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खाली टेंट व सूनी मेजों तक सिमटा दीपावली मेला
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9. सुल्तानपुर में पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार में दीपावली मेले में पसरा सन्नाटा।
- फोटो : SULTANPUR
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सुल्तानपुर। डूडा व नगर पालिका की ओर से शहर के पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार में शुरू हुआ दीपावली मेला अब खाली टेंट व सूनी मेजों तक सिमट गया है। दीपावली तक चलने वो इस आठ दिवसीय मेले में अब सिर्फ टेंट व मेजें ही बची हैं। डूडा व नगर पालिका के अधिकारियों ने भी यहां से किनारा कस लिया है। बुधवार को दिन भर कार्यक्रम स्थल पर सन्नाटा पसरा रहा।
शासन के निर्देश पर प्रत्येक नगर पालिका में डूडा व नगर पालिका की ओर से दीपावली मेले का शुभारंभ पिछले 28 अक्तूबर को किया गया था। मेले के आयोजन का उद्देश्य स्ट्रीट वेंडरों व महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त करना था। स्ट्रीट वेंडरों व महिला स्वयं सहायता समूहों की दुकानें लगाकर वहां पर उनके उत्पादों की बिक्री कराई जानी थी। मेले में भीड़ बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन होने थे।
शहर के पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार में भी डूडा व नगर पालिका की ओर से जिले के प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मेले का शुभारंभ किया गया। अधिकारियों के हटते आधे से अधिक दुकानदार चले गए। आठ दिवसीय मेला बृहस्पतिवार दीपावली के दिन बृहस्पतिवार तक होना है।
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बुधवार को मेला स्थल पर खाली टेंट व सूनी मेजें दिखाई दीं। महज एक-दो लोग टहलते दिखाई दिए। मेला स्थल पर पहुंची महिला स्वयं सहायता समूह की एक महिला ने बताया कि दीपावली मेले में काफी नुकसान हुआ। अधिकारियों की उदासीनता से उत्पादों की बिक्री नहीं हुई। डूडा व नगर पालिका के अधिकारी कुछ बोलने का तैयार नहीं हैं।
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शासन के निर्देश पर प्रत्येक नगर पालिका में डूडा व नगर पालिका की ओर से दीपावली मेले का शुभारंभ पिछले 28 अक्तूबर को किया गया था। मेले के आयोजन का उद्देश्य स्ट्रीट वेंडरों व महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त करना था। स्ट्रीट वेंडरों व महिला स्वयं सहायता समूहों की दुकानें लगाकर वहां पर उनके उत्पादों की बिक्री कराई जानी थी। मेले में भीड़ बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन होने थे।
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शहर के पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार में भी डूडा व नगर पालिका की ओर से जिले के प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मेले का शुभारंभ किया गया। अधिकारियों के हटते आधे से अधिक दुकानदार चले गए। आठ दिवसीय मेला बृहस्पतिवार दीपावली के दिन बृहस्पतिवार तक होना है।
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बुधवार को मेला स्थल पर खाली टेंट व सूनी मेजें दिखाई दीं। महज एक-दो लोग टहलते दिखाई दिए। मेला स्थल पर पहुंची महिला स्वयं सहायता समूह की एक महिला ने बताया कि दीपावली मेले में काफी नुकसान हुआ। अधिकारियों की उदासीनता से उत्पादों की बिक्री नहीं हुई। डूडा व नगर पालिका के अधिकारी कुछ बोलने का तैयार नहीं हैं।