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दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
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सुल्तानपुर। शादी का झांसा देकर युवती के साथ दुष्कर्म करने और अश्लील फोटो व वीडियो वायरल करने की धमकी देने के मामले में जेल में निरुद्घ आरोपी को कोर्ट से जमानत नहीं मिल पाई है। एडीजे चतुर्थ राजेश नारायण मणि त्रिपाठी ने अपराध गंभीर मानते हुए बृहस्पतिवार को आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। मामला जयसिंहपुर कोतवाली से जुड़ा है।
जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की युवती ने इसी कोतवाली क्षेत्र के सेवतरी गांव निवासी मोनू जायसवाल के खिलाफ पिछली 31 मई को दुष्कर्म करने, धमकी देने के साथ ही आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। युवती का कहना है कि करीब तीन साल पूर्व उसकी पहचान आरोपी मोनू जायसवाल से हुई थी। आरोप है कि शादी का झांसा देकर आरोपी मोनू जायसवाल ने युवती के साथ दुष्कर्म किया था।
आरोप है कि युवती की अश्लील फोटो व वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी भी आरोपी मोनू जायसवाल ने दी थी। आरोपी पिछले दिनों से जेल में निरुद्घ है। उसकी जमानत अर्जी पर बृहस्पतिवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। जमानत अर्जी का विरोध करते हुए सरकारी वकील विजय शंकर शुक्ल ने कहा कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर युवती के साथ दुष्कर्म करके गंभीर अपराध किया है।
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एडीजे चतुर्थ राजेश नारायण मणि त्रिपाठी ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपराध गंभीर मानते हुए आरोपी मोनू जायसवाल की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की युवती ने इसी कोतवाली क्षेत्र के सेवतरी गांव निवासी मोनू जायसवाल के खिलाफ पिछली 31 मई को दुष्कर्म करने, धमकी देने के साथ ही आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। युवती का कहना है कि करीब तीन साल पूर्व उसकी पहचान आरोपी मोनू जायसवाल से हुई थी। आरोप है कि शादी का झांसा देकर आरोपी मोनू जायसवाल ने युवती के साथ दुष्कर्म किया था।
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आरोप है कि युवती की अश्लील फोटो व वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी भी आरोपी मोनू जायसवाल ने दी थी। आरोपी पिछले दिनों से जेल में निरुद्घ है। उसकी जमानत अर्जी पर बृहस्पतिवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। जमानत अर्जी का विरोध करते हुए सरकारी वकील विजय शंकर शुक्ल ने कहा कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर युवती के साथ दुष्कर्म करके गंभीर अपराध किया है।
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एडीजे चतुर्थ राजेश नारायण मणि त्रिपाठी ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपराध गंभीर मानते हुए आरोपी मोनू जायसवाल की जमानत अर्जी खारिज कर दी।