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भीषण सूखे से बर्बाद हुए किसान
अमर उजाला ब्यूरो/सुल्तानपुर
Updated Sun, 04 Oct 2015 10:21 PM IST
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जिले के किसान भीषण सूखे की चपेट का दंश झेल रहे हैं। माह भर बीत जाने के बावजूद बारिश नहीं होने से खेतों से नमी गायब हो गई है। पानी के अभाव में धान, तिल, मक्का, बाजरा समेत अन्य फसलें सूख रही हैं। किसानों की गाढ़ी कमाई बर्बाद हो रही है। किसान धान की अधपकी फसल काटकर मवेशियों को खिला दे रहे हैं।
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जिले में इस वर्ष खरीफ सत्र में पिछले साल की अपेक्षा काफी कम बारिश हुई है। वर्ष 2014 में जून व जुलाई माह में कम बारिश होने के बावजूद अगस्त व सितंबर माह में हुई अच्छी बारिश से किसानों को धान समेत अन्य फसलों में अच्छी पैदावार मिल गई थी। मगर वर्ष 2015 में खरीफ सत्र की शुरूआत से ही बारिश की स्थिति अच्छी नहीं रही है। जुलाई माह में 200 मिमी हुई बरसात से किसानों को धान की रोपाई कराने में काफी सहूलियत मिली थी। अगस्त माह में महज 85.50 मिमी हुई बारिश ने धान की फसल की वृद्घि पर ब्रेक लगा दी थी। बारिश के लिहाज से अच्छा माना जाने वाले सितंबर माह ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
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इस माह में जिले में छिटपुट बारिश होने के बावजूद पानी के अभाव में धान समेत अन्य फसलें सूखने लगीं। बीते 30 सितंबर को खरीफ सत्र का समापन हो गया और एक अक्तूबर से रबी सत्र शुरू हो गया। खरीफ सत्र में अपेक्षा से काफी कम बरसात होने से धान, तिल, मक्का, बाजरा समेत अन्य फसलें बर्बाद हो जा रही हैं।
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