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सिर्फ एक बैंक से जारी हो रहा ई-स्टांप
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सुल्तानपुर। उप निबंधन विभाग में ई-स्टांप पेपर के जरिए बैनामा लेखन की व्यवस्था धराशाई हो गई है। आंकड़े बताते हैं कि माह भर में करीब चार करोड़ रुपये के स्टांप पेपर के हुए प्रयोग में सिर्फ दो लाख के ई-स्टांप की खरीद हो सकी है।
शासन ने करीब पांच वर्ष पहले बैनामा लेखन में पेपरलेस व्यवस्था लागू करने के लिए ई-स्टांप की योजना लागू की थी। इसके लिए शासन ने बैंकों का भी चयन किया था। शुरुआती दौर में शहरी क्षेत्र में व्यवस्था कुछ दौड़ी लेकिन धीरे-धीरे पटरी से उतर गई।
स्थिति यह है कि पूर्व की तरह स्टांप पेपरों का ही प्रयोग बड़े से लेकर छोटे बैनामे तक में हो रहा है। निबंधन विभाग के आंकड़ों बताते हैं कि सितंबर माह में चारों उप निबंधन कार्यालयों में करीब तीन करोड़ 98 लाख 22 हजार के स्टांप पेपरों का प्रयोग विभिन्न बैनामा आदि में हुआ है।
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इसके सापेक्ष ई-स्टांप का प्रयोग सिर्फ एक लाख 98 हजार का ही हो सका है। विभाग के मुताबिक कुछ माह में तो ई-स्टांप का प्रयोग एकदम निल रहता है। स्टांप पेपर के सापेक्ष बैंक से जारी होने वाले ई-स्टांप का प्रयोग तकरीबन न के बराबर होने से शासन के पेपरलेस अभियान को झटका लगा है।
ई-स्टांप व्यवस्था शुरू करते हुए शासन ने जिले में चार बैंकों का चयन किया था। इसमें इलाहाबाद बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक व बैंक ऑफ बड़ौदा की पयागीपुर शाखा को नामित किया गया था। इन्हीं बैंकों से बैनामा के क्रेता को ई-स्टांप जारी किया जाना था।
शासन की ओर से जिले में ई-स्टांप के लिए चयनित चार बैंकों में सिर्फ कॉर्पोरेशन बैंक ही ई-स्टांप जारी कर रही है। अन्य तीन बैंक ई-स्टांप नहीं जारी कर रही हैं। उप निबंधन विभाग के एआईजी (उपमहानिरीक्षक) पंकज सिंह का कहना है कि तीन बैंकों की ओर से ई-स्टांप नहीं जारी होने से भी दिक्कत आ रही है।
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शासन ने करीब पांच वर्ष पहले बैनामा लेखन में पेपरलेस व्यवस्था लागू करने के लिए ई-स्टांप की योजना लागू की थी। इसके लिए शासन ने बैंकों का भी चयन किया था। शुरुआती दौर में शहरी क्षेत्र में व्यवस्था कुछ दौड़ी लेकिन धीरे-धीरे पटरी से उतर गई।
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स्थिति यह है कि पूर्व की तरह स्टांप पेपरों का ही प्रयोग बड़े से लेकर छोटे बैनामे तक में हो रहा है। निबंधन विभाग के आंकड़ों बताते हैं कि सितंबर माह में चारों उप निबंधन कार्यालयों में करीब तीन करोड़ 98 लाख 22 हजार के स्टांप पेपरों का प्रयोग विभिन्न बैनामा आदि में हुआ है।
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इसके सापेक्ष ई-स्टांप का प्रयोग सिर्फ एक लाख 98 हजार का ही हो सका है। विभाग के मुताबिक कुछ माह में तो ई-स्टांप का प्रयोग एकदम निल रहता है। स्टांप पेपर के सापेक्ष बैंक से जारी होने वाले ई-स्टांप का प्रयोग तकरीबन न के बराबर होने से शासन के पेपरलेस अभियान को झटका लगा है।
ई-स्टांप व्यवस्था शुरू करते हुए शासन ने जिले में चार बैंकों का चयन किया था। इसमें इलाहाबाद बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक व बैंक ऑफ बड़ौदा की पयागीपुर शाखा को नामित किया गया था। इन्हीं बैंकों से बैनामा के क्रेता को ई-स्टांप जारी किया जाना था।
शासन की ओर से जिले में ई-स्टांप के लिए चयनित चार बैंकों में सिर्फ कॉर्पोरेशन बैंक ही ई-स्टांप जारी कर रही है। अन्य तीन बैंक ई-स्टांप नहीं जारी कर रही हैं। उप निबंधन विभाग के एआईजी (उपमहानिरीक्षक) पंकज सिंह का कहना है कि तीन बैंकों की ओर से ई-स्टांप नहीं जारी होने से भी दिक्कत आ रही है।