{"_id":"65ac12b09397940e6406298b","slug":"explanation-sought-from-five-gram-panchayat-secretaries-sultanpur-news-c-103-1-slko1044-8592-2024-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: पांच ग्राम पंचायत सचिवों से मांगा गया स्पष्टीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: पांच ग्राम पंचायत सचिवों से मांगा गया स्पष्टीकरण
Sun, 21 Jan 2024 12:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 21 Jan 2024 12:06 AM IST
विज्ञापन
सुल्तानपुर। विकास खंड मोतिगरपुर की दर्जनों ग्राम पंचायताें में तीन गुना दाम पर सफाई किट की आपूर्ति के मामले का मुख्यमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया है। सीएम कार्यालय ने मामले में डीपीआरओ से आख्या मांगी है। मामला उछलने के बाद पंचायतराज विभाग ने ब्लॉक के पांच ग्राम पंचायत सचिवों से जवाब मांगा है।
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा संज्ञान लिए जाने पर पंचायतराज विभाग में हड़कंप मच गया है। खबर की कटिंग पर जवाब मांगे जाने पर एडीओ पंचायत ने विकास खंड के पांच पंचायत सचिवों से स्पष्टीकरण मांगा है। एडीओ पंचायत अरविंद श्रीवास्तव ने पंचायत सचिव रुचि दूबे, रवींद्र दुबे, सुनील कुमार, सचिन कुमार व राजबहादुर को नोटिस देते हुए सफाई किट खरीद के बारे में जवाब मांगा है। समय से जवाब न मिलने पर कार्रवाई की संस्तुति की चेतावनी दी है।
सूत्रों के मुताबिक दिसंबर के आखिर में विकास खंड की गोपालपुर, बड़ागांव, लामाबनकटा, मुड़हा, खनुहट, रामपुर बिरतिहा समेत दर्जन भर से अधिक ग्राम पंचायतों में एक अधिकारी के नाम पर सफाई किट भेज दी गई। कुछ ग्राम पंचायतों की किट गोपालपुर बड़ागांव के पंचायत भवन पर अभी रखी है।
विज्ञापन
फर्म की ओर से पांच-छह हजार रुपये की किट का करीब 18 हजार रुपये का बिल भेजने पर ग्राम प्रधानों व पंचायत सचिवों ने इसका विरोध शुरू कर दिया था। दबाव बनाए जाने पर मामले का खुलासा हुआ था। अमर उजाला ने 12 जनवरी के अंक में इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इस पर सीएम कार्यालय गंभीर हो गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जवाब मांगे जाने पर अधिकारी व कर्मचारी सकते में आ गए हैं। पंचायत सचिव व प्रधान अब भुगतान करने से एकदम किनारे हट गए हैं। खुलासे के बाद अन्य विकास खंडों में सफाई किट की आपूर्ति कराए जाने की योजना पर पानी फिर गया है।
जिला पंचायतराज अधिकारी अभिषेक शुक्ल ने बताया कि निदेशक के निर्देश पर मेरी ओर से ग्राम पंचायतों को नियमानुसार सफाई किट खरीदने का निर्देश दिया था। मेरी तरफ से किसी फर्म को आपूर्ति का काम नहीं दिया गया था। मामले की जांच कराई जाएगी। इसमें दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा संज्ञान लिए जाने पर पंचायतराज विभाग में हड़कंप मच गया है। खबर की कटिंग पर जवाब मांगे जाने पर एडीओ पंचायत ने विकास खंड के पांच पंचायत सचिवों से स्पष्टीकरण मांगा है। एडीओ पंचायत अरविंद श्रीवास्तव ने पंचायत सचिव रुचि दूबे, रवींद्र दुबे, सुनील कुमार, सचिन कुमार व राजबहादुर को नोटिस देते हुए सफाई किट खरीद के बारे में जवाब मांगा है। समय से जवाब न मिलने पर कार्रवाई की संस्तुति की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक दिसंबर के आखिर में विकास खंड की गोपालपुर, बड़ागांव, लामाबनकटा, मुड़हा, खनुहट, रामपुर बिरतिहा समेत दर्जन भर से अधिक ग्राम पंचायतों में एक अधिकारी के नाम पर सफाई किट भेज दी गई। कुछ ग्राम पंचायतों की किट गोपालपुर बड़ागांव के पंचायत भवन पर अभी रखी है।
विज्ञापन
फर्म की ओर से पांच-छह हजार रुपये की किट का करीब 18 हजार रुपये का बिल भेजने पर ग्राम प्रधानों व पंचायत सचिवों ने इसका विरोध शुरू कर दिया था। दबाव बनाए जाने पर मामले का खुलासा हुआ था। अमर उजाला ने 12 जनवरी के अंक में इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इस पर सीएम कार्यालय गंभीर हो गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जवाब मांगे जाने पर अधिकारी व कर्मचारी सकते में आ गए हैं। पंचायत सचिव व प्रधान अब भुगतान करने से एकदम किनारे हट गए हैं। खुलासे के बाद अन्य विकास खंडों में सफाई किट की आपूर्ति कराए जाने की योजना पर पानी फिर गया है।
जिला पंचायतराज अधिकारी अभिषेक शुक्ल ने बताया कि निदेशक के निर्देश पर मेरी ओर से ग्राम पंचायतों को नियमानुसार सफाई किट खरीदने का निर्देश दिया था। मेरी तरफ से किसी फर्म को आपूर्ति का काम नहीं दिया गया था। मामले की जांच कराई जाएगी। इसमें दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।