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नगर कोतवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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सुल्तानपुर। पॉक्सो एक्ट के मुकदमे की विवेचना में लापरवाही करना नगर कोतवाल को भारी पड़ गया है। पॉक्सो एक्ट की विशेष कोर्ट के न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा ने बुधवार को कड़ा रुख अख्तियार करते हुए नगर कोतवाल राम आशीष उपाध्याय के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस एक्ट के तहत कोर्ट में मुकदमा (प्रकीर्ण वाद) दर्ज करा दिया है। कोर्ट ने नगर कोतवाल की अदालत में हाजिरी के लिए समन जारी करने का आदेश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 23 मई को होगी। मामला कोतवाली नगर से जुड़ा है।
कोतवाली नगर क्षेत्र के मोहल्ले की एक महिला ने अजय जायसवाल समेत कई आरोपियों के खिलाफ घर में घुसकर छेड़छाड़ करने, चोरी करने, अपमानित करने व मारपीट करने का आरोप लगाते हुए पिछले वर्ष मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की विवेचना पहले सीताकुंड चौकी प्रभारी कमलेश यादव कर रहे थे। बाद में कोर्ट के निष्पक्ष विवेचना के आदेश पर विवेचना नगर कोतवाल राम आशीष उपाध्याय ने स्वयं की थी।
आरोप है कि कोतवाल ने विवेचना में न तो घटनास्थल की नक्शा नजरी बनाई और न ही पीड़ित का सही बयान ही दर्ज किया था। विवेचना की वीडियो रिकॉर्डिंग भी नहीं कराई गई थी। कोर्ट ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए नगर कोतवाल को तलब कर जवाब मांगा था। कोतवाल ने अदालत में दिए गए जवाब में कहा था कि उन्होंने विवेचना में कोई लापरवाही नहीं की है। उन्होंने मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाने की जानकारी कोर्ट को दी थी।
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स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पवन कुमार शर्मा ने बुधवार को नगर कोतवाल के जवाब से असंतुष्ट होते हुए उनका जवाब खारिज कर दिया। न्यायाधीश ने कड़ा रुख अपनाते हुए नगर कोतवाल राम आशीष उपाध्याय के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस एक्ट के तहत कोर्ट में मुकदमा (प्रकीर्ण वाद) दर्ज करा दिया है। कोर्ट ने नगर कोतवाल की अदालत में हाजिरी के लिए समन जारी करने का आदेश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 23 मई को होगी।
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कोतवाली नगर क्षेत्र के मोहल्ले की एक महिला ने अजय जायसवाल समेत कई आरोपियों के खिलाफ घर में घुसकर छेड़छाड़ करने, चोरी करने, अपमानित करने व मारपीट करने का आरोप लगाते हुए पिछले वर्ष मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की विवेचना पहले सीताकुंड चौकी प्रभारी कमलेश यादव कर रहे थे। बाद में कोर्ट के निष्पक्ष विवेचना के आदेश पर विवेचना नगर कोतवाल राम आशीष उपाध्याय ने स्वयं की थी।
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आरोप है कि कोतवाल ने विवेचना में न तो घटनास्थल की नक्शा नजरी बनाई और न ही पीड़ित का सही बयान ही दर्ज किया था। विवेचना की वीडियो रिकॉर्डिंग भी नहीं कराई गई थी। कोर्ट ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए नगर कोतवाल को तलब कर जवाब मांगा था। कोतवाल ने अदालत में दिए गए जवाब में कहा था कि उन्होंने विवेचना में कोई लापरवाही नहीं की है। उन्होंने मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाने की जानकारी कोर्ट को दी थी।
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स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पवन कुमार शर्मा ने बुधवार को नगर कोतवाल के जवाब से असंतुष्ट होते हुए उनका जवाब खारिज कर दिया। न्यायाधीश ने कड़ा रुख अपनाते हुए नगर कोतवाल राम आशीष उपाध्याय के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस एक्ट के तहत कोर्ट में मुकदमा (प्रकीर्ण वाद) दर्ज करा दिया है। कोर्ट ने नगर कोतवाल की अदालत में हाजिरी के लिए समन जारी करने का आदेश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 23 मई को होगी।