{"_id":"5e10c8dc8ebc3e87e021acc6","slug":"city-residents-will-get-better-water-supply-facility-sultanpur-news-lko501304235","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार करोड़ रुपये से होगा शहर के ट्यूबवेलों का स्वचालन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार करोड़ रुपये से होगा शहर के ट्यूबवेलों का स्वचालन
विज्ञापन
सुल्तानपुर। अमृत योजना के अंतर्गत शहर में निर्बाध जलापूर्ति के लिए नलकूपों को ऑटोमेशन (स्वचालन) प्रक्रिया से संचालित किया जाएगा। इसके लिए जल निगम ने चार करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की है। शासन से प्रोजेक्ट को स्वीकृति भी मिल गई है। शहर के पांच ओवरहेड टैंकों से जुड़े नलकूपों को स्वचलित प्रक्रिया के अंतर्गत संचालित किया जाएगा।
अमृत योजना के शहर में निर्बाध जलापूर्ति की व्यवस्था जल्द ही सुदृढ़ होने वाली है। अक्सर बिजली कटने पर नलकूप संचालक कहीं चले जाते थे। बिजली आने पर संचालक के समय पर नहीं पहुंचने से पानी मिलने में देर होती थी, इससे लोगों को परेशानी होती थी।
जल निगम ने इससे निजात पाने की योजना तैयार की है। अमृत योजना के अंतर्गत पहले चरण में पाइप लाइन का विस्तार और दूसरे चरण में ओवरहेड टैंकों के संचालन में ऑटोमेशन की प्रणाली लागू की जाएगी।
विज्ञापन
इससे नलकूप संचालकों के न होने पर भी नलकूपों का संचालन ऑटोमेशन प्रक्रिया (स्वचालन) से होगा और ओवरहेड टैंक से निर्बाध जलापूर्ति मिलने लगेगी। जल निगम की ओर से इस प्रोजेक्ट को आटोमेशन ऑफ ट्यूबवेल का नाम दिया गया है।
प्रोजेक्ट के अंतर्गत शहर के प्रमुख पांच ओवरहेड टैंकों में पानी भरने वाले पांच नलकूपों को चिह्नित किया गया है। इन नलकूपों को आधुनिक संसाधनों से ऑटोमेटिक किया जाएगा। नलकूपों के ऑटोमेटिक होने से बिजली आने पर टंकी के खाली रहने पर नलकूप के मोटर स्वत: चालू हो जाएंगे।
ओवरहेड टैंकों के भरने के बाद यह स्वत: ही बंद भी हो जाएंगे। जल निगम ने नलकूपों को ऑटोमेटिक करने के लिए करीब चार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। शासन की ओर से इसके लिए स्वीकृति भाी मिल गई है। पाइप लाइन के विस्तार के साथ ही इस प्रोजेक्ट पर जल निगम काम करेगा।
अमृत योजना के तहत शहर के सिविल लाइंस, शास्त्रीनगर, निरालानगर, लक्ष्मणपुर, सेनानी विहार स्थित ओवरहेड टैंक से जुड़े नलकूपों को ऑटोमेशन प्रणाली से संचालित किए जाने के लिए चिह्नित किया गया है।
जल निगम के अधिशाषी अभियंता आरएस यादव ने बताया कि शहर के प्रमुख ओवरहेड टैंकों से जुड़े नलकूपों में ऑटोमेशन प्रणाली लागू करने की स्वीकृति शासन की ओर से मिल गई है। जल निगम अयोध्या की विद्युत यांत्रिक शाखा की ओर से जल्द ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
अमृत योजना के शहर में निर्बाध जलापूर्ति की व्यवस्था जल्द ही सुदृढ़ होने वाली है। अक्सर बिजली कटने पर नलकूप संचालक कहीं चले जाते थे। बिजली आने पर संचालक के समय पर नहीं पहुंचने से पानी मिलने में देर होती थी, इससे लोगों को परेशानी होती थी।
विज्ञापन
जल निगम ने इससे निजात पाने की योजना तैयार की है। अमृत योजना के अंतर्गत पहले चरण में पाइप लाइन का विस्तार और दूसरे चरण में ओवरहेड टैंकों के संचालन में ऑटोमेशन की प्रणाली लागू की जाएगी।
विज्ञापन
इससे नलकूप संचालकों के न होने पर भी नलकूपों का संचालन ऑटोमेशन प्रक्रिया (स्वचालन) से होगा और ओवरहेड टैंक से निर्बाध जलापूर्ति मिलने लगेगी। जल निगम की ओर से इस प्रोजेक्ट को आटोमेशन ऑफ ट्यूबवेल का नाम दिया गया है।
प्रोजेक्ट के अंतर्गत शहर के प्रमुख पांच ओवरहेड टैंकों में पानी भरने वाले पांच नलकूपों को चिह्नित किया गया है। इन नलकूपों को आधुनिक संसाधनों से ऑटोमेटिक किया जाएगा। नलकूपों के ऑटोमेटिक होने से बिजली आने पर टंकी के खाली रहने पर नलकूप के मोटर स्वत: चालू हो जाएंगे।
ओवरहेड टैंकों के भरने के बाद यह स्वत: ही बंद भी हो जाएंगे। जल निगम ने नलकूपों को ऑटोमेटिक करने के लिए करीब चार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। शासन की ओर से इसके लिए स्वीकृति भाी मिल गई है। पाइप लाइन के विस्तार के साथ ही इस प्रोजेक्ट पर जल निगम काम करेगा।
अमृत योजना के तहत शहर के सिविल लाइंस, शास्त्रीनगर, निरालानगर, लक्ष्मणपुर, सेनानी विहार स्थित ओवरहेड टैंक से जुड़े नलकूपों को ऑटोमेशन प्रणाली से संचालित किए जाने के लिए चिह्नित किया गया है।
जल निगम के अधिशाषी अभियंता आरएस यादव ने बताया कि शहर के प्रमुख ओवरहेड टैंकों से जुड़े नलकूपों में ऑटोमेशन प्रणाली लागू करने की स्वीकृति शासन की ओर से मिल गई है। जल निगम अयोध्या की विद्युत यांत्रिक शाखा की ओर से जल्द ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जाएगा।