{"_id":"6937124befbe400469080d0c","slug":"due-to-increasing-cold-pressure-increased-in-the-opd-of-the-medical-college-sultanpur-news-c-103-1-slp1007-145897-2025-12-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: ठंड बढ़ने से मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बढ़ा दबाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: ठंड बढ़ने से मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बढ़ा दबाव
Mon, 08 Dec 2025 11:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Mon, 08 Dec 2025 11:30 PM IST
विज्ञापन
सुल्तानपुर। ठंड बढ़ने के साथ ही मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में वायरल संक्रमण के साथ ही बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। सोमवार को ओपीडी में 1842 मरीजों ने इलाज के लिए अपना पंजीयन कराया। इसमें तीन सौ से अधिक मरीज वायरल संक्रमण की शिकायत लेकर आए थे। मरीजों की भीड़ के कारण सुबह से लेकर दोपहर तक रजिस्ट्रेशन और दवाई वितरण काउंटर पर मरीजों की लंबी कतार लगी रही।
ओपीडी में मौजूद चिकित्सक मरीजों को दवा देने के साथ इस ठंड से बचाव की सलाह भी देते दिखे। मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. एसी गुप्ता ने बताया कि ठंड के मौसम में वायरल संक्रमण तेजी से फैलता है। ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। अचानक ठंड लगने, देर तक खुले में रहने और ठंडी चीजें खाने-पीने से लोग सर्दी-जुकाम की चपेट में सकते हैं। बुजुर्गों और सांस की बीमारी से ग्रसित मरीजों को अत्यधिक ठंड में अनावश्यक रूप से बाहर खुले में निकलने से बचना चाहिए।
सर्दी-जुकाम के शुरुआती लक्षण दिखते ही डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है और बिना सलाह के दवा का सेवन नहीं करना चाहिए। छोटे बच्चों व बुजुर्ग लोगों को ठंड से बचाव के लिए टोपी, मोजे और स्वेटर अनिवार्य रूप से पहनाएं। इसके साथ ही पीने के लिए गुनगुना पानी का ही प्रयोग करें।
विज्ञापन
डॉक्टर कोर्ट में, नहीं हुआ अल्ट्रासाउंड
सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज में लगभग चार महीने से अल्ट्रासाउंड व्यवस्था पटरी से उतरी है। विरसिंहपुर 100 बेड अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट को सोमवार व बुधवार को अल्ट्रासाउंड करने के लिए यहां संबद्ध किया गया है। सोमवार को उनके कोर्ट में साक्ष्य के लिए चले जाने पर अल्ट्रासाउंड जांच न हो पाने से मरीजों को काफी परेशानी उठाना पड़ी।
जांच के लिए चार दिन से इंतजार कर रहे मरीजों को बिना जांच कराए निराशा लौटना पड़ा। अल्ट्रासाउंड कराने आए नियाज, जुनैद, मालती, अशोक, राम नयन आदि बाहर चस्पा नोटिस देखकर वापस हो गए। इन लोगों ने बताया कि बीते सप्ताह से अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भटक रहे हैं।
विज्ञापन
ओपीडी में मौजूद चिकित्सक मरीजों को दवा देने के साथ इस ठंड से बचाव की सलाह भी देते दिखे। मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. एसी गुप्ता ने बताया कि ठंड के मौसम में वायरल संक्रमण तेजी से फैलता है। ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। अचानक ठंड लगने, देर तक खुले में रहने और ठंडी चीजें खाने-पीने से लोग सर्दी-जुकाम की चपेट में सकते हैं। बुजुर्गों और सांस की बीमारी से ग्रसित मरीजों को अत्यधिक ठंड में अनावश्यक रूप से बाहर खुले में निकलने से बचना चाहिए।
विज्ञापन
सर्दी-जुकाम के शुरुआती लक्षण दिखते ही डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है और बिना सलाह के दवा का सेवन नहीं करना चाहिए। छोटे बच्चों व बुजुर्ग लोगों को ठंड से बचाव के लिए टोपी, मोजे और स्वेटर अनिवार्य रूप से पहनाएं। इसके साथ ही पीने के लिए गुनगुना पानी का ही प्रयोग करें।
विज्ञापन
डॉक्टर कोर्ट में, नहीं हुआ अल्ट्रासाउंड
सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज में लगभग चार महीने से अल्ट्रासाउंड व्यवस्था पटरी से उतरी है। विरसिंहपुर 100 बेड अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट को सोमवार व बुधवार को अल्ट्रासाउंड करने के लिए यहां संबद्ध किया गया है। सोमवार को उनके कोर्ट में साक्ष्य के लिए चले जाने पर अल्ट्रासाउंड जांच न हो पाने से मरीजों को काफी परेशानी उठाना पड़ी।
जांच के लिए चार दिन से इंतजार कर रहे मरीजों को बिना जांच कराए निराशा लौटना पड़ा। अल्ट्रासाउंड कराने आए नियाज, जुनैद, मालती, अशोक, राम नयन आदि बाहर चस्पा नोटिस देखकर वापस हो गए। इन लोगों ने बताया कि बीते सप्ताह से अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भटक रहे हैं।