपने दस्तावेज भी कूटरचना करके बनवा लिया।
विज्ञापन
एटीएस अयोध्या यूनिट ने शुक्रवार देर शाम जिले के कादीपुर कोतवाली क्षेत्र के तवक्कलपुर नगरा से पंजाब के फाजिल्का निवासी संदिग्ध मानसिंह को गिरफ्तार किया था। कादीपुर कोतवाली लाकर पूछताछ हुई और शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया। उसे 14 दिनों की पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
पूछताछ में बताया कि उसने आजमगढ़ जिले के बूढ़नपुर के सरैया के पते से जन्म प्रमाण पत्र बनवाया था। वहां कुछ लोगों को शक होने लगा तो वर्ष 2019 में कादीपुर आया। पहचान छिपाने के लिए ग्रामीण क्षेत्र को चुना और वह सूरापुर के पास तवक्कलपुर नगरा आ गया। उसे बिना किसी सत्यापन के विजय वर्मा के यहां आसानी से किराये का कमरा मिल गया और यहीं रहकर ठेला चलाने लगा। मेहनत के चलते पंजाबी ठेला वाला के नाम पर मशहूर हो गया।
विज्ञापन
यहीं पर कूटरचित तरीके से आधार कार्ड और निवास प्रमाणपत्र भी बनवा लिया। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसने सूरापुर के बैंक ऑफ बड़ौदा में खाता खुलवा लिया। इतना ही नहीं, उसने पासपोर्ट बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किया है।
नौ सौ रुपये नकदी व कूटरचित दस्तावेज बरामद
सीओ कादीपुर विनय गौतम ने बताया कि संदिग्ध के पास से दो मोबाइल सेट व सिम कार्ड व कई कूटरचित दस्तावेज बरामद हुए हैं। एटीएस अयोध्या यूनिट के निरीक्षक दिनेश कुमार पांडेय की तहरीर पर पंजाब के जिला फाजिल्का के अरनी वाला शेख सुभान निवासी मान सिंह पुत्र गुरूबख्श सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उसके बैंक खाते को फ्रीज कर दिया गया है।
लोगों ने कहा, ऐसा तो नहीं था ''मान''
राकेश तिवारी
सुल्तानपुर। पांच साल में ही ''पंजाबी ठेला वाला'' अपनी मेहनत और सरल स्वभाव से सबका दुलारा बन गया। हाड़तोड़ मेहनत करने वाले व्यक्ति को जब एटीएस ने अरेस्ट किया तो भौचक्के रह गए।
काफी देर तक तो लोग समझ ही नहीं पाए कि जिस व्यक्ति को मोहल्ले वाले एक अच्छा इंसान समझ बैठे थे, उसके तालुकात किसी प्रतिबंधित संगठन से होने का शक है। लोगों ने बताया कि एटीएस के गिरफ्त में आया मान सिंह बहुत ही सरल था। लोग उसे पंजाबी ठेला वाला कहकर बुलाते थे। कभी कभी मोहल्ले वालों का सामान भी वह बिना किराया लिए ही ला देता था। कोई परिवार के बारे में पूछा जाता तो वह इतना ही कहता कि पत्नी के अलावा मेरा कोई नहीं है। मुझे बड़ा आदमी बनना है। चाहे जितना मेहनत करना होगा, करेंगे। वह पंजाबी और हिंदी में बात करता था। बैंक खाते से संदिग्ध लेनदेन का शक जताया जा रहा है। बैंक अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं और पुलिस भी एटीएस का मामला बताकर अपना पल्ला झाड़ रही है।
कमरे में अकेला रहता था संदिग्ध युवक
बिल्डिंग मटेरियल का कारोबार करने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि मान सिंह बताता था कि उसकी शादी पड़ोस के सरैया गांव में हुई है। उसने कभी भी अन्य पहचान उजागर नहीं किया। वह लगातार लोगों को गुमराह करता रहता था। पुलिस हिरासत में भी जब उससे उसकी पत्नी के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि पत्नी का नाम रेशमा है और वह कादीपुर के लक्ष्मणपुर गांव की रहने वाली है। जांच की गई तो पता लगा कि वह झूठ बोल रहा था।
बिना सत्यापन के ही मिल गया किराये पर कमरा
जिस मकान में मानसिंह रहता था, वहां से सूरापुर पुलिस चौकी की दूरी महज 100-150 मीटर है। पुलिस हमेशा गश्त भी करती रहती है, लेकिन कभी भी किरायेदारों को सत्यापन नहीं किया। पुलिस को भनक भी नहीं लगी और उसने धीरे-धीरे अपने दस्तावेज भी कूटरचना करके बनवा लिया।