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डाला छठ पर खरना के साथ पूजन
अमर उजाला ब्यूरो/सुल्तानपुर
Updated Mon, 16 Nov 2015 10:24 PM IST
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सोमवार को डाला छठ को लेकर महिलाओं ने खरना मनाया। दिन में फल आदि की खरीदारी भी महिलाओं ने की। सादा व्रत रखकर महिलाओं ने परंपरा का निर्वहन किया। देर शाम भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण किया गया। मंगलवार को निर्जल व्रत का शुभारंभ होगा।
डाला छठ पूजा को लेकर सोमवार को भी महिलाओं में उत्साह दिखा। व्रत रखने के साथ-साथ अन्य पूजन की तैयारियों में महिलाएं मशगूल रहीं। पहले दिन सभी श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद छठ की तैयारियां शुरू कर दीं। निर्धारित विधि के अनुरूप लौकी और चना के साथ पीतल के बर्तन में मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकडिय़ों से चावल पकाया गया। इसके बाद ही खरना की शुरुआत होती है।
महिलाओं ने बाजार में व्रत व पूजन के अन्य सामानों की खरीदारी की। दिन भर सादा व्रत रखा गया। शाम को पूजन विधि के अनुसार महिलाओं ने मीठा चावल बनाकर भोग लगाया। इसके बाद प्रसाद ग्रहण किया गया। मंगलवार को निर्जल व्रत रखा जाएगा। स्वर्णकार समाज के गोपाल जी सोनी ने बताया कि डाला छठ माता की पूजा के समस्त अनुष्ठान इस बार भी सीताकुंड घाट पर होंगे।
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गोमती मित्र मंडल ने संभाली जिम्मेदारी
गोमती मित्र मंडल के दिनकर प्रताप सिंह के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने सीताकुंड घाट की सफाई कर श्रमदान का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि पूजन के शुभारंभ से लेकर समापन तक समिति के पदाधिकारी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट पर मौजूद रहेंगे। बुधवार की सुबह घाट पर छोले चावल का प्रसाद बनवाया जाएगा। पूजन के बाद प्रसाद वितरण होगा।
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डाला छठ पूजा को लेकर सोमवार को भी महिलाओं में उत्साह दिखा। व्रत रखने के साथ-साथ अन्य पूजन की तैयारियों में महिलाएं मशगूल रहीं। पहले दिन सभी श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद छठ की तैयारियां शुरू कर दीं। निर्धारित विधि के अनुरूप लौकी और चना के साथ पीतल के बर्तन में मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकडिय़ों से चावल पकाया गया। इसके बाद ही खरना की शुरुआत होती है।
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महिलाओं ने बाजार में व्रत व पूजन के अन्य सामानों की खरीदारी की। दिन भर सादा व्रत रखा गया। शाम को पूजन विधि के अनुसार महिलाओं ने मीठा चावल बनाकर भोग लगाया। इसके बाद प्रसाद ग्रहण किया गया। मंगलवार को निर्जल व्रत रखा जाएगा। स्वर्णकार समाज के गोपाल जी सोनी ने बताया कि डाला छठ माता की पूजा के समस्त अनुष्ठान इस बार भी सीताकुंड घाट पर होंगे।
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गोमती मित्र मंडल ने संभाली जिम्मेदारी
गोमती मित्र मंडल के दिनकर प्रताप सिंह के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने सीताकुंड घाट की सफाई कर श्रमदान का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि पूजन के शुभारंभ से लेकर समापन तक समिति के पदाधिकारी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट पर मौजूद रहेंगे। बुधवार की सुबह घाट पर छोले चावल का प्रसाद बनवाया जाएगा। पूजन के बाद प्रसाद वितरण होगा।