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Sultanpur News: कौशल विकास की छह प्रशिक्षणदाता कंपनियां का फर्जीवाड़ा पकड़ा
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सुल्तानपुर। कौशल विकास के कराए जा रहे विभिन्न प्रशिक्षण में बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। प्रकरण की उप जिलाधिकारियों की ओर से कराई गई जांच में प्रशिक्षण देने वाली छह कंपनियों का प्रशिक्षण कागजी पाया गया है। जांच के दौरान रिकॉर्ड भी नहीं मिले हैं। उपजिलाधिकारियों की रिपोर्ट दबाने व संचालन सही न मिलने के आरोप में दो अफसरों समेत छह कंपनियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बीते माह में हुई दिशा की बैठक में प्रकरण उठने पर अध्यक्षता कर रहीं सांसद मेनका गांधी ने कौशल विकास का प्रशिक्षण दे रहीं कंपनियों की जांच कराने का निर्देश डीएम को दिया था। डीएम के निर्देश पर जुलाई माह में विभिन्न तिथियों में सभी उपजिलाधिकारयों ने अपनी तहसीलों के कौशल विकास के प्रशिक्षण केंद्रों का जायजा लिया था। जांच के दौरान माॅर्डन ट्रेनिंग सेंटर के तीन केंद्र, वैल्यूर फैबटेक्स प्रा. लिमिटेड की ओर से लंभुआ के शंभूगंज व कूरेभार के पटना में संचालित केंद्र, डॉ. भीमराव अंबेडकर समिति के बेहराभारी अखंडनगर में प्रशिक्षण में फर्जीवाड़ा मिला है।
एक्टिव इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की ओर से कादीपुर के विवेकानंदनगर में संचालित केंद्र, खादी ग्रामोद्योग सेवा संस्थान की ओर से जयसिंहपुर के चोरमा व मोजैक वर्क स्किल की ओर से लंभुआ के एक प्राथमिक विद्यालय में संचालित केंद्र में गड़बड़ी पकड़ी गई है। जांच के दौरान उप जिलाधिकारियों को प्रशिक्षणार्थी व प्रशिक्षक नहीं मिले। कुछ जगहों पर मामूली प्रशिक्षणार्थी पाए गए। प्रशिक्षण में गड़बड़ी व उप जिलाधिकारियों की रिपोर्ट मिलने के बाद उसे आईटीआई के प्रधानाचार्य दबाए रहे। इसमें सेवायोजन में भी गड़बड़ी पकड़ी गई है।
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जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी जसजीत कौर ने फर्जीवाड़ा करने वाली कंपनियों व प्रधानाचार्य व जिला सेवायोजन अधिकारी पर शिकंजा कस दिया है। डीएम ने प्रधानाचार्य, जिला सेवायोजन अधिकारी समेत छह आरोपी कंपनियों के निदेशकों से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। सही जवाब न मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। परियोजना निदेशक केके पांडेय ने बताया कि डीएम के निर्देश पर आरोपियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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बीते माह में हुई दिशा की बैठक में प्रकरण उठने पर अध्यक्षता कर रहीं सांसद मेनका गांधी ने कौशल विकास का प्रशिक्षण दे रहीं कंपनियों की जांच कराने का निर्देश डीएम को दिया था। डीएम के निर्देश पर जुलाई माह में विभिन्न तिथियों में सभी उपजिलाधिकारयों ने अपनी तहसीलों के कौशल विकास के प्रशिक्षण केंद्रों का जायजा लिया था। जांच के दौरान माॅर्डन ट्रेनिंग सेंटर के तीन केंद्र, वैल्यूर फैबटेक्स प्रा. लिमिटेड की ओर से लंभुआ के शंभूगंज व कूरेभार के पटना में संचालित केंद्र, डॉ. भीमराव अंबेडकर समिति के बेहराभारी अखंडनगर में प्रशिक्षण में फर्जीवाड़ा मिला है।
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एक्टिव इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की ओर से कादीपुर के विवेकानंदनगर में संचालित केंद्र, खादी ग्रामोद्योग सेवा संस्थान की ओर से जयसिंहपुर के चोरमा व मोजैक वर्क स्किल की ओर से लंभुआ के एक प्राथमिक विद्यालय में संचालित केंद्र में गड़बड़ी पकड़ी गई है। जांच के दौरान उप जिलाधिकारियों को प्रशिक्षणार्थी व प्रशिक्षक नहीं मिले। कुछ जगहों पर मामूली प्रशिक्षणार्थी पाए गए। प्रशिक्षण में गड़बड़ी व उप जिलाधिकारियों की रिपोर्ट मिलने के बाद उसे आईटीआई के प्रधानाचार्य दबाए रहे। इसमें सेवायोजन में भी गड़बड़ी पकड़ी गई है।
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जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी जसजीत कौर ने फर्जीवाड़ा करने वाली कंपनियों व प्रधानाचार्य व जिला सेवायोजन अधिकारी पर शिकंजा कस दिया है। डीएम ने प्रधानाचार्य, जिला सेवायोजन अधिकारी समेत छह आरोपी कंपनियों के निदेशकों से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। सही जवाब न मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। परियोजना निदेशक केके पांडेय ने बताया कि डीएम के निर्देश पर आरोपियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।