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हर्षोल्लास से मनाया गया बकरीद का त्योहार
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सुल्तानपुर। जिले में बकरीद का त्योहार शनिवार को शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए नमाजियों ने ईदगाह मैदान और घरों में नमाज अदा की। नमाजियों ने मुल्क में अमन-चैन के लिए दुआएं मांगीं। ईदगाहों पर इस बार ईद-उल-अजहा पर मेला नहीं लगने से बच्चों को मायूसी हुई। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मस्जिदों व ईदगाहों के पास पुलिस मुस्तैद रही।
जिले में हजरत इब्राहिम के इकलौते पुत्र इस्माइल की याद में शनिवार को ईद-उल-अजहा का त्योहार मनाया गया। मुस्लिम समुदाय में बकरीद की खुशी थी लेकिन लॉकडाउन की वजह से इसका उल्लास बाहर देखने को नहीं मिला। लोगों ने शासन की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुपालन में घरों में ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की। ईदगाहों और मस्जिदों में पांच-पांच लोगों ने बकरीद की नमाज अदा की।
वहीं घरों में भी लोगों ने शारीरिक दूरी का निर्वहन करते हुए ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की। इस बार ईदगाह परिसर में मेले का आयोजन नहीं किया गया। इस वजह से बच्चों की हसरत नहीं पूरी हो सकी। मुसलमानों ने कोरोना वायरस के खात्मे और देश में अमन-चैन कायम रहने के लिए दुआएं मांगी।
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लोगों ने फोन से एक-दूसरे को बकरीद पर्व की मुबारकबाद दी। पर्व को लेकर पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। शहर के चौक स्थित जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना अब्दुल लतीफ ने कहा कि शासन की गाइडलाइन के अनुसार मस्जिदों में पांच लोगों ने ही बकरीद की नमाज अदा की। अधिकतर लोगों ने घरों में ही नमाज अदा की।
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जिले में हजरत इब्राहिम के इकलौते पुत्र इस्माइल की याद में शनिवार को ईद-उल-अजहा का त्योहार मनाया गया। मुस्लिम समुदाय में बकरीद की खुशी थी लेकिन लॉकडाउन की वजह से इसका उल्लास बाहर देखने को नहीं मिला। लोगों ने शासन की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुपालन में घरों में ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की। ईदगाहों और मस्जिदों में पांच-पांच लोगों ने बकरीद की नमाज अदा की।
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वहीं घरों में भी लोगों ने शारीरिक दूरी का निर्वहन करते हुए ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की। इस बार ईदगाह परिसर में मेले का आयोजन नहीं किया गया। इस वजह से बच्चों की हसरत नहीं पूरी हो सकी। मुसलमानों ने कोरोना वायरस के खात्मे और देश में अमन-चैन कायम रहने के लिए दुआएं मांगी।
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लोगों ने फोन से एक-दूसरे को बकरीद पर्व की मुबारकबाद दी। पर्व को लेकर पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। शहर के चौक स्थित जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना अब्दुल लतीफ ने कहा कि शासन की गाइडलाइन के अनुसार मस्जिदों में पांच लोगों ने ही बकरीद की नमाज अदा की। अधिकतर लोगों ने घरों में ही नमाज अदा की।