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Sultanpur News: जिला पंचायत अध्यक्ष समेत 12 को दो वर्ष की सजा

Sat, 03 Dec 2022 05:00 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 03 Dec 2022 05:00 AM IST
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सुल्तानपुर। धनपतगंज ब्लॉक मुख्यालय पर वर्ष 2016 में क्षेत्र पंचायत प्रमुख का पर्चा दाखिल करने के दौरान हुए बवाल में शुक्रवार को स्पेशल जज एमपी-एमएलए ने जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह व उनके पति बल्दीराय ब्लॉक प्रमुख समेत आठ अभियुक्तों ने दोषी करार देते हुए दो वर्ष की कैद व दो-दो हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इसी मामले में दूसरे पक्ष के इसौली के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू व उनके भाई धनपतगंज ब्लॉक प्रमुख समेत चार अभियुक्तों को दोषी मानते हुए दो वर्ष की कैद व दो-दो हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। फैसला सुनने के लिए दोनों पक्षों के समर्थकों की भीड़ कोर्ट परिसर में देर शाम तक जमा रही।
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पांच फरवरी 2016 को धनपतगंज ब्लॉक पर क्षेत्र पंचायत प्रमुख की सपा समर्थित प्रत्याशी नीलम कोरी का पर्चा दाखिल कराने के लिए ऊषा सिंह व उनके पति शिव कुमार सिंह अपने समर्थकों के साथ गए थे। वहीं, इसौली के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू व उनके भाई धनपतगंज ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू अपनी समर्थक प्रत्याशी जानकी देवी का पर्चा दाखिल कराने के लिए मौजूद थे। पर्चा दाखिल करने के दौरान ऊषा सिंह व उनके पति शिव कुमार सिंह और पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू व उनके भाई यशभद्र सिंह मोनू के बीच बवाल हो गया था। बवाल में ऊषा सिंह पर हमला करने के साथ ही उनके वाहन को तोड़ डाला गया था। एक पक्ष से ऊषा सिंह ने और दूसरे पक्ष से यशभद्र सिंह मोनू ने एक दूसरे के खिलाफ मारपीट करने, जानलेवा हमला करने व एससी-एसटी एक्ट समेत कई अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया।
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विशेष लोक अभियोजक वैभव पांडेय ने बताया कि शुक्रवार को स्पेशल जज एमपी-एमएलए एकता वर्मा ने ऊषा सिंह, उनके पति बल्दीराय ब्लॉक प्रमुख शिव कुमार सिंह, समर्थक कूरेभार के मझवारा गांव निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य कमला देवी यादव, मायंग निवासी रमाकांत मिश्र उर्फ डब्लू, मझौवा निवासी राजेंद्र मिश्र, लोलेपुर निवासी सिराज, बल्दीराय के अशरफपुर निवासी दद्दन दुबे उर्फ इंद्र कुमार व जौनपुर के बदलापुर थाने के तियरा गांव निवासी भूपेंद्र प्रताप सिंह को बलवा, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, चुनाव में असर डालने और एससी/एसटी एक्ट के तहत दोषी करार दिया है।
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कोर्ट ने सभी अभियुक्तों को दो वर्ष की कैद व दो-दो हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। वहीं, अदालत ने दूसरे पक्ष के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू, उनके भाई यशभद्र सिंह मोनू, समर्थक कूरेभार के मझवारा निवासी राममूर्ति सिंह बब्लू व बल्दीराय के बिसावां गांव निवासी अतुल सिंह को बलवा, चुनाव में असर डालने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और एससी/एसटी एक्ट के तहत दोषी माना है। कोर्ट ने चारों अभियुक्तों को दो वर्ष की कैद व दो-दो हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अदालत ने ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू को गंभीर चोट पहुंचाने के आरोप में दो वर्ष की कैद व दो हजार रुपये जुर्माना की अतिरिक्त सजा की है। इसी मामले में आरोपी अजीत यादव की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी।
फैसले के समय नहीं आई जिला पंचायत अध्यक्ष व पूर्व विधायक
कोर्ट ने मामले में फैसला सुनाने के लिए शुक्रवार की तिथि नियत की थी। जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह व इसौली के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू फैसला सुनने के लिए कोर्ट नहीं आए। दोनों की ओर से हाजिरी माफी की अर्जी दी गई।
बादशाहत को चुनौती मिलने पर धनपतगंज में हुआ था बवाल
सुल्तानपुर। धनपतगंज ब्लॉक प्रमुख पद पर भद्र परिवार का वर्चस्व लंबे समय से कायम है। काफी दिनों से ब्लॉक प्रमुख के पद पर भद्र परिवार के सदस्यों का कब्जा रहा है। दो कार्यकाल में भद्र परिवार के करीबियों को ब्लॉक प्रमुख बनने का मौका मिल चुका है। वर्ष 2016 में ब्लॉक प्रमुख का पद अनुसूचित जाति महिला के आरक्षित होने पर भद्र परिवार की बादशाहत को जिला पंचायत अध्यक्ष व उनके पति ब्लॉक प्रमुख पति की ओर से चुनौती देने पर धनपतगंज में बवाल हुआ था।
इसौली के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू के बाबा स्व. शारदा प्रसाद सिंह का धनपतगंज ब्लॉक प्रमुख के पद पर लंबे समय तक कब्जा रहा था। वर्ष 1988 में शारदा प्रसाद सिंह ने अपने पुत्र स्व. इंद्रभद्र सिंह के लिए ब्लॉक प्रमुख का पद छोड़ दिया था। इंद्रभद्र सिंह ब्लॉक प्रमुख चुनाव जीतने के बाद वर्ष 1989 में जनता दल के टिकट पर पहली बार इसौली सीट से विधायक निर्वाचित हुए थे। विधायक चुने जाने के बाद इंद्रभद्रने अपने नजदीकी क्षेत्र के रामनगर निवासी श्याम सुुदंर सिंह को ब्लॉक प्रमुख का चुनाव जितवाया था। इसके बाद इंद्रभद्र की पत्नी ऊषा सिंह ब्लॉक प्रमुख का चुनाव जीती थी। उनके बाद छोटे पुत्र यशभद्र सिंह मोनू रिकार्ड मतों से चुनाव जीते थे। ब्लॉक प्रमुख का पद वर्ष 2016 में अनुसचित जाति महिला के लिए आरक्षित हो गया था।

यशभद्र सिंह मोनू ने अपने समर्थक जानकी देवी को चुनाव मैदान में उतार दिया था। जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह व उनके पति ब्लॉक प्रमुख शिव कुमार सिंह ने धनपतगंज ब्लॉक प्रमुख पद पर भद्र परिवार की कायम बादशाहत को चुनौती दे डाली थी। पांच फरवरी 2016 का वह दिन था जब जिला पंचायत अध्यक्ष व उनके पति पूरे लाव लश्कर के साथ सपा समर्थित प्रत्याशी नीलम कोरी का पर्चा दाखिल कराने के लिए ब्लॉक मुख्यालय पहुंच गए थे। उनके साथ कई असलहाधारी भी थे। इस बात की जानकारी मिलते ही भद्र परिवार व उनके समर्थकों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था। वर्चस्व को चुनौती मिलने का परिणाम धनपतगंज ब्लॉक पर हुए बवाल के रूप में सामने आया था।
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