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Sultanpur News: असम से पैतृक गांव पहुंचा बीएसएफ जवान का शव, उमड़ा हुजूम
Sun, 03 Nov 2024 02:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 03 Nov 2024 02:43 AM IST
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बीएसएफ जवान का शव पहुंचने पर विलाप करते परिजन
भदैंया (सुल्तानपुर)। असम में सीमा सुरक्षा बल के दरोगा की अचानक तबीयत खराब होने से बुधवार को मौत हो गई थी। उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार को सेना के वाहन से हनुमानगंज गांव पहुंचा तो अंतिम दर्शन करने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। मृतक जवान के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के हनुमानगंज निवासी संजय कुमार तिवारी (45) असम में बीएसएफ में दरोगा के पद पर तैनात थे। बुधवार को बैरक में अचानक संजय तिवारी की तबीयत खराब हो गई। साथी जवान उन्हें लेकर निकट अस्पताल पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे संजय का पार्थिव शरीर लेकर बीएसएफ वाहन से उनके आवास पर लाया गया। संजय तिवारी के पिता सहजराम सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। वह तीन भाइयों मे सबसे छोटे थे। उनके बड़े भाई विजय प्रकाश तिवारी भी बीएसएफ से सेवानिवृत्त हैं। मझला भाई पूना में हैं। संजय के एक पुत्र मनीष त्रिपाठी व एक पुत्री शालिनी त्रिपाठी हैं। शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के साथ वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर ले जाया गया। जहां पर देर शाम शव का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
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कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के हनुमानगंज निवासी संजय कुमार तिवारी (45) असम में बीएसएफ में दरोगा के पद पर तैनात थे। बुधवार को बैरक में अचानक संजय तिवारी की तबीयत खराब हो गई। साथी जवान उन्हें लेकर निकट अस्पताल पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे संजय का पार्थिव शरीर लेकर बीएसएफ वाहन से उनके आवास पर लाया गया। संजय तिवारी के पिता सहजराम सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। वह तीन भाइयों मे सबसे छोटे थे। उनके बड़े भाई विजय प्रकाश तिवारी भी बीएसएफ से सेवानिवृत्त हैं। मझला भाई पूना में हैं। संजय के एक पुत्र मनीष त्रिपाठी व एक पुत्री शालिनी त्रिपाठी हैं। शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के साथ वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर ले जाया गया। जहां पर देर शाम शव का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
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