{"_id":"51a137fcdcecac12f7d46f50acefa6bb","slug":"archana-express-train-burning-be-avoided-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बर्निंग ट्रेन बनने से बची अर्चना एक्सप्रेस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बर्निंग ट्रेन बनने से बची अर्चना एक्सप्रेस
सुल्तानपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 26 Dec 2015 11:06 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्टेशन मास्टर की सतर्कता से बृहस्पतिवार देर रात अर्चना एक्सप्रेस बर्निंग ट्रेन बनने से बच गई। ट्रेन को आउटर पर रोककर रेल कर्मियों ने अग्निशमन यंत्र से इंजन में लगी आग पर काबू पा लिया।
जम्मू से राजेंद्र नगर (पटना) जाने वाली 12356 अर्चना एक्सप्रेस बृहस्पतिवार रात 11:19 बजे गौरीगंज रेलवे स्टेशन से गुजर रही थी। अचानक स्टेशन मास्टर पंकज सिंह की नजर ट्रेन के इंजन पर पड़ी। इंजन से चिन्गारी निकल रही थी।
तत्काल स्टेशन मास्टर ने ट्रेन के चालक केएस सिद्दीकी को सूचना दी। इस पर चालक ने ट्रेन रोक दी। ट्रेन को गौरीगंज रेलवे स्टेशन के आउटर पर रोका गया। स्टेशन पर मौजूद कर्मचारी अग्निशमन यंत्रों को लेकर वहां पहुंचे और इंजन से उठ रही चिन्गारी को बुझा दिया। जांच के बाद पता चला कि इंजन में शॉर्ट सर्किट हो रहा था।
विज्ञापन
आग बुझने के 46 मिनट बाद 12:05 बजे ट्रेन को अमेठी के लिए रवाना किया गया। इस दौरान ट्रेन में सवार यात्रियों में अफरातफरी मची रही।
विज्ञापन
जम्मू से राजेंद्र नगर (पटना) जाने वाली 12356 अर्चना एक्सप्रेस बृहस्पतिवार रात 11:19 बजे गौरीगंज रेलवे स्टेशन से गुजर रही थी। अचानक स्टेशन मास्टर पंकज सिंह की नजर ट्रेन के इंजन पर पड़ी। इंजन से चिन्गारी निकल रही थी।
विज्ञापन
तत्काल स्टेशन मास्टर ने ट्रेन के चालक केएस सिद्दीकी को सूचना दी। इस पर चालक ने ट्रेन रोक दी। ट्रेन को गौरीगंज रेलवे स्टेशन के आउटर पर रोका गया। स्टेशन पर मौजूद कर्मचारी अग्निशमन यंत्रों को लेकर वहां पहुंचे और इंजन से उठ रही चिन्गारी को बुझा दिया। जांच के बाद पता चला कि इंजन में शॉर्ट सर्किट हो रहा था।
विज्ञापन
आग बुझने के 46 मिनट बाद 12:05 बजे ट्रेन को अमेठी के लिए रवाना किया गया। इस दौरान ट्रेन में सवार यात्रियों में अफरातफरी मची रही।