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तराई के तीन गांवों में कटान तेज, सहमे ग्रामीण
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धनपतगंज के तराई क्षेत्र में भरा पानी।
- फोटो : SULTANPUR
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सुल्तानपुर। बरसात से गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तराई क्षेत्र के गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी के तट पर बसे तीन गांव की ओर कटान तेज होने से ग्रामीण सहमे हुए हैं। तराई में सैकड़ों बीघा फसल के साथ एक संपर्क मार्ग डूब गया है। लगातार पानी बढ़ने व बहाव तेज होने से नदी का जलस्तर सोमवार को बढ़कर 82.10 मीटर पर पहुंच गया है।
बारिश के पानी से तराई क्षेत्र के अमऊ, जासरपुर कोलिया, बगीवा, जज्जौर, धर्मदासपुर व पुरानी नदी के किनारे गयादत्त का पुरवा, गंगा मिश्र का पुरवा, बसंतपुर व माधवपुर आचार्य गांव की सैकड़ों बीघे फसलें पानी में डूब गई हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी का जमाव शुरू हो गया है। पानी से फसलों के नष्ट होने का अंदेशा बढ़ गया है। अमऊ से शंकरगढ़ जाने वाला संपर्क मार्ग करीब 400 मीटर पानी से डूब गया है। नदी में बहाव तेज होने से तट पर बसे कोलिया, अमऊ व जासरपुर गांव के किनारे कटान तेज हो गई है।
कटान से तराई क्षेत्र के ग्रामीण सहमे हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि नदी का जलस्तर यदि ऐसे बढ़ता रहा तो 24 घंटे में गांव पानी से पूरी तरह घिर सकते हैं। बारिश से नदी में उफान आने से बल्दीराय क्षेत्र के तीन गांवों पर भी बाढ़ का खतरा बना है। शहर के सीताकुंड घाट पर पानी मंदिर तक पहुंच गया है। फिलहाल अधिकारी बाढ़ पर नजर रखे हुए हैं। एसडीएम सदर सीपी पाठक ने बताया कि नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। आपदा से निपटने की पूरी तैयारी है।
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बारिश के पानी से तराई क्षेत्र के अमऊ, जासरपुर कोलिया, बगीवा, जज्जौर, धर्मदासपुर व पुरानी नदी के किनारे गयादत्त का पुरवा, गंगा मिश्र का पुरवा, बसंतपुर व माधवपुर आचार्य गांव की सैकड़ों बीघे फसलें पानी में डूब गई हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी का जमाव शुरू हो गया है। पानी से फसलों के नष्ट होने का अंदेशा बढ़ गया है। अमऊ से शंकरगढ़ जाने वाला संपर्क मार्ग करीब 400 मीटर पानी से डूब गया है। नदी में बहाव तेज होने से तट पर बसे कोलिया, अमऊ व जासरपुर गांव के किनारे कटान तेज हो गई है।
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कटान से तराई क्षेत्र के ग्रामीण सहमे हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि नदी का जलस्तर यदि ऐसे बढ़ता रहा तो 24 घंटे में गांव पानी से पूरी तरह घिर सकते हैं। बारिश से नदी में उफान आने से बल्दीराय क्षेत्र के तीन गांवों पर भी बाढ़ का खतरा बना है। शहर के सीताकुंड घाट पर पानी मंदिर तक पहुंच गया है। फिलहाल अधिकारी बाढ़ पर नजर रखे हुए हैं। एसडीएम सदर सीपी पाठक ने बताया कि नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। आपदा से निपटने की पूरी तैयारी है।
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