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Sultanpur News: कागजों में ही साफ हुई नहरे, किसान परेशान
Sat, 07 Dec 2024 12:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 07 Dec 2024 12:48 AM IST
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नहर में जमा सिल्ट
बंधुआकलां (सुल्तानपुर)। क्षेत्र से होकर गुजरने वाली जौनपुर ब्रांच नहर से निकली माइनरों की सिल्ट सफाई के नाम पर कागजी कोरम पूरा किया जा रहा है। खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए प्रतिवर्ष लाखों खर्च कर सिंचाई विभाग माइनरों की सफाई करवाता है। ठेकेदार सिल्ट निकालने के बदले जेसीबी के बकेट से माइनरों के अंदर ही उलट-पुलट कर सफाई का झूठा दावा कर के विभाग से भुगतान ले रहे हैं।
जौनपुर ब्रांच नहर खंड-49 से निकली माइनरों की सिल्ट सफाई में हो रही अनियमितता से विभाग अनजान बना हुआ है। विकास खंड दूबेपुर की खलेसरपुर फाटक संख्या-97 से निकली 3़ 7 किमी लंबी त्रिलोकपुर माइनर व 6़ 5 किमी लंबी सुल्तानपुर माइनर की सिल्ट सफाई के लिए क्रमश: एक लाख व 2़ 20 लाख का टेंडर हुआ है। सिल्ट सफाई कर रही जेसीबी के चालक की लापरवाही से सुल्तानपुर माइनर के हेड पर बनी पुलिया टूट गई। किसानों ने इसकी सूचना इसौली विधायक ताहिर खान को दी थी। उन्होंने मौके पर जाकर मुआयना किया था।
इन गांवों को मिलता है फायदा
सुल्तानपुर माइनर से हरखी दौलतपुर, पिकौरा, बंधुआ, वादी का पुरवा, खलेसरपुर, दादूपुर, छरौली व रामापुर के सैकड़ों किसान अपने खेतों की सिंचाई करते हैं। त्रिलोकपुर माइनर का फायदा कचनांवा, जनापुर, पलिया, तिवारी का पुरवा आदि गांव के किसानों को मिलता है।
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पटरियों पर ही गाद का लगा दिया टीला
विभागीय निर्देशानुसार माइनरों में हेड से टेल की तरफ खुदाई की जानी चाहिए। माइनर की गाद व मिट्टी को पटरी पर रखकर बराबर कर देना चाहिए, ताकि आवागमन में कोई समस्या न हो। इसके उलट ठेकेदार ने खेत की तरफ सिल्ट का टीला लगा दिया है। माइनर में पानी आने पर सिल्ट दोबारा माइनर में पहुंच जाएगी। इसी तरह से माइनर में भी खुदाई करके अधिकांश जगहों पर मिट्टी को वहीं छोड़ दिया जा रहा है।
काम करने पर ही किया जाएगा भुगतान
सिंचाई खंड के एसडीओ अरुण कुमार ने बताया कि किसानों की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए ठेकेदार से दोबारा मानक के अनुरूप सिल्ट सफाई का कार्य कराया जा रहा है। मानक के अनुरूप होने पर ही ठेकेदार को भुगतान किया जाएगा।
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जौनपुर ब्रांच नहर खंड-49 से निकली माइनरों की सिल्ट सफाई में हो रही अनियमितता से विभाग अनजान बना हुआ है। विकास खंड दूबेपुर की खलेसरपुर फाटक संख्या-97 से निकली 3़ 7 किमी लंबी त्रिलोकपुर माइनर व 6़ 5 किमी लंबी सुल्तानपुर माइनर की सिल्ट सफाई के लिए क्रमश: एक लाख व 2़ 20 लाख का टेंडर हुआ है। सिल्ट सफाई कर रही जेसीबी के चालक की लापरवाही से सुल्तानपुर माइनर के हेड पर बनी पुलिया टूट गई। किसानों ने इसकी सूचना इसौली विधायक ताहिर खान को दी थी। उन्होंने मौके पर जाकर मुआयना किया था।
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इन गांवों को मिलता है फायदा
सुल्तानपुर माइनर से हरखी दौलतपुर, पिकौरा, बंधुआ, वादी का पुरवा, खलेसरपुर, दादूपुर, छरौली व रामापुर के सैकड़ों किसान अपने खेतों की सिंचाई करते हैं। त्रिलोकपुर माइनर का फायदा कचनांवा, जनापुर, पलिया, तिवारी का पुरवा आदि गांव के किसानों को मिलता है।
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पटरियों पर ही गाद का लगा दिया टीला
विभागीय निर्देशानुसार माइनरों में हेड से टेल की तरफ खुदाई की जानी चाहिए। माइनर की गाद व मिट्टी को पटरी पर रखकर बराबर कर देना चाहिए, ताकि आवागमन में कोई समस्या न हो। इसके उलट ठेकेदार ने खेत की तरफ सिल्ट का टीला लगा दिया है। माइनर में पानी आने पर सिल्ट दोबारा माइनर में पहुंच जाएगी। इसी तरह से माइनर में भी खुदाई करके अधिकांश जगहों पर मिट्टी को वहीं छोड़ दिया जा रहा है।
काम करने पर ही किया जाएगा भुगतान
सिंचाई खंड के एसडीओ अरुण कुमार ने बताया कि किसानों की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए ठेकेदार से दोबारा मानक के अनुरूप सिल्ट सफाई का कार्य कराया जा रहा है। मानक के अनुरूप होने पर ही ठेकेदार को भुगतान किया जाएगा।