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नए कलेवर में दिखेगा शहर का राजकीय इंटर कॉलेज
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जीआईसी के मुख्य गेट पर नाम लिखते पेंटर।
- फोटो : SULTANPUR
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सुल्तानपुर। लगभग डेढ़ सौ साल पुराना राजकीय इंटर कॉलेज अब नए कलेवर में दिखेगा। रंग-रोगन के साथ कॉलेज को सजाया गया है। कॉलेज के मुख्य द्वार को भगवा रंग में पेंट किया गया है।
जिला मुख्यालय स्थित राजकीय इंटर कॉलेज की स्थापना वर्ष 1866 में हुई थी। स्थापना के कई वर्ष बीत जाने के बाद विद्यालय जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच चुका था। जीआईसी के प्रधानाचार्य अनिल कुमार सिंह ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद सबसे पहले अवस्थापना सुविधाओं को दुरुस्त करने का काम किया। कॉलेज की दीवारें कई वर्षों से पेंट नहीं हुई थीं। उन्हें रंग-रोगन कर संवारा गया। साथ ही दो छोटे-छोटे पार्क परिसर के अंदर विकसित किए गए। दोनों पार्कों में फूल, पत्तियां व घास लगाकर सजाया-संवारा गया। यही नहीं अध्ययन कक्षों के सामने पौधरोपण कराया गया।
विद्यालय में खराब पड़े प्रसाधनों को भी दुरुस्त कराया गया है। पेयजल के लिए नए इंतजाम किए गए हैं। अब कॉलेज के मुख्य द्वार को भी फिर से प्लास्टर कराते हुए भगवा रंग में रंगा गया है। प्रधानाचार्य अनिल कुमार सिंह का कहना है कि राजकीय इंटर कॉलेज का इतिहास बहुत ही समृद्घशाली है। वर्षों से कॉलेज का भवन जीर्ण-शीर्ण अवस्था में था। इसे रंग-रोगन कर संवारने की कोशिश की जा रही है।
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जिला मुख्यालय स्थित राजकीय इंटर कॉलेज की स्थापना वर्ष 1866 में हुई थी। स्थापना के कई वर्ष बीत जाने के बाद विद्यालय जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच चुका था। जीआईसी के प्रधानाचार्य अनिल कुमार सिंह ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद सबसे पहले अवस्थापना सुविधाओं को दुरुस्त करने का काम किया। कॉलेज की दीवारें कई वर्षों से पेंट नहीं हुई थीं। उन्हें रंग-रोगन कर संवारा गया। साथ ही दो छोटे-छोटे पार्क परिसर के अंदर विकसित किए गए। दोनों पार्कों में फूल, पत्तियां व घास लगाकर सजाया-संवारा गया। यही नहीं अध्ययन कक्षों के सामने पौधरोपण कराया गया।
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विद्यालय में खराब पड़े प्रसाधनों को भी दुरुस्त कराया गया है। पेयजल के लिए नए इंतजाम किए गए हैं। अब कॉलेज के मुख्य द्वार को भी फिर से प्लास्टर कराते हुए भगवा रंग में रंगा गया है। प्रधानाचार्य अनिल कुमार सिंह का कहना है कि राजकीय इंटर कॉलेज का इतिहास बहुत ही समृद्घशाली है। वर्षों से कॉलेज का भवन जीर्ण-शीर्ण अवस्था में था। इसे रंग-रोगन कर संवारने की कोशिश की जा रही है।
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