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Sultanpur News: चीनी मिल के संचालन में देरी से किसानों को दोहरा नुकसान
Fri, 07 Nov 2025 11:21 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 07 Nov 2025 11:21 PM IST
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कूरेभार के बीठलपुर गांव में क्रेशर पर तैयार किया जा रहा गुड़।
द्वारिकागंज। चीनी मिल के संचालन में हो रही देरी से किसानों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है। गेहूं की बोआई को देखते हुए किसान गन्ने की तैयार उपज को औने-पौने दाम में क्रेशरों पर बेचने को मजबूर हैं।
जिले की किसान सहकारी चीनी मिल का मेंटेनेंस कार्य पूरा नहीं हुआ है। जिससे किसानों को गेहूं की विलंब से बोआई का डर सताने लगा है। मजबूरी में किसान अपना गन्ना क्रेशर पर कम दाम में बेच रहे हैं। क्षेत्र में क्रेशर संचालक भी किसानों की लागत और मेहनत पर जमकर पलीता लगा रहे हैं।
चीनी मिल के नहीं चलने से क्रेशर संचालक 280 से 320 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों का गन्ना खरीद रहे हैं। सोनारा के रामदयाल एक ट्रॉली, कटघरा के रामअचल दो ट्रॉली, भटपुरा के राजेश वर्मा एक ट्रॉली और बलरामऊ के दिवाकर दो ट्रॉली गन्ना क्रेशर पर बेच चुके हैं। किसानों ने बताया कि गन्ने का खेत खाली कर गेहूं की बोआई करानी है।
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बॉक्स-
चीनी मिल पर पड़ेगा प्रभाव
चीनी मिल के चलने में हो रहे विलंब से इसका असर मिल पर पड़ेगा। पेराई सत्र के दौरान चीनी मिल पर गन्ने की कमी से मिल को झटका लगना तय माना जा रहा है। जिसमें मिल प्रबंधन को नुकसान उठाना पड़ सकता है। बीते पेराई सत्र के दौरान भी यह समस्या बनी हुई थी। गन्ने के अभाव में कई बार चीनी मिल बंद हुई थी।
चीनी मिल की चल रही मरम्मत
चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि मिल काफी पुरानी है। मरम्मत का कार्य चल रहा है। कुछ सामान बाहर से मंगाए गए हैं। इसके बाद चीनी मिल का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
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जिले की किसान सहकारी चीनी मिल का मेंटेनेंस कार्य पूरा नहीं हुआ है। जिससे किसानों को गेहूं की विलंब से बोआई का डर सताने लगा है। मजबूरी में किसान अपना गन्ना क्रेशर पर कम दाम में बेच रहे हैं। क्षेत्र में क्रेशर संचालक भी किसानों की लागत और मेहनत पर जमकर पलीता लगा रहे हैं।
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चीनी मिल के नहीं चलने से क्रेशर संचालक 280 से 320 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों का गन्ना खरीद रहे हैं। सोनारा के रामदयाल एक ट्रॉली, कटघरा के रामअचल दो ट्रॉली, भटपुरा के राजेश वर्मा एक ट्रॉली और बलरामऊ के दिवाकर दो ट्रॉली गन्ना क्रेशर पर बेच चुके हैं। किसानों ने बताया कि गन्ने का खेत खाली कर गेहूं की बोआई करानी है।
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चीनी मिल पर पड़ेगा प्रभाव
चीनी मिल के चलने में हो रहे विलंब से इसका असर मिल पर पड़ेगा। पेराई सत्र के दौरान चीनी मिल पर गन्ने की कमी से मिल को झटका लगना तय माना जा रहा है। जिसमें मिल प्रबंधन को नुकसान उठाना पड़ सकता है। बीते पेराई सत्र के दौरान भी यह समस्या बनी हुई थी। गन्ने के अभाव में कई बार चीनी मिल बंद हुई थी।
चीनी मिल की चल रही मरम्मत
चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि मिल काफी पुरानी है। मरम्मत का कार्य चल रहा है। कुछ सामान बाहर से मंगाए गए हैं। इसके बाद चीनी मिल का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।