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बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक डायरिया से बेहाल
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सुल्तानपुर। भीषण गर्मी लोगों पर भारी पड़ रही है। लोग संक्रामक बीमारियों की चपेट में आकर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में बेड खचाखच भरे हैं। ज्यादातर मरीज डायरिया और तेज बुखार से पीड़ित हैं। बुधवार को जिला अस्पताल में मरीज व तीमारदार बेहाल नजर आए।
पल-पल बदल रहा मौसम लोगों की दिक्कतें बढ़ा रहा है। तेज धूप और फिर अचानक बादलों के छा जाने से होने वाली नमी लोगों की सेहत बिगाड़ रही है। लोग संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। छोटे बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्ग तक रोज पेट दर्द और तेज बुखार से पीड़ित होकर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों में बच्चों की संख्या ज्यादा है।
जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में बेड खचाखच भरे हैं। चिल्ड्रेन वार्ड में अक्षता (3), जनरल वार्ड में रामपती (90), राम सूरत तिवारी (68), रामदास (80), संकट मोचन (80), त्रिभुवन (28) डायरिया व बुखार से पीड़ित होने पर भर्ती हैं। डायरिया से ग्रस्त बच्चों के अभिभावकों ने बताया कि बच्चों को कई दिन से बुखार, उल्टी व दस्त हो रही थी।
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डॉ. सुधाकर सिंह ने बताया कि बुखार के साथ बदहजमी की शिकायत, भूख न लगना, मिचली आना, मिचली के साथ पतले दस्त की शिकायत, कभी-कभी उल्टी-दस्त की समस्या एक साथ होना डायरिया के प्रमुख लक्षण हैं।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एससी कौशल ने बताया कि डायरिया होने की दशा में ओआरएच घोल निरंतर पिलाएं, डायरिया के साथ बुखार होने पर माथे पर पानी की भीगी पट्टी रखें, तली-भुनी चीजों से पूरी तरह परहेज करें, बासी खाना या नाश्ते का प्रयोग न करें। साथ ही पीड़ित को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा जिला अस्पताल में तत्काल दिखाना चाहिए।
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पल-पल बदल रहा मौसम लोगों की दिक्कतें बढ़ा रहा है। तेज धूप और फिर अचानक बादलों के छा जाने से होने वाली नमी लोगों की सेहत बिगाड़ रही है। लोग संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। छोटे बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्ग तक रोज पेट दर्द और तेज बुखार से पीड़ित होकर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों में बच्चों की संख्या ज्यादा है।
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जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में बेड खचाखच भरे हैं। चिल्ड्रेन वार्ड में अक्षता (3), जनरल वार्ड में रामपती (90), राम सूरत तिवारी (68), रामदास (80), संकट मोचन (80), त्रिभुवन (28) डायरिया व बुखार से पीड़ित होने पर भर्ती हैं। डायरिया से ग्रस्त बच्चों के अभिभावकों ने बताया कि बच्चों को कई दिन से बुखार, उल्टी व दस्त हो रही थी।
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डॉ. सुधाकर सिंह ने बताया कि बुखार के साथ बदहजमी की शिकायत, भूख न लगना, मिचली आना, मिचली के साथ पतले दस्त की शिकायत, कभी-कभी उल्टी-दस्त की समस्या एक साथ होना डायरिया के प्रमुख लक्षण हैं।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एससी कौशल ने बताया कि डायरिया होने की दशा में ओआरएच घोल निरंतर पिलाएं, डायरिया के साथ बुखार होने पर माथे पर पानी की भीगी पट्टी रखें, तली-भुनी चीजों से पूरी तरह परहेज करें, बासी खाना या नाश्ते का प्रयोग न करें। साथ ही पीड़ित को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा जिला अस्पताल में तत्काल दिखाना चाहिए।