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Sultanpur News: संविदाकर्मियों के मानदेय भुगतान का मामला गरमाया
Wed, 04 Jun 2025 01:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Wed, 04 Jun 2025 01:06 AM IST
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सुल्तानपुर। बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ के तहत हब फॉर इन पावरमेंट में सात पदों पर भर्ती के लिए चयनित फर्म को सीडीओ ने अयोग्य करार दे दिया था। इसके चयन में जिला प्रोबेशन अधिकारी आरोपी पाए गए थे। इस मामले के बाद पूर्व में संविदा कर्मियों के मानदेय व अन्य भुगतान में की गई गड़बड़ी का मामला गरमा गया है।
भर्ती के मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी का वेतन रोके जाते ही कांग्रेस नेता वरुण मिश्र ने पूर्व की जांच के मामले में सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मुख्य विकास अधिकारी से जानकारी मांगी है। वरिष्ठ कोषाधिकारी अरविंद कुमार सिंह ने कांग्रेस नेता को सूचना भेजते हुए बताया कि प्रकरण की जांच करके वर्ष 2023 में जांच करके रिपोर्ट सीडीओ को भेजी गई थी।
बताया जा रहा है कि शिकायत पर संविदा कर्मियों के मानदेय व अन्य भुगतान में टीओ से कराई गई जांच में करीब ढाई लाख रुपये की गड़बड़ी मिली थी। इसके पहले तत्कालीन कोषाधिकारी की जांच में अनियमितता मिली थी। दोनों जांच रिपोर्ट महिला कल्याण निदेशालय भेज दी गई थी। भर्ती में अयोग्य फर्म के चयन के आरोप से घिरने के बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी वीपी वर्मा की मुश्किलें बढ़ती जा रहीं हैं।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी वीपी वर्मा ने बताया कि पूर्व का मामला शासन स्तर से निस्तारित हो चुका है। भर्ती के मामले में चयनित फर्म को हटाकर फिर से दूसरी फर्म से भर्ती की जा रही है।
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भर्ती के मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी का वेतन रोके जाते ही कांग्रेस नेता वरुण मिश्र ने पूर्व की जांच के मामले में सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मुख्य विकास अधिकारी से जानकारी मांगी है। वरिष्ठ कोषाधिकारी अरविंद कुमार सिंह ने कांग्रेस नेता को सूचना भेजते हुए बताया कि प्रकरण की जांच करके वर्ष 2023 में जांच करके रिपोर्ट सीडीओ को भेजी गई थी।
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बताया जा रहा है कि शिकायत पर संविदा कर्मियों के मानदेय व अन्य भुगतान में टीओ से कराई गई जांच में करीब ढाई लाख रुपये की गड़बड़ी मिली थी। इसके पहले तत्कालीन कोषाधिकारी की जांच में अनियमितता मिली थी। दोनों जांच रिपोर्ट महिला कल्याण निदेशालय भेज दी गई थी। भर्ती में अयोग्य फर्म के चयन के आरोप से घिरने के बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी वीपी वर्मा की मुश्किलें बढ़ती जा रहीं हैं।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी वीपी वर्मा ने बताया कि पूर्व का मामला शासन स्तर से निस्तारित हो चुका है। भर्ती के मामले में चयनित फर्म को हटाकर फिर से दूसरी फर्म से भर्ती की जा रही है।