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सांसद मेनका गांधी के खिलाफ दायर मानहानि का मुकदमा खारिज
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सुल्तानपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री व जिले की सांसद मेनका गांधी के खिलाफ दायर मानहानि का मुकदमा स्पेशल जज एमपी/एमएलए पीके जयंत ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने ये आदेेश सांसद के खिलाफ दायर केस में मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर किया है। मामला कोतवाली नगर से जुड़ा है।
शहर के विवेकानंद नगर निवासी पत्रकार राजेश मिश्र ने पिछले दिनों पूर्व केंद्रीय मंत्री व जिले की सांसद मेनका गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। उनका कहना है कि सांसद मेनका गांधी पिछली 10 अगस्त को दूबेपुर ब्लॉक में आयोजित जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक में शामिल हुई थीं। बैठक में डीएम, एसपी समेत अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।
राजेश का आरोप है कि इस दौरान सांसद ने बयान दिया था कि आम आदमी को मास्क लगाने के लिए न कहें, वह मरें तो हमारी बला से। राजेश का ये भी आरोप है कि सांसद ने इसी दौरान पत्रकारों को ब्लैकमेलर कहा था। पिछले दिनों कोर्ट में परिवादी राजेश मिश्र का बयान दर्ज किया गया था। इसके बाद कोर्ट ने अन्य गवाहों का बयान दर्ज करने के लिए कई पेशी नियत की थी, लेकिन कोई गवाही देने के लिए अदालत में पेश नहीं हुआ।
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सांसद के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने बताया कि बृहस्पतिवार को स्पेशल जज एमपी/एमएलए पीके जयंत ने मानहानि केस को खारिज कर दिया है। कोर्ट को सांसद के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले हैं। अदालत के आदेश से सांसद मेनका गांधी को राहत मिल गई है।
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शहर के विवेकानंद नगर निवासी पत्रकार राजेश मिश्र ने पिछले दिनों पूर्व केंद्रीय मंत्री व जिले की सांसद मेनका गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। उनका कहना है कि सांसद मेनका गांधी पिछली 10 अगस्त को दूबेपुर ब्लॉक में आयोजित जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक में शामिल हुई थीं। बैठक में डीएम, एसपी समेत अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।
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राजेश का आरोप है कि इस दौरान सांसद ने बयान दिया था कि आम आदमी को मास्क लगाने के लिए न कहें, वह मरें तो हमारी बला से। राजेश का ये भी आरोप है कि सांसद ने इसी दौरान पत्रकारों को ब्लैकमेलर कहा था। पिछले दिनों कोर्ट में परिवादी राजेश मिश्र का बयान दर्ज किया गया था। इसके बाद कोर्ट ने अन्य गवाहों का बयान दर्ज करने के लिए कई पेशी नियत की थी, लेकिन कोई गवाही देने के लिए अदालत में पेश नहीं हुआ।
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सांसद के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने बताया कि बृहस्पतिवार को स्पेशल जज एमपी/एमएलए पीके जयंत ने मानहानि केस को खारिज कर दिया है। कोर्ट को सांसद के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले हैं। अदालत के आदेश से सांसद मेनका गांधी को राहत मिल गई है।