{"_id":"677c215408428f2305006ff1","slug":"commission-ordered-compensation-of-rs-3-lakh-sultanpur-news-c-103-1-slko1043-125142-2025-01-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: आयोग ने दिया तीन लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: आयोग ने दिया तीन लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश
Tue, 07 Jan 2025 12:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 07 Jan 2025 12:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर। कोतवाली नगर के चोपड़ा गली निवासी प्रतीक गोयल के परिवाद पर जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष रामलखन सिंह चंद्रौल व सदस्य भारत भूषण तिवारी ने तीन लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाने का आदेश दिया है। क्षतिपूर्ति की यह रकम भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को दो माह में देनी होगी। इसके अलावा परिवादी को शारीरिक व मानसिक कष्ट के लिए दो हजार रुपये और वाद व्यय के लिए एक हजार रुपये भी देने के आदेश हैं।
परिवादी प्रतीक गोयल के पिता वीरेंद्र कुमार ने अभिकर्ता मनोज कुमार दुबे के जरिए 16 मार्च, 2016 को एलआईसी की एक पॉलिसी ली थी। वीरेंद्र कुमार समय-समय पर बीमा की सभी प्रीमियम का भुगतान कर रहे थे। 21 अगस्त, 2017 को वीरेंद्र कुमार की मौत हो गई थी। इसके बाद वीरेंद्र कुमार के पुत्र प्रतीक गोयल ने एलआईसी से बीमा पॉलिसी के तीन लाख रुपये देने की मांग की लेकिन एलआईसी ने देने से इंकार कर दिया। तब प्रतीक गोयल ने 29 जुलाई, 2019 को एलआईसी के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया था। करीब पांच वर्ष तक चली सुनवाई के बाद आयोग ने एलआईसी को ग्राहक सेवा में कमी करने के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
परिवादी प्रतीक गोयल के पिता वीरेंद्र कुमार ने अभिकर्ता मनोज कुमार दुबे के जरिए 16 मार्च, 2016 को एलआईसी की एक पॉलिसी ली थी। वीरेंद्र कुमार समय-समय पर बीमा की सभी प्रीमियम का भुगतान कर रहे थे। 21 अगस्त, 2017 को वीरेंद्र कुमार की मौत हो गई थी। इसके बाद वीरेंद्र कुमार के पुत्र प्रतीक गोयल ने एलआईसी से बीमा पॉलिसी के तीन लाख रुपये देने की मांग की लेकिन एलआईसी ने देने से इंकार कर दिया। तब प्रतीक गोयल ने 29 जुलाई, 2019 को एलआईसी के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया था। करीब पांच वर्ष तक चली सुनवाई के बाद आयोग ने एलआईसी को ग्राहक सेवा में कमी करने के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है।
विज्ञापन