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22 हजार बुजुर्गों ने मतपत्र के बजाय ईवीएम में दिखाई रुचि
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सुल्तानपुर। विधानसभा चुनाव में करीब 22 हजार बुजुर्ग ईवीएम से ही मतदान करेंगे। आयोग की ओर से उपलब्ध कराई गई सुविधा के बाद भी बुजुर्गों ने मतपत्र से मतदान में रुचि नहीं दिखाई है। समय सीमा बीतने के बाद निर्वाचन कार्यालय ने बुजुर्गों के मतदान संबंधी सूचना आयोग को भेज दी है। मांग करने वाले बुजुर्गों व दिव्यांगों को आयोग की ओर से मतपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।
27 फरवरी को पांचवें चरण में जिले में होने वाले मतदान में बूथों पर पहुंचकर बुजुर्ग भी चुनावी चहल-पहल का मजा लेंगे। बुजुर्गों ने घर पर मतपत्र से वोट करने में रुचि नहीं दिखाई है। आयोग ने 80 वर्ष के ऊपर के बुजुर्गों के बुढ़ापे व असमर्थता को देखते हुए उनका वोट मतपत्र के जरिए घर पर ही टीम भेजकर डलवाने की पहली बार व्यवस्था की है। बुजुर्गों के साथ आयोग ने 40 फीसदी से ऊपर के दिव्यांगों की भी उनके घर पर वोट डलवाने की व्यवस्था की है। व्यवस्था के तहत आयोग ने घर पर मतपत्र से मतदान करने के लिए बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं को एक फॉर्म उपलब्ध कराते हुए आवेदन मांगा था।
चुनाव आयोग ने सभी निर्वाचन अधिकारियों को इसके लिए फॉर्म 12 उपलब्ध कराया था। आयोग के निर्देश पर जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचन अधिकारियों को फॉर्म उपलब्ध कराते हुए उसे बीएलओ के जरिए बुजुर्गों से भरवाने का निर्देश दिया गया था। इसके लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के पांच दिन पहले तक का समय दिया गया था। रिकॉर्ड के मुताबिक जिले में 80 वर्ष से 100 वर्ष व उससे ऊपर की उम्र वाले बुजुर्गों की संख्या करीब 21,921 है। इतनी संख्या के बाद भी बुजुर्गों ने मतपत्र के बजाय ईवीएम से मतदान में रुचि दिखाई है। अधिकांश बुजुर्गों ने घर पर मतपत्र से वोट करने से इंकार कर दिया है। पांचों विधानसभा क्षेत्र से सिर्फ 366 बुजुर्गों ने मतपत्र से वोट करने में दिलचस्पी दिखाई है। इसमें कुछ दिव्यांग वोटर भी शामिल हैं। बुजुर्गों ने मतपत्र के बजाय ईवीएम में रुचि दिखाई है।
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विधानसभा क्षेत्रवार बुजुर्गों की ओर से मांगे गए मतपत्र
आयोग के निर्देश पर जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचन अधिकारियों को मतपत्र संबंधी फॉर्म बुजुर्गों से भरवाने के लिए निर्वाचन अधिकारियों के पास भेजा गया था। अधिकारियों ने बीएलओ को फॉर्म उपलब्ध करवाते हुए उसे बुजुर्गों से भरवाने का निर्देश दिया था। समय सीमा बीतने के बाद पांचों विधानसभा क्षेत्रों से सिर्फ 366 फॉर्म भरे गए। इसमें इसौली से सिर्फ 20, सुल्तानपुर से 108, सदर से 55, लंभुआ से 60 और कादीपुर सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र से सर्वाधिक 123 बुजुर्गों व दिव्यांगों ने मतपत्र की मांग की है।
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27 फरवरी को पांचवें चरण में जिले में होने वाले मतदान में बूथों पर पहुंचकर बुजुर्ग भी चुनावी चहल-पहल का मजा लेंगे। बुजुर्गों ने घर पर मतपत्र से वोट करने में रुचि नहीं दिखाई है। आयोग ने 80 वर्ष के ऊपर के बुजुर्गों के बुढ़ापे व असमर्थता को देखते हुए उनका वोट मतपत्र के जरिए घर पर ही टीम भेजकर डलवाने की पहली बार व्यवस्था की है। बुजुर्गों के साथ आयोग ने 40 फीसदी से ऊपर के दिव्यांगों की भी उनके घर पर वोट डलवाने की व्यवस्था की है। व्यवस्था के तहत आयोग ने घर पर मतपत्र से मतदान करने के लिए बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं को एक फॉर्म उपलब्ध कराते हुए आवेदन मांगा था।
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चुनाव आयोग ने सभी निर्वाचन अधिकारियों को इसके लिए फॉर्म 12 उपलब्ध कराया था। आयोग के निर्देश पर जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचन अधिकारियों को फॉर्म उपलब्ध कराते हुए उसे बीएलओ के जरिए बुजुर्गों से भरवाने का निर्देश दिया गया था। इसके लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के पांच दिन पहले तक का समय दिया गया था। रिकॉर्ड के मुताबिक जिले में 80 वर्ष से 100 वर्ष व उससे ऊपर की उम्र वाले बुजुर्गों की संख्या करीब 21,921 है। इतनी संख्या के बाद भी बुजुर्गों ने मतपत्र के बजाय ईवीएम से मतदान में रुचि दिखाई है। अधिकांश बुजुर्गों ने घर पर मतपत्र से वोट करने से इंकार कर दिया है। पांचों विधानसभा क्षेत्र से सिर्फ 366 बुजुर्गों ने मतपत्र से वोट करने में दिलचस्पी दिखाई है। इसमें कुछ दिव्यांग वोटर भी शामिल हैं। बुजुर्गों ने मतपत्र के बजाय ईवीएम में रुचि दिखाई है।
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विधानसभा क्षेत्रवार बुजुर्गों की ओर से मांगे गए मतपत्र
आयोग के निर्देश पर जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचन अधिकारियों को मतपत्र संबंधी फॉर्म बुजुर्गों से भरवाने के लिए निर्वाचन अधिकारियों के पास भेजा गया था। अधिकारियों ने बीएलओ को फॉर्म उपलब्ध करवाते हुए उसे बुजुर्गों से भरवाने का निर्देश दिया था। समय सीमा बीतने के बाद पांचों विधानसभा क्षेत्रों से सिर्फ 366 फॉर्म भरे गए। इसमें इसौली से सिर्फ 20, सुल्तानपुर से 108, सदर से 55, लंभुआ से 60 और कादीपुर सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र से सर्वाधिक 123 बुजुर्गों व दिव्यांगों ने मतपत्र की मांग की है।