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नहर कटने से 50 बीघे से अधिक फसल डूबी
Amarujala Bureau
Updated Tue, 17 Oct 2017 10:18 PM IST
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लोगों को परेशानी
- फोटो : अमर उजाला
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लंभुआ तहसील क्षेत्र से गुजरी सिंचाई खंड की चांदा रजबहा से कई गांवों के किसान खेतों की सिंचाई करते हैं। खरीफ की फसल की सिंचाई के लिए मौजूदा समय में रोस्टर के मुताबिक रजबहा का संचालन किया जा रहा है। मंगलवार को दोपहर 12 बजे क्षेत्र के मुरली गांव के पास नहर की पटरी अचानक कट गई। नहर कटान का पता चलते ही किसानों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते मुरली व आस-पास के गांव के किसान कटान स्थल पर पहुंच गए।
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किसानों ने नहर कटान की जानकारी सिंचाई खंड के अधिकारियों को दी। नहर का पानी सीधे आस-पास स्थित खेतों में जा रहा था। पानी का प्रवाह तेज होने की वजह से करीब 50 बीघे धान की फसल जलमग्न हो गई। ग्रामीणों की सूचना के करीब एक घंटे बाद सिंचाई खंड के अधिकारी मौके पर पहुंचे। हेड से पानी बंद करवाने के लिए उच्चाधिकारियों को भी घटना से अवगत कराया गया। कटान स्थल पर बांध बनाने के लिए जेसीबी मंगवाई गई। घंटों की मशक्कत के बाद देर शाम तक पानी के बहाव पर काबू पाने का प्रयास जारी रहा।
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नहर के पानी से बृजेश मिश्र, उदय प्रताप सिंह, राम प्रताप सिंह, हरेंद्र मिश्र समेत अन्य कई किसानों की करीब 50 बीघे फसल जलमग्न हो गई है। किसानों के मुताबिक नहर की कटान से लगभग दो लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब विभागीय अधिकारियों ने फोन नहीं रिसीव किया तो मामले की जानकारी जिलाधिकारी को दी गई।
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सिंचाई खंड के सहायक अभियंता आरसी वर्मा ने बताया कि कुछ स्थानीय लोग पटरी में पाइप लगाकर खेतोें की सिंचाई करते हैं। इसी वजह से कटान हुई है। फिलहाल कटान पर काबू के लिए जेसीबी मंगवाई गई है। संबंधित क्षेत्र के अवर अभियंता से जांच रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।