{"_id":"68dc2830f768873cbe0617fa","slug":"body-of-old-woman-missing-for-four-days-found-in-well-sultanpur-news-c-96-1-ame1002-149544-2025-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: चार दिन से लापता वृद्धा का कुएं में मिला शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: चार दिन से लापता वृद्धा का कुएं में मिला शव
Wed, 01 Oct 2025 12:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Wed, 01 Oct 2025 12:27 AM IST
विज्ञापन
अमेठी सिटी। गौरीगंज के भगुवापुर मजरे सराय भागमानी निवासी हलबला (75) का शव सोमवार शाम गांव के सीवान स्थित कुएं में मिला। चार दिन से लापता वृद्धा का शव मिलने से गांव में सनसनी फैल गई। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया और अंतिम संस्कार कर दिया।
रामलौट ने बताया कि उनकी मां हलबला 26 सितंबर को अचानक घर से लापता हो गई थीं। काफी खोजबीन के बाद भी जब पता नहीं चला तो 27 सितंबर को गौरीगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे। सोमवार देर शाम गांव के एक व्यक्ति ने घर से लगभग 500 मीटर दूर स्थित कुएं में शव देखा। शव को कुएं से बाहर निकाला गया, जिसकी पहचान हलबला के रूप में हुई। बताया गया कि हलबला बुजुर्ग होने के साथ ही मानसिक रूप से अस्वस्थ भी थीं।
इंस्पेक्टर श्याम नारायण पांडेय ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम से इन्कार कर दिया, जिसके बाद पंचायतनामा कर शव परिवार को सौंप दिया गया। हलबला की मौत से बेटों छेदीलाल, द्वारिका प्रसाद और रामलौट का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रामलौट ने बताया कि उनकी मां हलबला 26 सितंबर को अचानक घर से लापता हो गई थीं। काफी खोजबीन के बाद भी जब पता नहीं चला तो 27 सितंबर को गौरीगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे। सोमवार देर शाम गांव के एक व्यक्ति ने घर से लगभग 500 मीटर दूर स्थित कुएं में शव देखा। शव को कुएं से बाहर निकाला गया, जिसकी पहचान हलबला के रूप में हुई। बताया गया कि हलबला बुजुर्ग होने के साथ ही मानसिक रूप से अस्वस्थ भी थीं।
विज्ञापन
इंस्पेक्टर श्याम नारायण पांडेय ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम से इन्कार कर दिया, जिसके बाद पंचायतनामा कर शव परिवार को सौंप दिया गया। हलबला की मौत से बेटों छेदीलाल, द्वारिका प्रसाद और रामलौट का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन