{"_id":"6ac2a129cad2dad0aa051d14","slug":"bus-carrying-55-pilgrims-breaks-down-passengers-spend-the-night-on-the-road-sultanpur-news-c-103-1-ame1010-166433-2026-10-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: 55 तीर्थ यात्रियों से भरी बस खराब, सड़क पर गुजारी रात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: 55 तीर्थ यात्रियों से भरी बस खराब, सड़क पर गुजारी रात
Mon, 05 Oct 2026 12:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Mon, 05 Oct 2026 12:25 AM IST
विज्ञापन
भदैंया के लोहरामऊ के पास बस खराब होने से डिवाइडर पर आराम करते तीर्थयात्री। स्रोत-ग्रामीण
भदैंया। सुल्तानपुर-वाराणसी फोरलेन हाईवे पर लोहरामऊ गांव के पास शनिवार देर रात गया जा रही 55 तीर्थयात्रियों की एक बस खराब हो गई। जिससे सभी यात्रियों को सड़क पर ही रात बितानी पड़ी। रविवार अपराह्न करीब चार बजे बस ठीक होने के बाद गंतव्य को रवाना हुई।
बस चालक हरिरतन सेठ ने बताया कि बस का बेल्ट टूट गया था। यात्रियों को काफी परेशानी हुई। सड़क पर हादसे का खतरा भी बना रहा। सुबह होने पर यात्रियों ने सड़क किनारे खुली दुकानों से चाय-नाश्ता किया। दमोह के बाबरिया गांव निवासी लक्ष्मण सिंह, मुनिराज, बब्बन सिंह, केतकी देवी, मानसिंह, हल्के भाई और भगवान सिंह ने बताया कि वे एक अक्तूबर को पूर्वजों का श्राद्ध करने निकले थे।
वे प्रयागराज और अयोध्या होते हुए वाराणसी जा रहे थे, जहां से गया में पिंडदान करेंगे। बस खराब होने से उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को रात सड़क पर गुजारनी पड़ी। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
बस चालक हरिरतन सेठ ने बताया कि बस का बेल्ट टूट गया था। यात्रियों को काफी परेशानी हुई। सड़क पर हादसे का खतरा भी बना रहा। सुबह होने पर यात्रियों ने सड़क किनारे खुली दुकानों से चाय-नाश्ता किया। दमोह के बाबरिया गांव निवासी लक्ष्मण सिंह, मुनिराज, बब्बन सिंह, केतकी देवी, मानसिंह, हल्के भाई और भगवान सिंह ने बताया कि वे एक अक्तूबर को पूर्वजों का श्राद्ध करने निकले थे।
विज्ञापन
वे प्रयागराज और अयोध्या होते हुए वाराणसी जा रहे थे, जहां से गया में पिंडदान करेंगे। बस खराब होने से उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को रात सड़क पर गुजारनी पड़ी। संवाद
विज्ञापन