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ओएमआर शीट देखकर चकराए कक्षा तीन और पांच के छात्र
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सुल्तानपुर। पहली बार ओएमआर शीट देखकर परिषदीय विद्यालयों के कक्षा तीन व पांच के छात्र असमंजस में पड़ गए। हिंदी मीडियम के छात्रों की कक्ष निरीक्षकों ने बड़ी मुश्किल से इंग्लिश में डिटेल भराई।
नेशनल अचीवमेंट सर्वे की परीक्षा जिले के 225 विद्यालयों में हुई। 35 विद्यालयों में कक्षा तीन, 36 विद्यालयों में कक्षा पांच, 72 विद्यालयों में कक्षा आठ व 82 विद्यालयों में कक्षा 10 के छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में प्रतिभाग किया। परीक्षा में 6206 परीक्षार्थियों को प्रतिभाग करने के लिए चिह्नित किया गया था। ज्यादातर जगहों पर कक्ष निरीक्षक का दायित्व डीएलएड के प्रशिक्षुओं ने निभाया। परीक्षा के संचालन के लिए शिक्षक संकुल के अध्यापक, एआरपी को भी लगाया गया था। परीक्षा प्रभारी का जिम्मा डायट प्रिंसिपल धर्मेंद्र कुमार के पास था। नेशनल अचीवमेंट सर्वे की परीक्षा सुबह साढ़े 10 बजे से आयोजित की गई। प्राथमिक विद्यालयों में परीक्षा के आयोजन में सबसे अधिक दिक्कतें सामने आई। ओएमआर शीट पर पहली बार परीक्षा दे रहे छात्र-छात्राओं को समझाने में कक्ष निरीक्षकों को मशक्कत करनी पड़ी। हिंदी मीडियम के छात्र-छात्राओं को ओएमआर शीट पर डिटेल भरने में परेशानी हुई। कक्ष निरीक्षकों के सहयोग से विवरण भराया गया।
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नेशनल अचीवमेंट सर्वे की परीक्षा जिले के 225 विद्यालयों में हुई। 35 विद्यालयों में कक्षा तीन, 36 विद्यालयों में कक्षा पांच, 72 विद्यालयों में कक्षा आठ व 82 विद्यालयों में कक्षा 10 के छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में प्रतिभाग किया। परीक्षा में 6206 परीक्षार्थियों को प्रतिभाग करने के लिए चिह्नित किया गया था। ज्यादातर जगहों पर कक्ष निरीक्षक का दायित्व डीएलएड के प्रशिक्षुओं ने निभाया। परीक्षा के संचालन के लिए शिक्षक संकुल के अध्यापक, एआरपी को भी लगाया गया था। परीक्षा प्रभारी का जिम्मा डायट प्रिंसिपल धर्मेंद्र कुमार के पास था। नेशनल अचीवमेंट सर्वे की परीक्षा सुबह साढ़े 10 बजे से आयोजित की गई। प्राथमिक विद्यालयों में परीक्षा के आयोजन में सबसे अधिक दिक्कतें सामने आई। ओएमआर शीट पर पहली बार परीक्षा दे रहे छात्र-छात्राओं को समझाने में कक्ष निरीक्षकों को मशक्कत करनी पड़ी। हिंदी मीडियम के छात्र-छात्राओं को ओएमआर शीट पर डिटेल भरने में परेशानी हुई। कक्ष निरीक्षकों के सहयोग से विवरण भराया गया।
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