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जानलेवा हमले के चार दोषियों को 10 वर्ष की कैद
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सुल्तानपुर। जानलेवा हमले के सात वर्ष पुराने मामले में शुक्रवार को एडीजे तृतीय ने चार अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की कैद व प्रत्येक अभियुक्त को साढ़े 14 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
घटना कादीपुर क्षेत्र के विजेथुआ राजापुर में हुई थी। गांव निवासी मुन्ना मोदनवाल 13 अगस्त 2015 की रात नौ बजे अपने दरवाजे पर बैठे थे। तभी वहां लाठी, डंडा लेकर पहुंचे गांव के बब्बू पाठक, डब्बू पाठक, अरुण वर्मा व संदीप धोबी ने गाली देते हुए मुन्ना पर जानलेेेवा हमला कर दिया था। मुन्ना की गुहार पर बचाव के लिए दौड़े उनके पुत्र सचिन, पवन व पत्नी सदामा देवी को भी अभियुक्तों ने मारपीट कर चोटें पहुंचाई थी। मुन्ना व उनके परिजन जान बचाने के लिए अपने घर के अंदर चले गए तो अभियुक्तों ने घर में भी घुसकर उन्हें मारा-पीटा। पुलिस ने मुन्ना मोदनवाल की तहरीर पर अभियुक्तों के खिलाफ जानलेवा हमला करने का केस दर्ज किया।
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी क्रिमिनल रामअचल मिश्र व अधिवक्ता अमित पांडेय ने घटना को साबित करने के लिए छह गवाहों को कोर्ट में पेश किया। शुक्रवार को एडीजे तृतीय अभय श्रीवास्तव ने अभियुक्त बब्बू पाठक, डब्बू पाठक, अरुण वर्मा व संदीप धोबी को दोषी मानते हुए 10 वर्ष की कैद व प्रत्येक को साढ़े 14 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया है।
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घटना कादीपुर क्षेत्र के विजेथुआ राजापुर में हुई थी। गांव निवासी मुन्ना मोदनवाल 13 अगस्त 2015 की रात नौ बजे अपने दरवाजे पर बैठे थे। तभी वहां लाठी, डंडा लेकर पहुंचे गांव के बब्बू पाठक, डब्बू पाठक, अरुण वर्मा व संदीप धोबी ने गाली देते हुए मुन्ना पर जानलेेेवा हमला कर दिया था। मुन्ना की गुहार पर बचाव के लिए दौड़े उनके पुत्र सचिन, पवन व पत्नी सदामा देवी को भी अभियुक्तों ने मारपीट कर चोटें पहुंचाई थी। मुन्ना व उनके परिजन जान बचाने के लिए अपने घर के अंदर चले गए तो अभियुक्तों ने घर में भी घुसकर उन्हें मारा-पीटा। पुलिस ने मुन्ना मोदनवाल की तहरीर पर अभियुक्तों के खिलाफ जानलेवा हमला करने का केस दर्ज किया।
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मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी क्रिमिनल रामअचल मिश्र व अधिवक्ता अमित पांडेय ने घटना को साबित करने के लिए छह गवाहों को कोर्ट में पेश किया। शुक्रवार को एडीजे तृतीय अभय श्रीवास्तव ने अभियुक्त बब्बू पाठक, डब्बू पाठक, अरुण वर्मा व संदीप धोबी को दोषी मानते हुए 10 वर्ष की कैद व प्रत्येक को साढ़े 14 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया है।
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