{"_id":"5fa2c1388ebc3e9be55bbeac","slug":"exclusive-sultanpur-news-lko548599279","type":"story","status":"publish","title_hn":"33 दिन में हुई महज 6,367.10 क्विंटल धान की खरीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
33 दिन में हुई महज 6,367.10 क्विंटल धान की खरीद
विज्ञापन
सुल्तानपुर। जिले में धान खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। पिछले एक अक्तूबर से शुरू हुई धान खरीद 33 दिनों में महज 6,367.10 क्विंटल ही हो पाई है। धान खरीद के लिए बनाए 44 क्रय केंद्रों में से कई क्रय केंद्र बंद पड़े हैं। केवल तीन एजेंसियों के भरोसे खरीद चल रही है। दो एजेंसियों की खरीद ठप पड़ी है। हाइब्रिड धान में रिकवरी कम होने से इसकी खरीदारी नहीं की जा रही है।
शासन के निर्देश पर इस बार जिले में किसानों का धान खरीदने के लिए 44 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। धान खरीद की नोडल एजेंसी विपणन विभाग नामित की गई है। विपणन विभाग के 11 क्रय केंद्र बनाए गए हैं।
पीसीएफ के सर्वाधिक 21 क्रय केंद्र बने हैं। इसके अलावा कर्मचारी कल्याण निगम व एफसीआई के दो-दो और नैफेड के आठ क्रय केंद्र बनाए गए हैं। धान खरीद के लिए 70 हजार एमटी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकारी धान का समर्थन मूल्य 1868 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
विज्ञापन
निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए खरीद एजेंसियां रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। पिछले एक अक्तूबर से धान खरीद की शुरुआत हुई थी। नोडल एजेंसी विपणन विभाग कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार तक 33 दिनों में महज 6367.10 क्विंटल खरीद हो पाई है।
यह खरीद 167 किसानों से की गई है। ज्यादातर किसानों ने अपने खेतों में हाइब्रिड धान की रोपाई कराई है। हाइब्रिड धान में चावल की रिकवरी कम हो रही है। इसको देखते हुए क्रय केंद्रों पर किसानों के हाइब्रिड धान की खरीद नहीं की जा रही है। ऐसे में किसानों को अपना धान व्यापारियों के हाथों औने-पौने दामों में बेंचना पड़ रहा है।
नोडल एजेंसी विपणन विभाग ने 142 किसानों से 5,214.60 क्विंटल धान खरीदा है। पीसीएफ ने 23 किसानों से 1,056.10 क्विंटल व एफसीआई ने दो किसान से 96.40 क्विंटल धान की खरीदारी की है। इसके अलावा कर्मचारी कल्याण निगम व नैफेड की खरीद ठप है।
क्षेत्र के बढ़ौनाडीह में स्थित साधन सहकारी संघ पारसपट्टी में पीसीएफ की ओर से धान खरीद केंद्र बनाया गया है। यहां पर 10,000 क्विंटल धान खरीद का निर्धारित किया गया है। अभी तक दो किसानों से 37 क्विंटल धान की खरीद हुई है। वहीं, साधन सहकारी समिति पदारथपुर उपाध्याय पर बनाए गए क्रय केंद्र के लिए 9,000 क्विंटल लक्ष्य तय किया गया है।
यहां पर लक्ष्य के सापेक्ष एक किसान से 27.60 क्विंटल धान की खरीद हुई है। दोनों केंद्रों का संचालन देख रहे सचिव सत्यदेव दुबे ने बताया कि संघ व समिति पर धान की खरीदारी के लिए 200-200 बोरे मिले थे। अब बोरों की कमी के साथ ही क्षेत्र में करीब 80 फीसदी किसानों के पास हाइब्रिड धान है, जिसमें चावल की रिकवरी करीब 55 किलोग्राम/क्विंटल आती है। जबकि शासन का मानक 67 किलोग्राम/क्विंटल है। ऐसे में चावल की रिकवरी पूरी नहीं हो पाना भी खरीदारी पर प्रभाव डाल रहा है।
विपणन विभाग की ओर से कादीपुर में धान खरीद केंद्र बनाया गया है। विपणन निरीक्षक अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि यहां पर अभी तक 540.80 क्विंटल धान की खरीद की गई है। यह खरीद 19 किसानों से हुई है। उन्होंने बताया कि क्रय केंद्र पर सभी व्यवस्थाएं करा दी गई है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी (डीएफएमओ) विनीता मिश्रा ने बताया कि किसानों के धान की खरीद कराई जा रही है। सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे क्रय केंद्रों पर आने वाले किसानों के धान की खरीद सही ढंग से कराएं। क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए पेयजल व बैठने की व्यवस्था कराई गई है। खरीद का निर्धारित लक्ष्य हासिल करने का प्रयास चल रहा है।
