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हत्या के तीन अभियुक्त दोषी करार
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सुल्तानपुर। 16 वर्ष पूर्व हुई हत्या के मामले में सोमवार को एडीजे पीके जयंत ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दो आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। अदालत बुधवार को दोषी अभियुक्तों को सजा सुनाएगी। मामला अमेठी कोतवाली से जुड़ा है।
धम्मौर थाने के भाले सुलतान का पुरवा मौजा पिंडोरिया निवासी अमर बहादुर अपने भाई रामसूरत यादव के साथ 29 अप्रैल 2005 को निमंत्रण देने के लिए अमेठी गए थे। आरोप है कि रंजिश को लेकर वापस लौटते समय रास्ते में अमेठी कोतवाली क्षेत्र के कड़ेरगांव नहर की पुलिया पर घात लगाकर बैठे आरोपियों ने अमर बहादुर और रामसूरत यादव पर जानलेवा हमला कर दिया था। भाला, लाठी व डंडा से हुए हमले में रामसूरत यादव की घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी, जबकि अमर बहादुर घायल हो गए थे। पुलिस ने अमर बहादुर की तहरीर पर आरोपियों बब्बू सिंह, राजकुमार तिवारी, डब्बू सिंह, बंधु पांडेय व तेज बहादुर सिंह पर मुकदमा दर्ज किया था।
विवेचना में झल्लू कश्यप उर्फ रामलौट, मुन्ने सिह उर्फ सूर्य बिहारी व नन्हे उर्फ वेद प्रकाश तिवारी को भी आरोपी बनाया गया था। मुकदमे के दौरान आरोपी बब्बू सिंह व नन्हे उर्फ वेद प्रकाश तिवारी अनुपस्थित रहे, जबकि आरोपी तेज बहादुर सिंह की मौत हो गई थी। सोमवार को एडीजे पीके जयंत ने आरोपियों डब्बू सिंह, राजकुमार तिवारी व बंधु पांडेय को दोषी करार देते हुए सजा सुनाने के लिए बुधवार की तिथि नियत की है। कोर्ट ने आरोपी झल्लू कश्यप व मुन्ने उर्फ सूर्य बिहारी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
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धम्मौर थाने के भाले सुलतान का पुरवा मौजा पिंडोरिया निवासी अमर बहादुर अपने भाई रामसूरत यादव के साथ 29 अप्रैल 2005 को निमंत्रण देने के लिए अमेठी गए थे। आरोप है कि रंजिश को लेकर वापस लौटते समय रास्ते में अमेठी कोतवाली क्षेत्र के कड़ेरगांव नहर की पुलिया पर घात लगाकर बैठे आरोपियों ने अमर बहादुर और रामसूरत यादव पर जानलेवा हमला कर दिया था। भाला, लाठी व डंडा से हुए हमले में रामसूरत यादव की घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी, जबकि अमर बहादुर घायल हो गए थे। पुलिस ने अमर बहादुर की तहरीर पर आरोपियों बब्बू सिंह, राजकुमार तिवारी, डब्बू सिंह, बंधु पांडेय व तेज बहादुर सिंह पर मुकदमा दर्ज किया था।
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विवेचना में झल्लू कश्यप उर्फ रामलौट, मुन्ने सिह उर्फ सूर्य बिहारी व नन्हे उर्फ वेद प्रकाश तिवारी को भी आरोपी बनाया गया था। मुकदमे के दौरान आरोपी बब्बू सिंह व नन्हे उर्फ वेद प्रकाश तिवारी अनुपस्थित रहे, जबकि आरोपी तेज बहादुर सिंह की मौत हो गई थी। सोमवार को एडीजे पीके जयंत ने आरोपियों डब्बू सिंह, राजकुमार तिवारी व बंधु पांडेय को दोषी करार देते हुए सजा सुनाने के लिए बुधवार की तिथि नियत की है। कोर्ट ने आरोपी झल्लू कश्यप व मुन्ने उर्फ सूर्य बिहारी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
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