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निलंबित प्रधानाध्यापकों का भेज दिया पूरा वेतन
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बल्दीराय (सुल्तानपुर)। क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में तैनात तीन प्रधानाध्यापकों के निलंबन के बाद भी विभागीय लापरवाही से उन्हें पूरा वेतन भेज दिया गया। मामले का खुलासा होने पर खंड शिक्षाधिकारी ने वेतन बनाने वाले लिपिक को स्पष्टीकरण का नोटिस थमाया है।
बेसिक शिक्षा विभाग में लापरवाही का आलम यह है कि क्षेत्र के तीन विद्यालयों के प्रधानाध्यापक निलंबित किए गए थे। शासनादेश के मुताबिक निलंबित शिक्षकों को जीवन निर्वाह भत्ता ही दिया जाना था लेकिन तीनों के दिसंबर का पूरा वेतन उनके खातों में पहुंच गया। बल्दीराय बीआरसी से संबंधित सभी प्रधानाध्यापकों के वेतन बिल बनाने का काम देखने वाले कनिष्ठ लिपिक रोहित रमण यादव को खंड शिक्षाधिकारी ने स्पष्टीकरण का नोटिस दिया है। नोटिस में छह बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
खंड शिक्षाधिकारी ने कहा है कि तथ्यों को छिपाकर बिना बिल संशोधित किए लेखाधिकारी कार्यालय को क्यों भेजा गया। इस बाबत खंड शिक्षाधिकारी मनोजीत राव ने कहा कि संबंधित लिपिक को नोटिस दिया गया था जिसका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिला है। लिपिक ने लगाए गए आरोपों के बारे में कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया है। 25 जनवरी को फिर से एक नोटिस देकर सात दिन के अंदर जवाब मांगा गया है।
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बेसिक शिक्षा विभाग में लापरवाही का आलम यह है कि क्षेत्र के तीन विद्यालयों के प्रधानाध्यापक निलंबित किए गए थे। शासनादेश के मुताबिक निलंबित शिक्षकों को जीवन निर्वाह भत्ता ही दिया जाना था लेकिन तीनों के दिसंबर का पूरा वेतन उनके खातों में पहुंच गया। बल्दीराय बीआरसी से संबंधित सभी प्रधानाध्यापकों के वेतन बिल बनाने का काम देखने वाले कनिष्ठ लिपिक रोहित रमण यादव को खंड शिक्षाधिकारी ने स्पष्टीकरण का नोटिस दिया है। नोटिस में छह बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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खंड शिक्षाधिकारी ने कहा है कि तथ्यों को छिपाकर बिना बिल संशोधित किए लेखाधिकारी कार्यालय को क्यों भेजा गया। इस बाबत खंड शिक्षाधिकारी मनोजीत राव ने कहा कि संबंधित लिपिक को नोटिस दिया गया था जिसका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिला है। लिपिक ने लगाए गए आरोपों के बारे में कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया है। 25 जनवरी को फिर से एक नोटिस देकर सात दिन के अंदर जवाब मांगा गया है।
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