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Sultanpur News: हत्या के दोषी सगे भाई और पिता को उम्रकैद
Wed, 28 Jan 2026 12:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Wed, 28 Jan 2026 12:19 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सुल्तानपुर। हत्या और जानलेवा हमले सहित अन्य आरोपों से जुड़े करीब पांच साल पुराने मामले में एडीजे तृतीय निशा सिंह की अदालत ने पांच दिन पूर्व दोषी ठहराए गए दो सगे भाई व पिता की सजा के बिंदु पर मंगलवार को फैसला सुनाया। अदालत ने तीनों दोषियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही कुल 45 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
चांदा थाने के फरमापुर निवासी शालिनी शुक्ला ने नौ सितंबर 2020 की घटना बताते हुए स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। वादिनी ने गांव के ही आरोपी हरिश्चंद खरवार और उनके पुत्र विकास खरवार, विशाल खरवार व तीसरे बाल अपचारी पुत्र के खिलाफ अपने चाचा अनूप शुक्ल की हत्या और अपने पिता अमित शुक्ल को गंभीर चोट पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोप के मुताबिक वादिनी के चाचा अनूप शुक्ल गांव स्थित एक दुकान पर कुछ सामान लाने गए थे। आरोपी हरिश्चंद ने उनसे विवाद शुरू कर दिया। इसके बाद हरिश्चंद व उनके तीनों पुत्रों ने अनूप शुक्ल पर हमला बोल दिया और उन्हें गंभीर चोटें पहुंचाई। आवाज सुनकर अमित शुक्ल बीच-बचाव के लिए पहुंचे तो आरोपियों ने उन पर भी हमला किया। घटना में अनूप शुक्ल की मौत हो गई थी, जबकि अमित शुक्ल मरणासन्न हो गए। इस मामले में बाल अपचारी के खिलाफ किशोर न्यायालय में ट्रायल चल रहा है, जबकि शेष तीनों आरोपियों के खिलाफ एडीजे कोर्ट में विचारण चला।
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अदालत ने गत बृहस्पतिवार को तीनों दोषियों को हत्या समेत अन्य धाराओं में दोषी ठहराते हुए उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया था।
आरोप के मुताबिक वादिनी के चाचा अनूप शुक्ल गांव स्थित एक दुकान पर कुछ सामान लाने गए थे। आरोपी हरिश्चंद ने उनसे विवाद शुरू कर दिया। हरिश्चंद व उनके तीनों पुत्रों ने अनूप शुक्ल पर हमला बोल दिया। अमित शुक्ल बीच-बचाव के लिए पहुंचे तो आरोपियों ने उन पर भी हमला किया।
घटना में अनूप शुक्ल की मौत हो गई थी, जबकि अमित शुक्ल मरणासन्न हो गए। अदालत ने गत बृहस्पतिवार को तीनों दोषियों को हत्या समेत अन्य धाराओं में दोषी ठहराते हुए उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया था।
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सुल्तानपुर। हत्या और जानलेवा हमले सहित अन्य आरोपों से जुड़े करीब पांच साल पुराने मामले में एडीजे तृतीय निशा सिंह की अदालत ने पांच दिन पूर्व दोषी ठहराए गए दो सगे भाई व पिता की सजा के बिंदु पर मंगलवार को फैसला सुनाया। अदालत ने तीनों दोषियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही कुल 45 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
चांदा थाने के फरमापुर निवासी शालिनी शुक्ला ने नौ सितंबर 2020 की घटना बताते हुए स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। वादिनी ने गांव के ही आरोपी हरिश्चंद खरवार और उनके पुत्र विकास खरवार, विशाल खरवार व तीसरे बाल अपचारी पुत्र के खिलाफ अपने चाचा अनूप शुक्ल की हत्या और अपने पिता अमित शुक्ल को गंभीर चोट पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था।
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आरोप के मुताबिक वादिनी के चाचा अनूप शुक्ल गांव स्थित एक दुकान पर कुछ सामान लाने गए थे। आरोपी हरिश्चंद ने उनसे विवाद शुरू कर दिया। इसके बाद हरिश्चंद व उनके तीनों पुत्रों ने अनूप शुक्ल पर हमला बोल दिया और उन्हें गंभीर चोटें पहुंचाई। आवाज सुनकर अमित शुक्ल बीच-बचाव के लिए पहुंचे तो आरोपियों ने उन पर भी हमला किया। घटना में अनूप शुक्ल की मौत हो गई थी, जबकि अमित शुक्ल मरणासन्न हो गए। इस मामले में बाल अपचारी के खिलाफ किशोर न्यायालय में ट्रायल चल रहा है, जबकि शेष तीनों आरोपियों के खिलाफ एडीजे कोर्ट में विचारण चला।
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अदालत ने गत बृहस्पतिवार को तीनों दोषियों को हत्या समेत अन्य धाराओं में दोषी ठहराते हुए उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया था।
आरोप के मुताबिक वादिनी के चाचा अनूप शुक्ल गांव स्थित एक दुकान पर कुछ सामान लाने गए थे। आरोपी हरिश्चंद ने उनसे विवाद शुरू कर दिया। हरिश्चंद व उनके तीनों पुत्रों ने अनूप शुक्ल पर हमला बोल दिया। अमित शुक्ल बीच-बचाव के लिए पहुंचे तो आरोपियों ने उन पर भी हमला किया।
घटना में अनूप शुक्ल की मौत हो गई थी, जबकि अमित शुक्ल मरणासन्न हो गए। अदालत ने गत बृहस्पतिवार को तीनों दोषियों को हत्या समेत अन्य धाराओं में दोषी ठहराते हुए उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया था।