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छात्रा के हत्यारे को उम्रकैद
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सुल्तानपुर। एकतरफा प्रेम में छात्रा पर पेट्रोल छिड़ककर जला देने के आरोपी को जिला जज संतोष राय ने मंगलवार को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने आरोपी को उम्रकैद की सजा से दंडित कर जेल भेजने का आदेश दिया है। अदालत ने आरोपी पर एक लाख 15 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका है। जुर्माना की 90 फीसदी धनराशि मृतका के परिवारीजनों को मिलेगी। मामला अमेठी जिले के मुसाफिरखना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पूरे मोहम्मद नेवाज से जुड़ा है।
एक गांव की रहने वाली एमए की छात्रा सुल्तानपुर पढ़ने जाती थी। छात्रा के साथ मुंशीगंज थाने के बघौरा गांव का रंजीत कुमार छेड़छाड़ करता था। आरोप है कि एकतरफा प्रेम में रंजीत कुमार 24 मार्च 2015 की रात सवा 11 बजे दीवार लांघकर घर में घुस गया और छात्रा पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी थी। गंभीर हालत में छात्रा को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लखनऊ में भर्ती कराया गया था। 31 मार्च 2015 को इलाज के दौरान छात्रा की मौत हो गई थी। पुलिस ने मृतका की मां की तहरीर पर आरोपी रंजीत कुमार के खिलाफ हत्या व छेड़छाड़ का केस दर्ज किया था।
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी क्रिमिनल तारकेश्वर सिंह ने घटना को साबित करने के लिए 11 गवाहों को कोर्ट में पेश किया। मंगलवार को जिला जज संतोष राय ने आरोपी रंजीत कुमार को दोषी करार दिया। जिला जज ने आरोपी रंजीत कुमार को उम्रकैद व एक लाख 15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया है। कोर्ट ने जुर्माना की 90 फीसदी धनराशि मृतक छात्रा के परिजनों को देने का आदेश दिया है।
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सजा दिलाने में मददगार बना छात्रा का मृत्यु पूर्व बयान
मेडिकल कॉलेज लखनऊ में जीवन मृत्यु से जूझ रही छात्रा का मृत्यु पूर्व बयान पीसीएस अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने दर्ज किया था। डीजीसी क्रिमिनल तारकेश्वर सिंह बताते हैं कि अभियोजन पक्ष के 11वें गवाह के रूप में पीसीएस अधिकारी की गवाही कोर्ट में दर्ज कराकर छात्रा का मृत्यु पूर्व बयान (डीडी) साबित कराया गया था। आरोपी रंजीत कुमार को सजा दिलाने में छात्रा का मृत्यु पूर्व दिया गया बयान मददगार साबित हुआ है।
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एक गांव की रहने वाली एमए की छात्रा सुल्तानपुर पढ़ने जाती थी। छात्रा के साथ मुंशीगंज थाने के बघौरा गांव का रंजीत कुमार छेड़छाड़ करता था। आरोप है कि एकतरफा प्रेम में रंजीत कुमार 24 मार्च 2015 की रात सवा 11 बजे दीवार लांघकर घर में घुस गया और छात्रा पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी थी। गंभीर हालत में छात्रा को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लखनऊ में भर्ती कराया गया था। 31 मार्च 2015 को इलाज के दौरान छात्रा की मौत हो गई थी। पुलिस ने मृतका की मां की तहरीर पर आरोपी रंजीत कुमार के खिलाफ हत्या व छेड़छाड़ का केस दर्ज किया था।
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मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी क्रिमिनल तारकेश्वर सिंह ने घटना को साबित करने के लिए 11 गवाहों को कोर्ट में पेश किया। मंगलवार को जिला जज संतोष राय ने आरोपी रंजीत कुमार को दोषी करार दिया। जिला जज ने आरोपी रंजीत कुमार को उम्रकैद व एक लाख 15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया है। कोर्ट ने जुर्माना की 90 फीसदी धनराशि मृतक छात्रा के परिजनों को देने का आदेश दिया है।
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सजा दिलाने में मददगार बना छात्रा का मृत्यु पूर्व बयान
मेडिकल कॉलेज लखनऊ में जीवन मृत्यु से जूझ रही छात्रा का मृत्यु पूर्व बयान पीसीएस अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने दर्ज किया था। डीजीसी क्रिमिनल तारकेश्वर सिंह बताते हैं कि अभियोजन पक्ष के 11वें गवाह के रूप में पीसीएस अधिकारी की गवाही कोर्ट में दर्ज कराकर छात्रा का मृत्यु पूर्व बयान (डीडी) साबित कराया गया था। आरोपी रंजीत कुमार को सजा दिलाने में छात्रा का मृत्यु पूर्व दिया गया बयान मददगार साबित हुआ है।