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अनुकूल वातावरण से बढ़ेंगे निवेश के अवसर: राज्यपाल
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12. सुल्तानपुर में संघटक महाविघालय चुग्घूपुर का लोकार्पण करतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल्
- फोटो : SULTANPUR
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सुल्तानपुर। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि प्रदेश में निवेश के लिए शांति, सुरक्षा, सहयोग, बिजली, पानी व शिक्षा जरूरी है। अच्छा वातावरण बनने पर ही निवेश के अवसर बढ़ेंगे। राज्य सरकार की ओर से पिंक योजना के तहत ऐसा प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने घटनाओं को रोकने लिए बच्चों के अभिभावकों की भी जिम्मेदारी बताई। कहा कि वे बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। वह बुधवार को शहर के पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार में आयोजित आंगनबाड़ी किट वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने एक्सप्रेसवे को विकास का रोडमैप बताया। कहा कि इससे निवेश आएगा। इस अवसर पर संघटक महाविद्यालय, कटरा चुग्घूपुर का लोकार्पण भी किया।
राज्यपाल ने आंगनबाड़ी केंद्रों को राज्य की सबसे छोटी इकाई बताया। कहा कि लेकिन यह सबसे महत्वपूर्ण है। यदि आंगनबाड़ी केंद्रों को विकसित किया जाय तो गरीब व साधन विहीन घर के आने वाले बच्चे आगे निकल सकते हैं। उनकी शिक्षा व संस्कार में वृद्धि हो सकेगी लेकिन छोटी इकाई होने की वजह से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बच्चों की प्री प्राइमरी शिक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि बच्चे खेल के जरिए गणित, साइंस सीख सकते हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों को उपलब्ध कराई जाने वाली किट में ऐसी वस्तुएं होनी चाहिए। केंद्रों के स्ट्रक्चर की जानकारी देते हुए उन्होंने शौचालय व पानी की टंकी छोटी बनाने का सुझाव दिया। केंद्रों पर डस्टबिन की जरूरत भी बताया। कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केंद्रों पर बच्चों की मां की तरह कार्य करती हैं। बताया कि प्रदेश में 1600 सेंटरों का 40 से 50 हजार रुपये की मदद से सुधार का प्रयास चल रहा है। सबसे छोटी लेकिन महत्वपूर्ण इकाई होने की वजह से इसके सुधार की जरूरत बताया। उन्होंने पूंजीपतियों से इसके लिए सहयोग की भी अपेक्षा की।
कार्यक्रम में उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मनरेगा, एक जनपद एक उत्पाद, आयुष्मान भारत, पीएम आवास समेत अन्य योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किया। उन्होंने 10 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को किट का वितरण किया। राज्यपाल ने डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के संघटक महाविद्यालय, कटरा चुग्घूपुर का लोकार्पण किया। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय व जिला प्रशासन के सहयोग से 10 आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेने वाले कॉलेज के प्रबंधकों को राज्यपाल ने प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। दोपहर बाद करीब डेढ़ बजे पुलिस लाइन के हेलीपैड पर राजकीय विमान से पहुंची राज्यपाल को गार्ड ऑफ आनर दिया गया। आईजी अयोध्या परिक्षेत्र डॉ. केपी सिंह, डीएम रवीश गुप्ता व एसपी डॉ. विपिन कुमार मिश्र ने हेलीपैड पर राज्यपाल का स्वागत किया। नगरपालिका चेयरमैन बबिता जायसवाल, सदर विधायक सीताराम वर्मा मौजूद रहे। छात्राओं ने स्वागत गीत गाया।
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जनप्रतिनिधियों को बिना बजट वाला कार्य कराने की सलाह
राज्यपाल ने जन प्रतिनिधियों खासकर ग्राम प्रधानों को बिना बजट वाला कार्य कराकर लोगों को समस्याओं से निजात दिलाने की सलाह दी। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का कार्ड बनवाने, प्रसव पीड़िताओं का प्रसव अस्पताल में कराने, कुपोषण को दूर करने व टीबी मुक्त भारत का संकल्प पूरा करने के लिए प्रयास करने की जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि ये कार्य बिना बजट के हो सकते हैं।
टीबी मुक्त भारत व स्वच्छता के बहाने पीएम व सीएम की सराहना
राज्यपाल ने जनप्रतिनिधियों के बहाने वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत करने के लिए गए प्रधानमंत्री के संकल्प की सराहना की। उन्होंने स्वच्छता कार्यक्रम की चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने जब स्वच्छता कार्यक्रम शुरू किया तब बच्चों ने सीखा। अब आंगनबाड़ी केंद्रों से स्वच्छता कार्यक्रम शुरू होना चाहिए। प्रधानमंत्री के साथ ही उन्होंने बड़े सधे शब्दों में प्रदेश के मुख्यमंत्री के कार्यों की सराहना की। कहा कि केंद्र व राज्य सरकार विकास कर रही है।
