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इन मुहूर्तों में करें लक्ष्मी-गणेश पूजन
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इन मुहूर्तों में करें लक्ष्मी-गणेश पूजन
सुल्तानपुर। शहर के चौक स्थित हनुमानगढ़ी के पुजारी पं. रमाकांत पांडेय ने बताया कि लक्ष्मी-गणेश पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5:52 से 7:48 और देर रात्रि 12:20 से 2:35 बजे तक है। दीप पर्व बृहस्पतिवार को होने की वजह से बहुत से लोगों में सरसों के तेल का दीया जलाने को लेकर उहापोह में हैं। त्योहार को देखते हुए लोग दिवाली पर सरसों के तेल का दीपक जला सकते हैं।
लक्ष्मी-गणेश के पूजन में लगने वाली सामग्री
दूबेपुर विकास खंड के तिवारीपुर फतेहपुर गांव के स्थित शिव मंदिर के पुजारी पं. रामकिशोर त्रिपाठी ने बताया कि दीपावली पर्व में लक्ष्मी-गणेश का पूजन शुभ मुहूर्त में करना चाहिए। माता लक्ष्मी को लाल-गुलाबी या पीले रंग का रेशमी वस्त्र बहुत पसंद है। फल में श्रीफल, सीताफल, बेर, अनार व सिंघाड़े प्रिय हैं। सुगंध में केवड़ा, गुलाब व चंदन के इत्र का प्रयोग इनकी पूजा में अवश्य करें। अनाज में चावल व मिठाई में घर की बनी शुद्ध मिठाई उपयुक्त है। प्रकाश के लिए गाय का घी, मूंगफली या फिर तिली का तेल इनको शीघ्र खुश करता है। संवाद
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सुल्तानपुर। शहर के चौक स्थित हनुमानगढ़ी के पुजारी पं. रमाकांत पांडेय ने बताया कि लक्ष्मी-गणेश पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5:52 से 7:48 और देर रात्रि 12:20 से 2:35 बजे तक है। दीप पर्व बृहस्पतिवार को होने की वजह से बहुत से लोगों में सरसों के तेल का दीया जलाने को लेकर उहापोह में हैं। त्योहार को देखते हुए लोग दिवाली पर सरसों के तेल का दीपक जला सकते हैं।
लक्ष्मी-गणेश के पूजन में लगने वाली सामग्री
दूबेपुर विकास खंड के तिवारीपुर फतेहपुर गांव के स्थित शिव मंदिर के पुजारी पं. रामकिशोर त्रिपाठी ने बताया कि दीपावली पर्व में लक्ष्मी-गणेश का पूजन शुभ मुहूर्त में करना चाहिए। माता लक्ष्मी को लाल-गुलाबी या पीले रंग का रेशमी वस्त्र बहुत पसंद है। फल में श्रीफल, सीताफल, बेर, अनार व सिंघाड़े प्रिय हैं। सुगंध में केवड़ा, गुलाब व चंदन के इत्र का प्रयोग इनकी पूजा में अवश्य करें। अनाज में चावल व मिठाई में घर की बनी शुद्ध मिठाई उपयुक्त है। प्रकाश के लिए गाय का घी, मूंगफली या फिर तिली का तेल इनको शीघ्र खुश करता है। संवाद
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