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Sultanpur News: राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल पर कभी भी लटक सकता है ताला

Wed, 21 Aug 2024 02:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Updated Wed, 21 Aug 2024 02:30 AM IST
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Government Homeopathic Hospital may be locked at any time
सुल्तानपुर। राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल पर कभी भी ताला लटक सकता है। शासनादेश के फेर में अटके इस अस्पताल को चलाने के लिए फिलहाल कोई रास्ता नहीं दिख रहा है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन सीसीयू निर्माण के लिए अस्पताल के भवन को हर हाल में खाली कराना चाहता है और होम्योपैथिक अस्पताल के प्रभारी शासनादेश का हवाला देकर मोहलत मांग रहे हैं। डीएम व सीडीओ ने पहले ही दखल देने से इन्कार कर दिया है। दो दिन की मोहलत भी खत्म हो चुकी है। यहां तक कि होम्योपैथिक अस्पताल के लिए तय सर्किल रेट पर निजी भवन भी किराए पर नहीं मिल रहा है। अस्पताल पर ताला लटका तो बड़ी संख्या में रोगियों को समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
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13 अगस्त को मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरके यादव ने राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर भवन को खाली करने के लिए कहा था। जिसके जवाब में जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. शशिकांत राम ने अस्पताल की स्थापना के लिए 15 दिसंबर 1981 के शासनादेश का हवाला देते हुए स्थान देने की मांग की था। इसके अलावा 20 अगस्त 1996 का शासनादेश दिखाते हुए होम्योपैथिक अस्पताल संचालन के प्रति सीएमएस महिला को उनके दायित्व की याद दिलाई। यही नहीं, वह मदद मांगने डीएम व सीडीओ के पास पहुंचे। डॉ. शशिकांत के मुताबिक डीएम कृत्तिका ज्योत्स्ना और सीडीओ अंकुर कौशिक ने भवन संबंधी किसी दखल से इन्कार कर दिया। जिसके बाद अस्पताल संचालन को लेकर बची-खुची आशाएं भी धूमिल हो गईं।
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दो दिनों की मोहलत खत्म
भवन खाली करने की मोहलत खत्म हो चुकी है। सीएमएस डॉ. आरके यादव ने 17 अगस्त को बिल्डिंग खाली करने के लिए नोटिस भेजा था और दो दिन का वक्त दिया था। मेडिकल कॉलेज प्रशासन कोई भी राहत देने पर विचार नहीं कर रहा है।
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रोड़े अटका रहा होम्योपैथिक प्रशासन
प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने दो टूक कहा कि होम्योपैथिक प्रशासन उनका कोई सहयोग नहीं कर रहा है। ऐसी स्थिति में किसी भी असुविधा के लिए वह खुद जिम्मेदार है। 100 बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए महिला अस्पताल के भवन को गिराया जाना है और इसके लिए निविदा भी हो चुकी है। महिला अस्पताल खाली हो चुका है, केवल होम्योपैथिक प्रशासन रोड़े अटका रहा है। जिस शासनादेश की बात होम्योपैथिक प्रशासन कर रहा है, उसमें स्पष्ट है कि यह जिला अस्पताल पर लागू होता है, मेडिकल कॉलेज पर नहीं। मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग बनने के बाद होम्योपैथिक अस्पताल संचालन के लिए जरूर स्थान तलाशे जाने की मंशा थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन खुद राह में कांटे बिछा रहा है।





स्थान नहीं तो मोहलत ही दे दीजिए
उधर, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. शशिकांत राम ने कहा कि हम तो मेडिकल कॉलेज प्रशासन से केवल स्थान और मोहलत मांग रहे हैं। अगर स्थान नहीं दे सकते तो कम से कम निजी भवन तलाशने के लिए मोहलत तो देनी चाहिए। आखिर इतने कम समय में पांच स्टाफ और चिकित्सकीय सामान, दवाओं का भंडार लेकर हम कहां जाएंगें?





मंगलवार को 366 मरीजों का हुआ इलाज
राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल में मंगलवार को कुल 366 मरीजों का इलाज किया गया, जिसमें 195 नए मरीज थे। चिकित्साधिकारी डॉ. इंद्रजीत व डॉ. अन्नू पांडेय ने बताया कि रोजाना करीब 300 से 350 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। बिना भवन के बड़े पैमाने पर मरीजों का इलाज करना हमारे लिए बड़ी चुनौती होगी।
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