पारिजात वृक्ष का किया दर्शन
राज्यपाल ने पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार के कार्यक्रम के बाद सिविल लाइन स्थित पारिजात वृक्ष का दर्शन किया। राज्यपाल के पहुंचने पर पुजारी ने उन्हें पारिजात वृक्ष के महत्व के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों से उसकी जानकारी ली।
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राज्यपाल ने आंगनबाड़ी केंद्रों को राज्य की सबसे छोटी इकाई बताया। कहा कि लेकिन यह सबसे महत्वपूर्ण है। यदि आंगनबाड़ी केंद्रों को विकसित किया जाय तो गरीब व साधन विहीन घर के आने वाले बच्चे आगे निकल सकते हैं। उनकी शिक्षा व संस्कार में वृद्धि हो सकेगी लेकिन छोटी इकाई होने की वजह से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बच्चों की प्री प्राइमरी शिक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि बच्चे खेल के जरिए गणित, साइंस सीख सकते हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों को उपलब्ध कराई जाने वाली किट में ऐसी वस्तुएं होनी चाहिए। केंद्रों के स्ट्रक्चर की जानकारी देते हुए उन्होंने शौचालय व पानी की टंकी छोटी बनाने का सुझाव दिया। केंद्रों पर डस्टबिन की जरूरत भी बताया। कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केंद्रों पर बच्चों की मां की तरह कार्य करती हैं। बताया कि प्रदेश में 1600 सेंटरों का 40 से 50 हजार रुपये की मदद से सुधार का प्रयास चल रहा है। सबसे छोटी लेकिन महत्वपूर्ण इकाई होने की वजह से इसके सुधार की जरूरत बताया। उन्होंने पूंजीपतियों से इसके लिए सहयोग की भी अपेक्षा की।
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कार्यक्रम में उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मनरेगा, एक जनपद एक उत्पाद, आयुष्मान भारत, पीएम आवास समेत अन्य योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किया। उन्होंने 10 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को किट का वितरण किया। राज्यपाल ने डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के संघटक महाविद्यालय, कटरा चुग्घूपुर का लोकार्पण किया। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय व जिला प्रशासन के सहयोग से 10 आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेने वाले कॉलेज के प्रबंधकों को राज्यपाल ने प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। दोपहर बाद करीब डेढ़ बजे पुलिस लाइन के हेलीपैड पर राजकीय विमान से पहुंची राज्यपाल को गार्ड ऑफ आनर दिया गया। आईजी अयोध्या परिक्षेत्र डॉ. केपी सिंह, डीएम रवीश गुप्ता व एसपी डॉ. विपिन कुमार मिश्र ने हेलीपैड पर राज्यपाल का स्वागत किया। नगरपालिका चेयरमैन बबिता जायसवाल, सदर विधायक सीताराम वर्मा मौजूद रहे। छात्राओं ने स्वागत गीत गाया।
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जनप्रतिनिधियों को बिना बजट वाला कार्य कराने की सलाह
राज्यपाल ने जन प्रतिनिधियों खासकर ग्राम प्रधानों को बिना बजट वाला कार्य कराकर लोगों को समस्याओं से निजात दिलाने की सलाह दी। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का कार्ड बनवाने, प्रसव पीड़िताओं का प्रसव अस्पताल में कराने, कुपोषण को दूर करने व टीबी मुक्त भारत का संकल्प पूरा करने के लिए प्रयास करने की जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि ये कार्य बिना बजट के हो सकते हैं।
टीबी मुक्त भारत व स्वच्छता के बहाने पीएम व सीएम की सराहना
राज्यपाल ने जनप्रतिनिधियों के बहाने वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत करने के लिए गए प्रधानमंत्री के संकल्प की सराहना की। उन्होंने स्वच्छता कार्यक्रम की चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने जब स्वच्छता कार्यक्रम शुरू किया तब बच्चों ने सीखा। अब आंगनबाड़ी केंद्रों से स्वच्छता कार्यक्रम शुरू होना चाहिए। प्रधानमंत्री के साथ ही उन्होंने बड़े सधे शब्दों में प्रदेश के मुख्यमंत्री के कार्यों की सराहना की। कहा कि केंद्र व राज्य सरकार विकास कर रही है।
पारिजात वृक्ष का किया दर्शन
राज्यपाल ने पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार के कार्यक्रम के बाद सिविल लाइन स्थित पारिजात वृक्ष का दर्शन किया। राज्यपाल के पहुंचने पर पुजारी ने उन्हें पारिजात वृक्ष के महत्व के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों से उसकी जानकारी ली।