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झूठी गवाही देने पर दुष्कर्म पीड़िता के खिलाफ दर्ज होगा केस
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सुल्तानपुर। दुष्कर्म के केस में झूठी गवाही देने पर फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश ने पीड़िता के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने गवाहों के विरोधाभासी गवाही देने पर आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
गोसाईंगंज क्षेत्र के एक गांव की युवती 10 मार्च 2021 को खेत गई थी। आरोप है कि गांव के नवीन कोरी ने युवती के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बारे में किसी से बताने पर चेहरे पर तेजाब फेंकने की धमकी दी। पुलिस ने युवती के पिता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म व धमकी देने का केस दर्ज किया। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पेश तीन गवाहों से बचाव पक्ष के अधिवक्ता अरविंद सिंह राजा ने जिरह की। जिरह में गवाहों ने विरोधाभासी बयान दिया था।
पीड़ित युवती ने पहले अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों का समर्थन किया लेकिन जिरह में पलट गई। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश अंकुर शर्मा ने अदालत में दो तरह का बयान देने को झूठी गवाही का मामला मानते हुए युवती के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने गवाहों के विरोधाभासी बयान पर आरोपी नवीन कोरी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
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गोसाईंगंज क्षेत्र के एक गांव की युवती 10 मार्च 2021 को खेत गई थी। आरोप है कि गांव के नवीन कोरी ने युवती के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बारे में किसी से बताने पर चेहरे पर तेजाब फेंकने की धमकी दी। पुलिस ने युवती के पिता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म व धमकी देने का केस दर्ज किया। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पेश तीन गवाहों से बचाव पक्ष के अधिवक्ता अरविंद सिंह राजा ने जिरह की। जिरह में गवाहों ने विरोधाभासी बयान दिया था।
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पीड़ित युवती ने पहले अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों का समर्थन किया लेकिन जिरह में पलट गई। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश अंकुर शर्मा ने अदालत में दो तरह का बयान देने को झूठी गवाही का मामला मानते हुए युवती के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने गवाहों के विरोधाभासी बयान पर आरोपी नवीन कोरी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
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