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दिवाली ने कारोबारियों के चेहरे पर बिखेरी चमक
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सुल्तानपुर चौक में खरीदारी करते लोग।
- फोटो : SULTANPUR
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सुल्तानपुर। कोरोना काल के दौरान पिछले दो साल की तुलना में इस बार धनतेरस व दिवाली पर्व पर जिले में बेहतर कारोबार हुआ। दो दिन के धनतेरस पर्व पर कुल मिलाकर करीब 175 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है। यह पिछले साल की तुलना में करीब डेढ़ गुना है। कोरोना के दो साल बाद बाजारों में रौनक आने से व्यापारी वर्ग गदगद है।
जिले में वर्ष 2020 में कोविड-19 अपने चरम पर था। लॉकडाउन के चलते लोगों को घरों से निकलने के लिए पाबंदी लगा दी गई थी। इस वजह से 2020 में धनतेरस व दीपावली पर्व में कोई खास कारोबार नहीं हो पाया था। वर्ष 2021 में भी कोरोना का प्रकोप था लेकिन स्थिति सामान्य होने लगी थी। इसलिए धनतेरस पर्व पर 110 करोड़ का कारोबार हुआ था।
इसमें चार पहिया वाहन 25 करोड़, दो पहिया वाहन 20 करोड़, सराफा 30 करोड़, बर्तन नौ करोड़, कपड़ा नौ करोड़, मोबाइल, अलमारी व इलेक्ट्रॉनिक सामान 12 करोड़ और ऑनलाइन शॉपिंग पांच करोड़ रुपये की हुई थी। वहीं धनतेरस के दूसरे दिन भी मिष्ठान, पटाखा, मिट्टी के दीये व लाई-चूरा का कारोबार करीब 10 करोड़ रुपये का हुआ था। कोरोना का दंश कम होने पर इस बार दीपावली पर्व पर हर तरह के बाजार में रौनक लौट आई थी। सभी सामानों के व्यापारियों ने धनतेरस पर अच्छी आमदनी को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ी थी।
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इस बार जिले में धनतेरस पर्व पर करीब 150 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। इसमें 40 करोड़ रुपये के चार पहिया वाहन, 30 करोड़ के दो पहिया वाहन बिके। सराफा कारोबार में करीब 35 करोड़ रुपये के आभूषण व सिक्के बिके। बर्तन 10 करोड़ रुपये, कपड़ा 15 करोड़ रुपये, मोबाइल फोन, अलमारी व इलेक्ट्रॉनिक सामान करीब 15 करोड़ रुपये का बिका। वहीं कुछ युवाओं ने पांच करोड़ रुपये की ऑनलाइन शॉपिंग भी की। धनतेरस के दूसरे दिन भी जिले का बाजार गुलजार रहा। इसके चलते दूसरे दिन भी जिले में करीब 25 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।
इसमें मिष्ठान, पटाखा, मिट्टी के दीये व लाई-चूरा की बिक्री शामिल है। इस बार धनतेरस पर शहर समेत ग्रामीण अंचल की बाजारों में काफी भीड़ थी। शहर के चौक, ठठेरी बाजार, जीएन रोड समेत लगभग सभी इलाकों में मौजूद आभूषण, वस्त्र, बर्तन व अन्य सामानों की खरीदारी में लोग मशगूल रहे। महंगाई को दरकिनार कर लोगों ने दीपावली पूजन के लिए नए डिजाइन के सोने व चांदी के गणेश-लक्ष्मी समेत अन्य सामानों की जमकर खरीदारी की।
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जिले में वर्ष 2020 में कोविड-19 अपने चरम पर था। लॉकडाउन के चलते लोगों को घरों से निकलने के लिए पाबंदी लगा दी गई थी। इस वजह से 2020 में धनतेरस व दीपावली पर्व में कोई खास कारोबार नहीं हो पाया था। वर्ष 2021 में भी कोरोना का प्रकोप था लेकिन स्थिति सामान्य होने लगी थी। इसलिए धनतेरस पर्व पर 110 करोड़ का कारोबार हुआ था।
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इसमें चार पहिया वाहन 25 करोड़, दो पहिया वाहन 20 करोड़, सराफा 30 करोड़, बर्तन नौ करोड़, कपड़ा नौ करोड़, मोबाइल, अलमारी व इलेक्ट्रॉनिक सामान 12 करोड़ और ऑनलाइन शॉपिंग पांच करोड़ रुपये की हुई थी। वहीं धनतेरस के दूसरे दिन भी मिष्ठान, पटाखा, मिट्टी के दीये व लाई-चूरा का कारोबार करीब 10 करोड़ रुपये का हुआ था। कोरोना का दंश कम होने पर इस बार दीपावली पर्व पर हर तरह के बाजार में रौनक लौट आई थी। सभी सामानों के व्यापारियों ने धनतेरस पर अच्छी आमदनी को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ी थी।
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इस बार जिले में धनतेरस पर्व पर करीब 150 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। इसमें 40 करोड़ रुपये के चार पहिया वाहन, 30 करोड़ के दो पहिया वाहन बिके। सराफा कारोबार में करीब 35 करोड़ रुपये के आभूषण व सिक्के बिके। बर्तन 10 करोड़ रुपये, कपड़ा 15 करोड़ रुपये, मोबाइल फोन, अलमारी व इलेक्ट्रॉनिक सामान करीब 15 करोड़ रुपये का बिका। वहीं कुछ युवाओं ने पांच करोड़ रुपये की ऑनलाइन शॉपिंग भी की। धनतेरस के दूसरे दिन भी जिले का बाजार गुलजार रहा। इसके चलते दूसरे दिन भी जिले में करीब 25 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।
इसमें मिष्ठान, पटाखा, मिट्टी के दीये व लाई-चूरा की बिक्री शामिल है। इस बार धनतेरस पर शहर समेत ग्रामीण अंचल की बाजारों में काफी भीड़ थी। शहर के चौक, ठठेरी बाजार, जीएन रोड समेत लगभग सभी इलाकों में मौजूद आभूषण, वस्त्र, बर्तन व अन्य सामानों की खरीदारी में लोग मशगूल रहे। महंगाई को दरकिनार कर लोगों ने दीपावली पूजन के लिए नए डिजाइन के सोने व चांदी के गणेश-लक्ष्मी समेत अन्य सामानों की जमकर खरीदारी की।