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Sultanpur News: एक्सईएन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी
Tue, 18 Feb 2025 12:24 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 18 Feb 2025 12:24 AM IST
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सुल्तानपुर। बकाये बिल को संशोधित करने के आदेश का पालन न करने पर जिला उपभोक्ता आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता प्रथम (एक्सईएन) पवन कुमार के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। आयोग ने गिरफ्तारी वारंट को तामील कराने के लिए एसपी के पास भेजा है। मामले में अगली सुनवाई 11 अप्रैल को होगी।
कोतवाली नगर क्षेत्र के गोलाघाट मोहल्ले के निवासी विनोद पांडेय व सुल्तानपुर हाॅस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर के डॉ. पीके पांडेय ने वर्ष 2017 में उप्र पावर कारपोरेशन शक्ति भवन लखनऊ के चेयरमैन और जिले के अधिशासी अभियंता प्रथम के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया था।
आरोप है कि विद्युत निगम की ओर से बकाया बिल बढ़ाकर 32,01,255 रुपये परिवादी के पास भेज दिया गया था। परिवादी ने बिल संशोधित करने की मांग की लेकिन विद्युत निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की। 20 मार्च 2021 को जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष रामलखन सिंह चंद्रौल, सदस्य भारत भूषण तिवारी व पुष्पा सिंह ने विद्युत निगम को एक माह में परिवादी के बिल को संशोधित करने और संशोधित बिल को आसान किस्तों में जमा करने का अवसर प्रदान करने का आदेश दिया था।
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विद्युत निगम ने आदेश का पालन नहीं किया तो परिवादी ने दोबारा जिला उपभोक्ता आयोग की शरण ली।
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कोतवाली नगर क्षेत्र के गोलाघाट मोहल्ले के निवासी विनोद पांडेय व सुल्तानपुर हाॅस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर के डॉ. पीके पांडेय ने वर्ष 2017 में उप्र पावर कारपोरेशन शक्ति भवन लखनऊ के चेयरमैन और जिले के अधिशासी अभियंता प्रथम के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया था।
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आरोप है कि विद्युत निगम की ओर से बकाया बिल बढ़ाकर 32,01,255 रुपये परिवादी के पास भेज दिया गया था। परिवादी ने बिल संशोधित करने की मांग की लेकिन विद्युत निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की। 20 मार्च 2021 को जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष रामलखन सिंह चंद्रौल, सदस्य भारत भूषण तिवारी व पुष्पा सिंह ने विद्युत निगम को एक माह में परिवादी के बिल को संशोधित करने और संशोधित बिल को आसान किस्तों में जमा करने का अवसर प्रदान करने का आदेश दिया था।
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विद्युत निगम ने आदेश का पालन नहीं किया तो परिवादी ने दोबारा जिला उपभोक्ता आयोग की शरण ली।