विज्ञापन
शासन के निर्देश पर इस बार जिले में किसानों का धान खरीदने के लिए 44 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। धान खरीद की नोडल एजेंसी विपणन विभाग नामित की गई है। विपणन विभाग के 11 क्रय केंद्र बनाए गए हैं।
विज्ञापन
पीसीएफ के सर्वाधिक 21 क्रय केंद्र बने हैं। इसके अलावा कर्मचारी कल्याण निगम व एफसीआई के दो-दो और नैफेड के आठ क्रय केंद्र बनाए गए हैं। धान खरीद के लिए 70 हजार एमटी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकारी धान का समर्थन मूल्य 1868 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
विज्ञापन
निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए खरीद एजेंसियां रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। पिछले एक अक्तूबर से धान खरीद की शुरुआत हुई थी। नोडल एजेंसी विपणन विभाग कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार तक 33 दिनों में महज 6367.10 क्विंटल खरीद हो पाई है।
यह खरीद 167 किसानों से की गई है। ज्यादातर किसानों ने अपने खेतों में हाइब्रिड धान की रोपाई कराई है। हाइब्रिड धान में चावल की रिकवरी कम हो रही है। इसको देखते हुए क्रय केंद्रों पर किसानों के हाइब्रिड धान की खरीद नहीं की जा रही है। ऐसे में किसानों को अपना धान व्यापारियों के हाथों औने-पौने दामों में बेंचना पड़ रहा है।
नोडल एजेंसी विपणन विभाग ने 142 किसानों से 5,214.60 क्विंटल धान खरीदा है। पीसीएफ ने 23 किसानों से 1,056.10 क्विंटल व एफसीआई ने दो किसान से 96.40 क्विंटल धान की खरीदारी की है। इसके अलावा कर्मचारी कल्याण निगम व नैफेड की खरीद ठप है।
क्षेत्र के बढ़ौनाडीह में स्थित साधन सहकारी संघ पारसपट्टी में पीसीएफ की ओर से धान खरीद केंद्र बनाया गया है। यहां पर 10,000 क्विंटल धान खरीद का निर्धारित किया गया है। अभी तक दो किसानों से 37 क्विंटल धान की खरीद हुई है। वहीं, साधन सहकारी समिति पदारथपुर उपाध्याय पर बनाए गए क्रय केंद्र के लिए 9,000 क्विंटल लक्ष्य तय किया गया है।
यहां पर लक्ष्य के सापेक्ष एक किसान से 27.60 क्विंटल धान की खरीद हुई है। दोनों केंद्रों का संचालन देख रहे सचिव सत्यदेव दुबे ने बताया कि संघ व समिति पर धान की खरीदारी के लिए 200-200 बोरे मिले थे। अब बोरों की कमी के साथ ही क्षेत्र में करीब 80 फीसदी किसानों के पास हाइब्रिड धान है, जिसमें चावल की रिकवरी करीब 55 किलोग्राम/क्विंटल आती है। जबकि शासन का मानक 67 किलोग्राम/क्विंटल है। ऐसे में चावल की रिकवरी पूरी नहीं हो पाना भी खरीदारी पर प्रभाव डाल रहा है।
विपणन विभाग की ओर से कादीपुर में धान खरीद केंद्र बनाया गया है। विपणन निरीक्षक अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि यहां पर अभी तक 540.80 क्विंटल धान की खरीद की गई है। यह खरीद 19 किसानों से हुई है। उन्होंने बताया कि क्रय केंद्र पर सभी व्यवस्थाएं करा दी गई है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी (डीएफएमओ) विनीता मिश्रा ने बताया कि किसानों के धान की खरीद कराई जा रही है। सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे क्रय केंद्रों पर आने वाले किसानों के धान की खरीद सही ढंग से कराएं। क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए पेयजल व बैठने की व्यवस्था कराई गई है। खरीद का निर्धारित लक्ष्य हासिल करने का प्रयास चल रहा है।