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Sultanpur News: रिपोर्ट न मिलने से अटका 75 मॉडल दुकानों का निर्माण
Sat, 29 Mar 2025 12:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 29 Mar 2025 12:30 AM IST
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सुल्तानपुर। जिले में मनरेगा से राशन की 75 मॉडल दुकानों का निर्माण कराया जाना है, लेकिन राजस्व विभाग की रिपोर्ट न मिल पाने से काम अटका हुआ है। चार महीने पहले सूची भेजे जाने के बाद भी भूमि चिह्नांकन की रिपोर्ट नहीं मिली है।
शासन ने जिले में राशन की 75 मॉडल दुकानों के निर्माण का लक्ष्य दिया है। इसमें प्रत्येक विकास खंड में पांच-पांच और नगर निकायों में एक-एक दुकान का निर्माण सार्वजनिक स्थलों पर कराया जाना है। पूर्ति विभाग से सूची मिलने के बाद मनरेगा सेल ने प्रशासन के निर्देश पर तहसीलों को सूची भेजते हुए स्थल चयन की रिपोर्ट मांगी थी। करीब नौ करोड़ रुपये से राशन की 75 मॉडल दुकानों का निर्माण कराया जाना है। राजस्व विभाग की सुस्ती के चलते भूमि चिह्नांकन की रिपोर्ट अभी तक मनरेगा को नहीं मिली है।
मनरेगा सेल के अधिकारियों के मुताबिक ग्राम पंचायतों व नगर पंचायतों में करीब 12 लाख रुपये से मॉडल दुकानों का निर्माण कराया जाना है। भूमि चयन की रिपोर्ट नहीं मिलने से दुकानों का निर्माण अटका हुआ है। मनरेगा उपायुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि अभी तक तहसीलों से भूमि चयन की रिपोर्ट नहीं मिल सकी है। रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित ग्राम पंचायतों से कार्ययोजना तैयार कराकर निर्माण शुरू कराया जाएगा।
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शासन ने जिले में राशन की 75 मॉडल दुकानों के निर्माण का लक्ष्य दिया है। इसमें प्रत्येक विकास खंड में पांच-पांच और नगर निकायों में एक-एक दुकान का निर्माण सार्वजनिक स्थलों पर कराया जाना है। पूर्ति विभाग से सूची मिलने के बाद मनरेगा सेल ने प्रशासन के निर्देश पर तहसीलों को सूची भेजते हुए स्थल चयन की रिपोर्ट मांगी थी। करीब नौ करोड़ रुपये से राशन की 75 मॉडल दुकानों का निर्माण कराया जाना है। राजस्व विभाग की सुस्ती के चलते भूमि चिह्नांकन की रिपोर्ट अभी तक मनरेगा को नहीं मिली है।
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मनरेगा सेल के अधिकारियों के मुताबिक ग्राम पंचायतों व नगर पंचायतों में करीब 12 लाख रुपये से मॉडल दुकानों का निर्माण कराया जाना है। भूमि चयन की रिपोर्ट नहीं मिलने से दुकानों का निर्माण अटका हुआ है। मनरेगा उपायुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि अभी तक तहसीलों से भूमि चयन की रिपोर्ट नहीं मिल सकी है। रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित ग्राम पंचायतों से कार्ययोजना तैयार कराकर निर्माण शुरू कराया जाएगा।
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