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खिलौना पिस्तौल दिखा ट्रेन में फैलाई दहशत
Amarujala Bureau
Updated Wed, 22 Jun 2016 10:29 PM IST
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ट्रेन में डकैती का प्रयास
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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दिल्ली से वाराणसी जाने वाली डाउन काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस पर मंगलवार रात रायबरेली से सवार सात-आठ युवकों ने इंजन से सटी जनरल बोगी में जमकर उत्पात मचाया। युवकों ने नकली पिस्तौल के बूते न सिर्फ बोगी में बैठे अधिकांश यात्रियों से बदसलूकी की बल्कि कई की पिटाई भी की। सूचना पर पुलिस ने गौरीगंज रेलवे स्टेशन पर आरोपियों में से दो को खिलौना पिस्तौल सहित धर-दबोचा जबकि छह निकल भागने में सफल रहे। पकड़े गए दोनों आरोपियों को पुलिस नाबालिग बता रही है।
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दिल्ली से वाराणसी जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस के इंजन से लगी जनरल बोगी में मंगलवार रात सात-आठ युवक रायबरेली से सवार हुए। ट्रेन के रायबरेली स्टेशन से निकलते ही युवक खड़े हो गए व बोगी के सभी गेट बंद कर नकली पिस्तौल निकाल ली और यात्रियों को धमकाना शुरू कर दिया। युवकों के हाथ में पिस्तौल देख पूरी बोगी में दहशत फैल गई। जो यात्री जहां बैठा था वहां से उठने का साहस नहीं जुटा सका। कुछ यात्रियों ने उठने की हिमाकत की तो युवकों ने उनकी जमकर पिटाई की।
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इसी बीच किसी यात्री ने इसकी सूचना जायस पुलिस को दी। सूचना पर सक्रिय जायस थाने के बहादुरपुर चौकी इंचार्ज दल बल के साथ जब तक जायस रेलवे स्टेशन पहुंचते ट्रेन वहां से छूट चुकी थी। बहादुरपुर चौकी इंचार्ज ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय एसओ अरविंद त्रिपाठी को देते हुए ट्रेन को गौरीगंज में चेक करने का अनुरोध किया। सूचना मिलते ही एसओ हमराहियों के साथ रेलवे स्टेशन पर पहुंचे और ट्रेन रुकते ही बोगी का गेट खुलवाया।
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बोगी खुलते ही छह युवक मौके से भाग निकले जबकि नकली पिस्तौल के साथ दो आरोपी (दोनों गौरीगंज शहर के रहने वाले हैं) पुलिस के हत्थे चढ़ गए। एसओ ने बताया कि चूंकि पकड़े गए दोनों आरोपी नाबालिग हैं इसलिए उन्हें समझा-बुझाकर परिवारीजनों के हवाले कर दिया गया है। एसओ का कहना था कि पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वे मेला देखने रायबरेली गए थे। वहीं से खिलौना पिस्तौल खरीदी थी। नकली पिस्तौल से कितनी दहशत फैल सकती है यह देखने के लिए यात्रियों को धमका रहे थे। एसओ ने बताया कि किसी यात्री ने कोई कोई तहरीर नहीं दी है।