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हत्या के प्रयास में दो अभियुक्त गिरफ्तार
सुल्तानपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Dec 2015 10:35 PM IST
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पत्नी खुशकिस्मत रही कि घटना के वक्त बदमाशों की गोलियां उसे नहीं लगीं। पति को एक गोली लग गई। स्वॉट टीम ने सर्विलांस के जरिए घटना का खुलासा करते हुए दो बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके पास से दो तमंचा और कारतूस बरामद किया है।
धम्मौर क्षेत्र के खोखीपुर गांव निवासी यासीर अहमद (30) पुत्र मिर्जा अजीज बेग गत 10 दिसंबर की शाम पत्नी मैसरी जहां के साथ हरखपुर रिश्तेदारी गया था।
देर शाम बाइक से लौटते समय कुड़वार क्षेत्र के औरंगाबाद रजबहा के पास एक बाइक पर सवार दो युवकों ने रोक लिया। एक युवक ने मैसरी बेगम से सोने के जेवरात व नकदी छीनने के साथ फायर किए।
दूसरे युवक ने यासीर अहमद को एक गोली मारी। गोली यासिर अहमद के कंधे को छूते हुए निकल गई। इसके बाद दोनों युवक फरार हो गए। एसपी विनय कुमार यादव ने घटना के खुलासे की जिम्मेदारी स्वॉट टीम/ सर्विलांस प्रभारी को सौंपी।
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टीम ने सर्विलांस के जरिए शनिवार को घटना का खुलासा कर दिया। घटना में शामिल अयोध्या प्रसाद और राजा बाबू निवासी खोखीपुर थाना धम्मौर को शुक्रवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में अयोध्या प्रसाद ने बताया कि यासीर अहमद ने उसे और राजा बाबू को 40 हजार रुपये में एक महिला की हत्या की सुपारी दी थी। एडवांस के तौर पर चार हजार रुपये भी दिए थे। 10 दिसंबर को यासीर ने दोनों को मैसरी बेगम को गंजेहड़ी गांव में दिखा कर उसकी पहचान कराई थी।
घटना से पूर्व यासीर ने उसे फोन करके औरंगाबाद नहर के पास बुलाया था। यासीर ने घटना को लूटपाट की तरह दिखाने के लिए महिला की हत्या कर उसे भी इस तरह गोली मारने को कहा था जिससे वह मामूली रूप से जख्मी हो जाए।
प्लान के तहत दोनों ने यासीर को पहले एक गोली मारी और उसके जमीन पर गिरते ही मैसरी बेगम के सीने पर तमंचा सटाकर एक गोली मारी लेकिन गोली मिस हो गई। फिर दूसरी गोली और तीसरी गोली भी मारी गई लेकिन तीनों बार फायर नहीं हुआ।
इस दौरान एक चार पहिया वाहन आता दिखा तो दोनों हमलावर फरार हो गए थे। दूसरे दिन पता चला कि जिस महिला को गोली मारी थी वह यासीर की पत्नी है। टीम ने दोनों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त 312 और 315 बोर का तमंचा व कारतूस बरामद किया है।
स्वॉट टीम प्रभारी अजय यादव ने बताया कि पत्नी की मौत के बाद यासीर अहमद उसके बीमा की रकम हासिल करना चाहता था। यासीर का किसी से प्रेम प्रसंग भी चल रहा है।
यासीर ने गांव के ही स्व. अमीन खां की पुत्री मैसरी से प्रेम विवाह किया था। मैसरी से जीशान (5) और एक वर्षीय बेटी सोमइया है।
घटना के खुलासे के बाद मैसरी बेगम को पति की करतूत पर यकीन ही नहीं हो रहा है। पुलिस के मुताबिक पूर्व में दर्ज केस में यासीर का नाम मुल्जिम के रूप में बढ़ाया जाएगा।
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धम्मौर क्षेत्र के खोखीपुर गांव निवासी यासीर अहमद (30) पुत्र मिर्जा अजीज बेग गत 10 दिसंबर की शाम पत्नी मैसरी जहां के साथ हरखपुर रिश्तेदारी गया था।
देर शाम बाइक से लौटते समय कुड़वार क्षेत्र के औरंगाबाद रजबहा के पास एक बाइक पर सवार दो युवकों ने रोक लिया। एक युवक ने मैसरी बेगम से सोने के जेवरात व नकदी छीनने के साथ फायर किए।
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दूसरे युवक ने यासीर अहमद को एक गोली मारी। गोली यासिर अहमद के कंधे को छूते हुए निकल गई। इसके बाद दोनों युवक फरार हो गए। एसपी विनय कुमार यादव ने घटना के खुलासे की जिम्मेदारी स्वॉट टीम/ सर्विलांस प्रभारी को सौंपी।
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टीम ने सर्विलांस के जरिए शनिवार को घटना का खुलासा कर दिया। घटना में शामिल अयोध्या प्रसाद और राजा बाबू निवासी खोखीपुर थाना धम्मौर को शुक्रवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में अयोध्या प्रसाद ने बताया कि यासीर अहमद ने उसे और राजा बाबू को 40 हजार रुपये में एक महिला की हत्या की सुपारी दी थी। एडवांस के तौर पर चार हजार रुपये भी दिए थे। 10 दिसंबर को यासीर ने दोनों को मैसरी बेगम को गंजेहड़ी गांव में दिखा कर उसकी पहचान कराई थी।
घटना से पूर्व यासीर ने उसे फोन करके औरंगाबाद नहर के पास बुलाया था। यासीर ने घटना को लूटपाट की तरह दिखाने के लिए महिला की हत्या कर उसे भी इस तरह गोली मारने को कहा था जिससे वह मामूली रूप से जख्मी हो जाए।
प्लान के तहत दोनों ने यासीर को पहले एक गोली मारी और उसके जमीन पर गिरते ही मैसरी बेगम के सीने पर तमंचा सटाकर एक गोली मारी लेकिन गोली मिस हो गई। फिर दूसरी गोली और तीसरी गोली भी मारी गई लेकिन तीनों बार फायर नहीं हुआ।
इस दौरान एक चार पहिया वाहन आता दिखा तो दोनों हमलावर फरार हो गए थे। दूसरे दिन पता चला कि जिस महिला को गोली मारी थी वह यासीर की पत्नी है। टीम ने दोनों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त 312 और 315 बोर का तमंचा व कारतूस बरामद किया है।
स्वॉट टीम प्रभारी अजय यादव ने बताया कि पत्नी की मौत के बाद यासीर अहमद उसके बीमा की रकम हासिल करना चाहता था। यासीर का किसी से प्रेम प्रसंग भी चल रहा है।
यासीर ने गांव के ही स्व. अमीन खां की पुत्री मैसरी से प्रेम विवाह किया था। मैसरी से जीशान (5) और एक वर्षीय बेटी सोमइया है।
घटना के खुलासे के बाद मैसरी बेगम को पति की करतूत पर यकीन ही नहीं हो रहा है। पुलिस के मुताबिक पूर्व में दर्ज केस में यासीर का नाम मुल्जिम के रूप में बढ़ाया जाएगा।